यूजीसी पर बयानबाजी, पीसी शर्मा ने कहा- फर्जी शिकायतों पर हो सख्त कार्रवाई, भाजपा ने कहा- कांग्रेस अब अहंकार, अव्यवस्था-असफलता का प्रतीक
भोपाल। यूजीसी के हालिया कानून को लेकर देशभर में मचे विवाद पर पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद जिस तरह से शिकायतों की बाढ़ आई है, वह असामान्य है और इस पूरे मामले में फर्जी शिकायत करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। शर्मा ने कहा कि ऐसे मामलों में शिकायतों की संख्या सामान्य नहीं है, जिससे संदेह पैदा होता है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले पर दोबारा सुनवाई हो और एक नया फाइनल ड्राफ्ट तैयार किया जाए, ताकि भ्रम और विवाद की स्थिति समाप्त हो सके। शर्मा ने कहा कि पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की आपत्ति पूरी तरह जायज़ है। उन्होंने कमेटी की सिफारिशों को गलत बताया और कहा कि इस पर सफाई खुद दिग्विजय सिंह देंगे।
दिल्ली में हुई बैठक को लेकर बीजेपी के आरोपों पर पलटवार करते हुए पीसी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस संगठन में हर राज्य की समीक्षा हो रही है। कांग्रेस अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और प्रभारी के बीच गंभीर मंथन हुआ है और इसके नतीजे सकारात्मक आएंगे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का विज़न पूरी तरह रिजल्ट ओरिएंटेड है और 2028 में कांग्रेस की सरकार बनेगी। जिनके अपने घर शीशे के होते हैं, वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते। कमलनाथ की बैठक में गैरमौजूदगी पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था, इसीलिए वे बैठक में शामिल नहीं हो सके। बाकी विषयों पर जानकारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी देंगे।
दिल्ली बैठक को लेकर कांग्रेस पर हमलावर हुई भाजपा
दिल्ली में हुई मध्यप्रदेश कांग्रेस की बैठक को लेकर भाजपा (BJP) के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कांग्रेस अब अहंकार, अव्यवस्था और असफलता का प्रतीक बनती जा रही है और पार्टी पूरी तरह नेतृत्वहीन नजर आ रही है। अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के सामने खुद प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार संगठन की असफलता और अक्षमता की बात करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी में न सिर्फ दो गुट हैं, बल्कि कई नेता अलग-अलग गुट बनाना चाहते हैं। अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस की हालत इतनी दयनीय हो चुकी है कि वरिष्ठ नेताओं को ही प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए कमान खोलनी पड़ रही है। इससे बड़ी नेतृत्वहीनता और कार्यकर्ताओं के लिए इससे ज्यादा निराशाजनक स्थिति क्या हो सकती है।
अग्रवाल ने यूजीसी को लेकर कहा कि दिग्विजय सिंह अब केवल खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए बयानबाजी करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह अपने पुत्र को स्थापित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश में लगातार बयान दे रहे हैं, लेकिन उनकी अब कोई राजनीतिक प्रासंगिकता नहीं बची है। कांग्रेस अंदरूनी कलह, नेतृत्व संकट और आपसी खींचतान से जूझ रही है, जबकि बीजेपी पूरी मजबूती से जनता के मुद्दों पर काम कर रही है।
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