मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की सोमवार से शुरूआत होगई है इसके साथ ही विधानसभा में जोरदार हंगामा भी जारी है । जिसके बाद राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपना अभिभाषण दिया। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया, जिसके बाद कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।

वंदे मातरम के साथ हुआ सत्र का आगाज 

कार्यवाही की शुरुआत में  वंदे मातरम् का संपूर्ण गायन हुआ। सभी सदस्यों मे वंदेमातरम् के सभी छह छंदों का गायन किया।

राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपने संबोधन में सरकार की विकास उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं से आए बदलावों का उल्लेख किया। साथ ही संकल्प पत्र 2023 में किए गए वादों पर अब तक हुए कार्य और आगामी लक्ष्यों की जानकारी भी दी। सदन में विभिन्न हस्तियों और नेताओं के निधन पर पक्ष-विपक्ष के सदस्यों द्वारा श्रद्धांजलि दी गई।

इससे पहले विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यपाल का स्वागत किया।

 बजट सत्र के प्रारम्भ होने के अवसर पर अभिभाषण देने के लिए पधारे माननीय राज्‍यपाल श्री मंगुभाई पटेल जी की अगवानी की और स्वागत किया। इस अवसर पर माननीय विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मौजूद रहे। 

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6 मार्च तक चलेगा विधानसभा बजट सत्र 

बजट सत्र के दौरान कुल 3478 प्रश्नों की विधानसभा को सूचनाएं, 236 ध्यानाकर्षण, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प पेश होंगे। शून्य काल में विधानसभा में 83 सवाल होंगे। बजट सत्र 6 मार्च तक चलेगा। 

राज्यपाल का स्वागत हुआ

राज्यपाल ने अभिभाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि- देश ऐसी दहलीज पर खड़ा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत काल की संज्ञा दी है। उन्होंने उद्योगों के अनुकूल वातावरण, भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य, 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने, पीएम जनमन योजना के तहत 1.35 लाख आवास निर्माण, उज्जैन में शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने और नई शिक्षा नीति के तहत किए गए कार्यों का उल्लेख किया।

वित्त मंत्री वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे

सत्र की सबसे महत्वपूर्ण तारीख 18 फरवरी होगी, जब उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। इस बार बजट पूरी तरह पेपरलेस होगा और डिजिटल माध्यम से सदन में प्रस्तुत किया जाएगा।

विपक्ष ने इंदौर के दूषित पानी के मामले को लेकर नारे बाजी शुरू की

राज्यपाल के भाषण के बीच ही नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए आरोप लगाया कि नल-जल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा भाषण में शामिल नहीं किया गया। इसके बाद विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी, हालांकि हंगामे के बीच राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जारी रखा।

विपक्ष के एजेंडे में इंदौर का दूषित पानी कांड और छिंदवाड़ा का कफ सिरप कांड प्रमुख मुद्दे रहेंगे। हाल की घटनाओं के बाद इन मामलों में कई मौतों से जनता में आक्रोश है, जिसे कांग्रेस सदन में जोरदार ढंग से उठाने की तैयारी में है।

राज्यपाल के सदन से जाने के बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, जहां विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जो हिस्सा पढ़ा नहीं जा सका, उसे पढ़ा हुआ माना जाएगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।

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