नागपुर एम्स में लंबे इलाज के बाद तोड़ा दम, जहरीले कफ सिरप कांड ने फिर झकझोर दिया प्रदेश
नागपुर एम्स में इलाज के दौरान मौत
बैतूल/भोपाल। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र में सामने आए जहरीले कोल्ड्रफ कफ सिरप कांड में एक और मासूम की मौत हो गई है। बैतूल जिले के हर्ष यदुवंशी (4) ने रविवार रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हर्ष का पिछले चार महीने से एम्स नागपुर में इलाज चल रहा था, जहां वह आईसीयू में भर्ती था और कोमा की हालत में जिंदगी की जंग लड़ रहा था। इस मौत के साथ ही प्रदेश में जहरीले कफ सिरप के सेवन से मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है।
चार महीने तक कोमा में रहा मासूम
परिजनों के अनुसार, हर्ष की हालत शुरुआत से ही बेहद नाजुक थी। नागपुर एम्स के डॉक्टरों ने बच्चे को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन लंबे इलाज और तमाम चिकित्सकीय कोशिशों के बावजूद उसकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। रविवार रात उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। आमला एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया ने बच्चे की मौत की पुष्टि की है।
सर्दी-खांसी के इलाज से शुरू हुआ दर्दनाक सिलसिला
जानकारी के मुताबिक, बैतूल जिले के टीकाबर्री निवासी गोकुल यदुवंशी अपने बेटे हर्ष को 1 अक्टूबर 2025 को सर्दी-खांसी की शिकायत पर छिंदवाड़ा जिले के परासिया में एक निजी क्लीनिक लेकर गए थे। वहां चिकित्सक द्वारा हर्ष को कोल्ड्रफ कफ सिरप दिया गया। सिरप पीने के कुछ समय बाद ही बच्चे की हालत बिगड़ने लगी। परिजन उसे गंभीर अवस्था में नागपुर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से बाद में उसे एम्स नागपुर रेफर किया गया।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद एम्स में भर्ती
जब छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले सामने आने लगे, तब प्रशासन हरकत में आया। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर हर्ष को निजी अस्पताल से निकालकर नागपुर एम्स में भर्ती कराया गया। तभी से वह लगातार आईसीयू में भर्ती था। डॉक्टरों ने शुरुआत में उसकी हालत नाजुक बताई थी, हालांकि बीच-बीच में हल्की रिकवरी के संकेत भी दिए गए थे, लेकिन अंततः मासूम की जान नहीं बच सकी।
कोल्ड्रफ कांड: कई परिवारों की उजड़ी खुशियां
गौरतलब है कि पिछले वर्ष सितंबर और अक्टूबर के दौरान कोल्ड्रफ कफ सिरप पीने के बाद कई बच्चों की किडनी खराब होने और उनकी मौत की घटनाएं सामने आई थीं। इस मामले ने पूरे प्रदेश को हिला दिया था। लगातार हो रही मौतों के बाद यह स्पष्ट हुआ कि कफ सिरप जहरीला था, जिसने मासूम बच्चों के शरीर पर घातक असर डाला।
सरकार की सख्त कार्रवाई, फिर भी सवाल बरकरार
लगातार मौतों के बाद प्रदेश सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कफ सिरप बनाने वाली तमिलनाडु की कंपनी, सिरप लिखने वाले चिकित्सकों और दवा दुकानदारों के खिलाफ कदम उठाए थे। इसके बावजूद अब भी यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई और मासूमों की जान क्यों गई। हर्ष की मौत ने एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था, दवा नियंत्रण और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
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