ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय आक्रोशित, भारत ने कड़ी कार्रवाई की मांग की
मेलबर्न में ऐतिहासिक प्रतिमा की चोरी
मेलबर्न। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा चोरी होने की घटना सामने आई है। करीब 426 किलोग्राम वजनी यह प्रतिमा ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर के बाहर स्थापित थी। जानकारी के अनुसार चोरों ने प्रतिमा को काटकर वहां से अलग किया और उसे अपने साथ ले गए। यह प्रतिमा भारतीय समुदाय के लिए केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और नैतिक मूल्यों का प्रतीक मानी जाती थी।
भारतीय समुदाय में आक्रोश और चिंता
इस घटना के सामने आते ही मेलबर्न और आसपास रहने वाले भारतीय समुदाय में गहरा आक्रोश और चिंता फैल गई। समुदाय के लोगों का कहना है कि यह प्रतिमा वर्षों से भारतीय संस्कृति और महात्मा गांधी के विचारों का प्रतीक रही है। यहां राष्ट्रीय पर्वों और सामाजिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते थे। ऐसे में प्रतिमा की चोरी को समुदाय अपनी भावनाओं और पहचान पर सीधा हमला मान रहा है।
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भारत सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया
भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय के अधिकारी और आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 3 फरवरी 2026 को मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत गांधी प्रतिमा के विनाश और चोरी की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कृत्य न केवल भारत के लिए, बल्कि उन सार्वभौमिक मूल्यों के लिए भी अपमानजनक है, जिनका प्रतिनिधित्व महात्मा गांधी करते हैं।
ऑस्ट्रेलियाई प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार से आग्रह किया है कि इस मामले की तत्काल और निष्पक्ष जांच कराई जाए, प्रतिमा को जल्द से जल्द बरामद किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। भारत सरकार इस प्रकरण पर लगातार नजर बनाए हुए है और ऑस्ट्रेलियाई प्रशासन के संपर्क में है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सार्वजनिक स्थलों पर लगी प्रतिमाओं और स्मारकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। भारतीय समुदाय के नेताओं का कहना है कि यदि समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो इससे बहुसांस्कृतिक समाज में असुरक्षा और अविश्वास की भावना बढ़ सकती है। समुदाय ने मांग की है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और सुरक्षा को और मजबूत किया जाए।
पुलिस जांच जारी, समुदाय को वापसी की उम्मीद
फिलहाल ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। भारतीय समुदाय को उम्मीद है कि दोषियों की जल्द पहचान होगी और प्रतिमा सुरक्षित वापस लाई जाएगी, ताकि महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के संदेश का सम्मान बना रहे।
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