जैसलमेर में जैन समाज के कार्यक्रम में सरसंघचालक ने किया दर्शन-पूजन, दादा गुरुदेव की पावन चादर के अभिषेक में शामिल होंगे
जैसलमेर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत शुक्रवार को राजस्थान के जैसलमेर पहुंचे और यहां आयोजित जैन समाज के महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन चादर महोत्सव में भाग लिया। जैसलमेर पहुंचने के बाद वे ई-रिक्शा में बैठकर ऐतिहासिक सोनार दुर्ग पहुंचे, जहां उन्होंने पार्श्वनाथ जैन मंदिर में दर्शन-पूजन किया और जिनभद्र सूरी ज्ञान भंडार के साथ दादा गुरुदेव की पावन चादर के दर्शन किए।
जैसलमेर के ऐतिहासिक सोनार दुर्ग में उनका आगमन श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। इस अवसर पर जैन समाज के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। धार्मिक परंपराओं के अनुसार उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
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पार्श्वनाथ जैन मंदिर में किया दर्शन-पूजन
सोनार दुर्ग स्थित पार्श्वनाथ जैन मंदिर जैसलमेर का अत्यंत प्राचीन और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माना जाता है। इस मंदिर की स्थापत्य कला और धार्मिक महत्व के कारण देशभर से श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं। मोहन भागवत ने मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन कर जैन धर्म की परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
मंदिर परिसर में स्थित जिनभद्र सूरी ज्ञान भंडार का भी उन्होंने अवलोकन किया। यह स्थान प्राचीन जैन ग्रंथों और धार्मिक पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है। यहां मौजूद ऐतिहासिक ग्रंथ जैन धर्म की समृद्ध बौद्धिक और आध्यात्मिक परंपरा का प्रमाण माने जाते हैं।
दादा गुरुदेव की पावन चादर के किए दर्शन
मोहन भागवत ने मंदिर परिसर में रखी दादा गुरुदेव की पावन चादर के दर्शन भी किए। जैन समाज के लिए यह चादर अत्यंत पवित्र मानी जाती है और इससे जुड़ी धार्मिक परंपराएं सदियों पुरानी हैं। इस चादर के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इस बार आयोजित चादर महोत्सव विशेष महत्व रखता है, क्योंकि लगभग 871 वर्ष बाद दादा गुरुदेव की पावन चादर का विधिवत अभिषेक और दर्शन कराए जा रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर को देखने और इसमें भाग लेने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जैसलमेर पहुंचे हैं।
देदांसर मेला ग्राउंड में आयोजित हो रहा तीन दिवसीय महोत्सव
जैसलमेर में आयोजित यह चादर महोत्सव तीन दिनों तक चलेगा। इसका मुख्य आयोजन देदांसर मेला ग्राउंड में किया जा रहा है, जहां धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में मोहन भागवत विशेष रूप से शामिल होंगे। इस अवसर पर दादा गुरुदेव की स्मृति में एक स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट का लोकार्पण किया जाएगा। इसके साथ ही ‘दादा गुरुदेव’ नामक पुस्तक का भी विमोचन किया जाएगा।
इस आयोजन को जैन समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का भी प्रतिनिधित्व करता है।
देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
चादर महोत्सव को लेकर जैसलमेर में विशेष उत्साह का माहौल है। देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। धार्मिक अनुष्ठानों और दर्शन के लिए मंदिर परिसर तथा आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। आयोजन स्थल और मंदिर परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम में शामिल हो सकें।
जैसलमेर का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित कर रहा है। चादर महोत्सव के माध्यम से जैन समाज की परंपराएं, इतिहास और आध्यात्मिक धरोहर एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई हैं।
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