विहिप ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की, राष्ट्रविरोधी सोच पर उठाए गंभीर सवाल

नई दिल्ली, 06 जनवरी (हि.स.)। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित रूप से भड़काऊ नारेबाजी की घटना को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विहिप ने इस घटना को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह की गतिविधियां न केवल अनुशासनहीनता हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी खतरनाक संकेत हैं।

विहिप का सवाल: सोच कहां से आती है, मास्टरमाइंड कौन

विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि इस तरह की सोच आखिर कहां से आती है। उन्होंने सवाल उठाया कि इसके पीछे कौन लोग हैं, इसका संरक्षक कौन है और इसका मास्टरमाइंड कौन है। बंसल ने कहा कि केवल नारे लगाने वालों तक सीमित न रहकर, इसके पीछे की पूरी विचारधारा और नेटवर्क की गहन जांच की जानी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

उच्च शिक्षण संस्थानों को बदनाम करने की साजिश

विहिप प्रवक्ता ने कहा कि जेएनयू जैसे प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों को जानबूझकर बदनाम करने की कोशिशें लंबे समय से की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के मंदिरों में राष्ट्रविरोधी गतिविधियां किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हैं। ऐसे संस्थानों का उद्देश्य छात्रों को ज्ञान, संस्कार और जिम्मेदार नागरिक बनाना है, न कि उन्हें उकसावे और टकराव की राजनीति का केंद्र बनाना।

पुराने मामलों का हवाला, चेतावनी भी

विनोद बंसल ने कहा कि न्यायपालिका पहले ही शरजील इमाम और उमर खालिद जैसे मामलों में कड़ी टिप्पणियां कर चुकी है। उन्होंने अदालत के उस अवलोकन का उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि कुछ लोगों ने पूरे देश को जिहाद की आग में झोंकने की कोशिश की थी। बंसल ने कहा कि ये लोग पिछले पांच वर्षों से जेल में हैं और इससे दूसरों को सबक लेना चाहिए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।

विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की भूमिका

उल्लेखनीय है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के सुरक्षा विभाग ने इस मामले में दिल्ली पुलिस को औपचारिक शिकायत सौंपी है। यह घटना सोमवार रात की बताई जा रही है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं कि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है।

जांच और कार्रवाई की मांग तेज

विहिप ने मांग की है कि दिल्ली पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में त्वरित जांच कर दोषियों की पहचान करें और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं दिखाई गई, तो ऐसी घटनाएं अन्य शिक्षण संस्थानों में भी फैल सकती हैं, जिससे शैक्षणिक माहौल प्रभावित होगा।

व्यापक बहस का मुद्दा बना जेएनयू

इस घटना के बाद एक बार फिर जेएनयू में होने वाली गतिविधियों, अभिव्यक्ति की सीमाओं और राष्ट्रहित के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज हो गई है। जहां एक पक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहा है, वहीं विहिप और कई अन्य संगठनों का कहना है कि राष्ट्रविरोधी और भड़काऊ नारेबाजी को किसी भी तरह से अभिव्यक्ति की आजादी के दायरे में नहीं रखा जा सकता।

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