चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा निवासी डॉ. अनुज ने तीसरे प्रयास में हासिल की ऐतिहासिक सफलता, पहले से दिल्ली में एसडीएम के पद पर हैं नियुक्त
जयपुर, 06 मार्च। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित होते ही राजस्थान में खुशी और गर्व का माहौल छा गया। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा निवासी डॉ. अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया प्रथम स्थान प्राप्त कर पूरे राज्य का नाम देशभर में रोशन कर दिया। मेडिकल पृष्ठभूमि से आने वाले डॉ. अनुज की यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि वे पहले ही इस कठिन परीक्षा को उत्तीर्ण कर चुके हैं और वर्तमान में दिल्ली में उप जिला दंडाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
डॉ. अनुज अग्निहोत्री की सफलता की कहानी निरंतर मेहनत, अनुशासन और धैर्य का उदाहरण बनकर सामने आई है। वर्ष 2023 में उन्होंने अपने पहले प्रयास में ही सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर दिल्ली एवं केंद्र शासित प्रदेश सिविल सेवा में चयन प्राप्त किया था। इसके बाद उन्हें दिल्ली में उप जिला दंडाधिकारी के पद पर नियुक्ति मिली और उन्होंने दिसंबर 2024 में इस पद की जिम्मेदारी संभाली। प्रशासनिक सेवा में कार्य करते हुए भी उन्होंने अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा और दोबारा परीक्षा देने का निर्णय लिया। उनके इस प्रयास का परिणाम यह हुआ कि तीसरे प्रयास में उन्होंने पूरे देश में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया।
संघर्ष और निरंतर प्रयास से मिली सफलता
डॉ. अनुज ने बताया कि सिविल सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी एक लंबी और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया होती है। इस दौरान कई बार असफलता और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि दूसरे प्रयास में उन्होंने मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी, लेकिन साक्षात्कार चरण में चयन नहीं हो पाया। यह उनके लिए चुनौतीपूर्ण समय था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अगले प्रयास के लिए खुद को तैयार किया।
उनका मानना है कि इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन, निरंतर अभ्यास और धैर्य सबसे महत्वपूर्ण तत्व हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस बार सफलता नहीं मिलती, तो वे अगले प्रयास के लिए फिर से तैयारी करते। इस दृढ़ संकल्प और सकारात्मक सोच ने उन्हें देश में पहला स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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मेडिकल पृष्ठभूमि से प्रशासनिक सेवा तक का सफर
डॉ. अनुज अग्निहोत्री ने वर्ष 2023 में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान जोधपुर से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की। मेडिकल शिक्षा के दौरान भी वे अपनी प्रतिभा और मेहनत के लिए जाने जाते थे। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में उन्होंने देशभर में 215वीं रैंक प्राप्त की थी, जो उनकी शैक्षणिक क्षमता का प्रमाण है।
उनकी स्कूली शिक्षा रावतभाटा स्थित परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय से हुई। विद्यालयी शिक्षा के दौरान भी वे पढ़ाई में अत्यंत मेधावी रहे और बारहवीं कक्षा में उन्होंने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। शिक्षा के साथ-साथ वे खेल गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं और उन्हें टेबल टेनिस खेलना विशेष रूप से पसंद है।
परिवार का सहयोग बना सफलता की नींव
डॉ. अनुज की इस उपलब्धि के पीछे उनके परिवार का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है। उनके पिता केबी अग्निहोत्री राजस्थान परमाणु बिजलीघर की इकाइयों में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां मंजू अग्निहोत्री गृहिणी हैं।
पिता ने बेटे की इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे परिवार के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। उन्होंने बताया कि अनुज बचपन से ही मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहा है और उसने अपनी कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है।
मां मंजू अग्निहोत्री ने भी बेटे की सफलता पर भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा उसके खान-पान और पढ़ाई का विशेष ध्यान रखा। परिवार का विश्वास और सहयोग ही अनुज की सफलता का आधार बना।
साक्षात्कार में पूछे गए मेडिकल पृष्ठभूमि से जुड़े प्रश्न
डॉ. अनुज ने बताया कि साक्षात्कार के दौरान उनसे उनकी मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे गए। उन्होंने अपने अनुभव और अध्ययन के आधार पर सभी प्रश्नों के संतुलित और स्पष्ट उत्तर दिए।
उनके अनुसार साक्षात्कार केवल ज्ञान की परीक्षा नहीं होती, बल्कि यह उम्मीदवार की सोच, दृष्टिकोण और निर्णय क्षमता को परखने का माध्यम भी होता है। उन्होंने तैयारी के दौरान समसामयिक घटनाओं और प्रशासनिक विषयों पर विशेष ध्यान दिया, जिससे उन्हें साक्षात्कार में भी लाभ मिला।
राजस्थान के कई अन्य अभ्यर्थियों ने भी हासिल की सफलता
सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणामों में राजस्थान के कई अन्य प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों ने भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। बहरोड़ के तरुण कुमार यादव ने 49वीं रैंक हासिल की है। पिछले वर्ष उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा में हुआ था और अब वे भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हो सकेंगे।
इसी प्रकार बालोतरा के गौरव चौपड़ा ने 83वीं रैंक, बूंदी के सौरभ शर्मा ने 146वीं रैंक, तिजारा के निशांत यादव ने 237वीं रैंक और बालोतरा के जितेंद्र प्रजापति ने 287वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त पोकरण के प्रवीण दान रतनू ने 499वीं रैंक, सीकर के संजय कुमार ने 502वीं रैंक, जयपुर के संभव पाटनी ने 608वीं रैंक, तिजारा के बादल यादव ने 635वीं रैंक और दौसा के आशीष शर्मा ने 722वीं रैंक हासिल की है।
इन अभ्यर्थियों की सफलता ने प्रदेश के युवाओं को नई प्रेरणा दी है और यह दर्शाया है कि निरंतर प्रयास और सही दिशा में मेहनत करने से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
सिविल सेवा परीक्षा में कुल 180 अभ्यर्थियों का चयन
संघ लोक सेवा आयोग के अनुसार सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में कुल 180 अभ्यर्थियों का चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए किया गया है। देश की सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली इस परीक्षा में सफल होना स्वयं में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
डॉ. अनुज अग्निहोत्री की ऐतिहासिक उपलब्धि ने न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के युवाओं को प्रेरित किया है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियों और असफलताओं के बावजूद यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत बनी रहे, तो सफलता अवश्य मिलती है।
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