दिल्ली-NCR पर भी मंडरा रहा इंदौर जैसी घटना का खतरा, दूषित पानी 

हाल ही में इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले के बाद अब दिल्ली-एनसीआर में भी इसी तरह की घटना की आशंका जताई जा रही है। एनसीआर के कई जिलों में दूषित पानी की सप्लाई के कारण बीमारियों के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में दिल्ली-एनसीआर के प्रशासन पर सवाल उठ रहे है कि लोगों को सुरक्षित और साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए सरकार तैयार नहीं है।

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इंदौर की घटना के बाद दिल्ली, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम के प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का दावा किया है। पानी की जांच, पाइपलाइन बदलने और जल आपूर्ति व्यवस्था सुधारने जैसे कई उपाय किए जा रहे हैं।

अवैध तरीके से ग्राउंडवाटर निकालने वालों के खिलाफ दिल्ली जल बोर्ड सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इसके लिए नई गाइडलाइंस बनाई जा रही हैं। अभी तक नियमों के तहत अधिकतम कार्रवाई बोरवेल या ट्यूबवेल को सील करने तक ही सीमित थी।

अधिकारियों के अनुसार, सेंट्रल ग्राउंड वाटर अथॉरिटी (CGWA) ने साल 2000 में एक नोटिफिकेशन जारी किया था, लेकिन इसके बाद भी दिल्ली में कई जगहों पर गैर-कानूनी तरीके से बोरवेल के जरिए पानी निकाला जा रहा है और कमर्शियल इस्तेमाल किया जा रहा है।

इसलिए जल बोर्ड अब नई गाइडलाइंस के तहत ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने की योजना बना रहा है। साथ ही बोरवेल और ट्यूबवेल की अनुमति केवल उन्हीं इलाकों में दी जाएगी, जहां ग्राउंडवाटर का स्तर बेहतर है। जिन इलाकों में स्थिति गंभीर है, वहां नई अनुमति नहीं दी जाएगी।

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गाजियाबाद में पानी की जांच पर जोर

गाजियाबाद नगर निगम ने पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अधिकारियों के साथ बैठक कर हर हाल में लोगों को साफ पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

पानी की जांच की जिम्मेदारी वाटर वर्क्स डिपार्टमेंट, वाटर कॉर्पोरेशन, वीए टेक वाबाग, सैनिटेशन विभाग और फूड इंस्पेक्टरों को दी गई है। ट्यूबवेल, हैंडपंप, पानी की टंकियों और पाइपलाइनों का निरीक्षण किया जाएगा।

करीब 3 लाख 46 हजार उपभोक्ताओं को नगर निगम पानी सप्लाई करता है। पाइपलाइनों की नियमित सफाई की जा रही है और पानी में क्लोरीन की मात्रा की जांच भी की जा रही है। सभी वार्ड पार्षदों को पाइपलाइन लीकेज और टूट-फूट की पहचान कर तुरंत मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पुरानी पाइपलाइनों को बदलने की भी योजना है।

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फरीदाबाद में सीवर और पानी की लाइनें बनीं खतरा

फरीदाबाद नगर निगम भी दूषित पानी को लेकर पूरी तरह अलर्ट हो गया है। शहर के सभी 46 वार्डों में पानी की जांच के आदेश दिए गए हैं और जांच रिपोर्ट का रिकॉर्ड रखने को कहा गया है।

कई इलाकों में पानी और सीवर की लाइनें एक साथ बिछी हुई हैं। कुछ जगहों पर पानी की लाइनें नालों के ऊपर से गुजरती हैं। बारिश के मौसम में नालों के ओवरफ्लो होने से दूषित पानी सप्लाई लाइन में मिल जाता है। नगर निगम को हर हफ्ते दूषित पानी की 10 से 12 शिकायतें मिल रही हैं।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाए कि पानी में कौन-कौन से हानिकारक तत्व मौजूद हैं।

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