टीम फर्स्ट का संदेश देता है वॉलीबॉल, एक साथ रहने और जीत साझा करने की सीख: पीएम मोदी
वाराणसी के सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में रविवार को खेल, संस्कृति और राष्ट्रभाव का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल रूप से किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं स्टेडियम में उपस्थित रहे। जैसे ही दोपहर करीब 12 बजे प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े, पूरा स्टेडियम हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा और काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा खेल के मैदान में भी स्पष्ट रूप से महसूस हुई।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत नम: पार्वती पतये हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ की और स्टेडियम में मौजूद खिलाड़ियों, उनके प्रशिक्षकों, आयोजकों और कार्यकर्ताओं का आत्मीय अभिवादन किया। उन्होंने काशी की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि बनारस को समझने के लिए बनारस आना पड़ता है और अब जब देशभर से आए खिलाड़ी यहां पहुंचे हैं, तो वे काशी की संस्कृति, परंपरा और यहां के लोगों के उत्साह को भी अनुभव करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी के दर्शक खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने वाले होते हैं और यहां खेलना अपने आप में एक विशेष अनुभव है।
आज पूर्वांचल समेत पूरे देश में खेलों को लेकर नया जोश है। अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट का उद्घाटन कर अत्यंत प्रसन्न हूं। https://t.co/AZ2Cecvttl
— Narendra Modi (@narendramodi) January 4, 2026
प्रधानमंत्री मोदी ने वॉलीबॉल को टीम भावना का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह खेल टीम फर्स्ट का संदेश देता है। वॉलीबॉल हमें सिखाता है कि कोई भी जीत अकेले की नहीं होती। मैदान पर हर खिलाड़ी अपनी व्यक्तिगत क्षमता के साथ-साथ टीम के लिए खेलता है और जब टीम जीतती है, तो उस जीत का आनंद सभी साझा करते हैं। उन्होंने कहा कि यही भावना देश के लिए भी आवश्यक है, जहां इंडिया फर्स्ट की सोच के साथ हर नागरिक को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए। प्रधानमंत्री के शब्दों में, जब टीम मजबूत होती है, तभी राष्ट्र भी मजबूत बनता है।
/filters:format(webp)/swadeshjyoti/media/media_files/2026/01/04/kashi-vollyball-2026-01-04-16-50-44.jpeg)
इससे पहले सुबह से ही सिगरा स्टेडियम में उत्साह का माहौल था। सुबह 11 बजे तक देशभर से आए वॉलीबॉल खिलाड़ी, उनके कोच, खेल अधिकारी, भाजपा नेता और कार्यकर्ता स्टेडियम में एकत्र हो चुके थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन और प्रधानमंत्री मोदी के वर्चुअल जुड़ाव को लेकर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया। मोदी-योगी जल्दी आवा और हर-हर महादेव जैसे नारों से स्टेडियम परिसर गूंजता रहा। मुख्यमंत्री योगी के स्टेडियम पहुंचते ही कार्यकर्ताओं और उपस्थित जनसमूह ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि काशी की धरती पर पहली बार इतने बड़े स्तर पर राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है, जो न केवल खेल जगत के लिए बल्कि पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, समर्पण और टीम भावना विकसित करता है और राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
/filters:format(webp)/swadeshjyoti/media/media_files/2026/01/04/kashi-vollyball-2026-01-04-16-51-05.jpeg)
72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में देश के विभिन्न राज्यों और संस्थानों की कुल 58 टीमें भाग ले रही हैं। खिलाड़ियों की मौजूदगी से स्टेडियम सुबह 11:15 बजे तक पूरी तरह भर गया था। आयोजन के लिए डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम को रंग-बिरंगे झंडों, चैंपियनशिप के बैनरों और आकर्षक होर्डिंग्स से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर किसी उत्सव स्थल जैसा प्रतीत हो रहा था।
खिलाड़ियों में भी इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई खिलाड़ियों ने कहा कि काशी जैसे ऐतिहासिक और आध्यात्मिक शहर में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेना उनके लिए गर्व की बात है। दर्शकों की मौजूदगी और उनका उत्साह खिलाड़ियों के प्रदर्शन में अतिरिक्त ऊर्जा भरने का काम करेगा। आयोजकों के अनुसार, इस प्रतियोगिता के माध्यम से न केवल वॉलीबॉल को नई पहचान मिलेगी, बल्कि युवाओं में खेल के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।
प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत साबित हुआ। उनके शब्दों ने यह संदेश स्पष्ट किया कि खेल केवल जीत-हार का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन के मूल्यों को सीखने का सशक्त मंच भी है। टीम भावना, अनुशासन, सहयोग और साझा सफलता जैसे गुण वॉलीबॉल के माध्यम से खिलाड़ियों के जीवन में उतरते हैं और यही गुण समाज व राष्ट्र निर्माण में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
काशी में आयोजित यह वॉलीबॉल महाकुंभ खेल और संस्कृति के अद्भुत संगम के रूप में याद किया जाएगा, जहां एक ओर महादेव की नगरी की आध्यात्मिक आभा है, तो दूसरी ओर युवाओं का जोश, खेल भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण।
✨ स्वदेश ज्योति के द्वारा | और भी दिलचस्प खबरें आपके लिए… सिर्फ़ स्वदेश ज्योति पर!
पंच तत्वों से बना शरीर शिव के बिना शव समान: सीएम डॉ. मोहन यादव
दिल्ली-NCR में साफ पानी पर सवाल, इंदौर हादसे के बाद प्रशासन की सख्ती
भूमध्य सागर में रूसी जहाज हादसा: जांच में सामने आया न्यूक्लियर रिएक्टर का मामला
भारत ने वेनेजुएला के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की, भारतीयों को सतर्क रहने की सलाह
/swadeshjyoti/media/agency_attachments/2025/11/09/2025-11-09t071157234z-logo-640-swadesh-jyoti-1-2025-11-09-12-41-56.png)
/swadeshjyoti/media/agency_attachments/2025/11/09/2025-11-09t071151025z-logo-640-swadesh-jyoti-1-2025-11-09-12-41-50.png)
/swadeshjyoti/media/media_files/2026/01/04/kashi-vollyball-2026-01-04-16-50-21.jpeg)