जब भी यह खबर आती है कि साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने वाला है, लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठने लगते हैं। सबसे पहले यही प्रश्न सामने आता है कि यह ग्रहण आज लगेगा या कल, और इसका सही समय क्या होगा। इसके साथ ही एक और बड़ा प्रश्न जुड़ा होता है कि क्या भारत में सूतक काल मान्य होगा या नहीं। यही कारण है कि सूर्य ग्रहण केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

सूर्य ग्रहण उस समय होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर सूर्य के प्रकाश को कुछ समय के लिए ढक देता है। यह घटना पूरी तरह प्राकृतिक है और अंतरिक्ष में ग्रहों की स्थिति के कारण होती है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से यह सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन भारतीय परंपरा में इसे विशेष महत्व दिया गया है।

सदियों से हमारे यहां ग्रहण को लेकर अनेक मान्यताएं प्रचलित रही हैं। लोग ग्रहण के समय विशेष सावधानी बरतते हैं, मंत्र जाप करते हैं और कई धार्मिक नियमों का पालन करते हैं। इसलिए यह जानना बहुत जरूरी हो जाता है कि साल का पहला सूर्य ग्रहण आज है या कल और इसका प्रभाव भारत में कैसा रहेगा।


साल का पहला सूर्य ग्रहण कब लगेगा?

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026, मंगलवार को लगेगा। यह ग्रहण सुबह 07 बजकर 12 मिनट से शुरू होकर लगभग 11 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। हालांकि इसकी शुरुआत, मध्य और समाप्ति का समय अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकता है। कई बार ऐसा होता है कि ग्रहण किसी अन्य देश में दिखाई देता है लेकिन भारत में नहीं दिखता।

यही कारण है कि लोग भ्रमित हो जाते हैं कि ग्रहण आज है या कल। समय क्षेत्र के अंतर के कारण एक देश में यह एक दिन पहले दिखाई देता है तो दूसरे में अगले दिन। इसलिए सही जानकारी के लिए आधिकारिक पंचांग या खगोलीय गणना पर भरोसा करना चाहिए।

यदि ग्रहण भारत में दिखाई देगा तो उसका समय भारतीय समय के अनुसार मान्य होगा। यदि नहीं दिखाई देगा, तो धार्मिक प्रभाव भी अलग होगा।


सूतक काल क्या होता है और इसकी मान्यता क्या है?

सूतक काल वह अवधि है जो ग्रहण से कुछ समय पहले शुरू होती है। परंपरा के अनुसार सूर्य ग्रहण से लगभग बारह घंटे पहले सूतक काल आरंभ माना जाता है। इस समय में मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं, भोजन पकाना बंद कर दिया जाता है और शुभ कार्यों को टाल दिया जाता है।

लेकिन एक महत्वपूर्ण नियम यह है कि सूतक काल तभी मान्य होता है जब ग्रहण संबंधित स्थान पर दिखाई दे। यदि सूर्य ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, तो अधिकांश विद्वानों के अनुसार सूतक काल मान्य नहीं होगा।

इसीलिए हर बार यह प्रश्न उठता है कि क्या भारत में सूतक काल प्रभावी रहेगा या नहीं। सही उत्तर ग्रहण की दृश्यता पर निर्भर करता है।


वैज्ञानिक दृष्टि से सूर्य ग्रहण

वैज्ञानिकों के अनुसार सूर्य ग्रहण पूरी तरह प्राकृतिक घटना है। इसमें किसी प्रकार की अशुभता नहीं होती। यह केवल सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी की विशेष स्थिति का परिणाम है।

ग्रहण के दौरान सूर्य का प्रकाश कुछ समय के लिए कम हो जाता है। पूर्ण ग्रहण की स्थिति में कुछ मिनटों के लिए दिन में अंधेरा छा सकता है। वैज्ञानिक सलाह देते हैं कि इसे नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए क्योंकि इससे आंखों को नुकसान हो सकता है।

विशेष चश्मे या सुरक्षित उपकरणों का उपयोग करके ही ग्रहण देखना चाहिए।


ग्रहण के समय क्या करें और क्या न करें?

क्या करें

  1. ग्रहण के समय शांत मन से मंत्र जाप या ध्यान करें।
  2. धार्मिक मान्यता के अनुसार पूजा पाठ मन ही मन करें।
  3. गर्भवती महिलाएं विशेष सावधानी बरतें और घर के अंदर सुरक्षित स्थान पर रहें।
  4. ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें।
  5. अपनी श्रद्धा अनुसार दान करें।
  6. घर की साफ सफाई करें।

क्या न करें

  1. ग्रहण के समय भोजन न करें।
  2. शुभ कार्यों की शुरुआत न करें।
  3. बिना सुरक्षा के सीधे सूर्य की ओर न देखें।
  4. अनावश्यक रूप से बाहर न घूमें।

ध्यान रहे कि इन सभी नियमों का पालन व्यक्तिगत आस्था और विश्वास पर आधारित है। वैज्ञानिक दृष्टि से यह एक प्राकृतिक घटना है।


क्या भारत में सूतक काल मान्य होगा?

यह सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न है। यदि साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा, तो सूतक काल मान्य होगा और धार्मिक नियमों का पालन किया जाएगा।

यदि ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, तो सूतक काल प्रभावी नहीं माना जाएगा। इसलिए यह आवश्यक है कि ग्रहण की दृश्यता की पुष्टि की जाए।


निष्कर्ष

साल का पहला सूर्य ग्रहण आज या कल कब लगेगा, यह जानने के लिए सही तिथि और समय की जानकारी आवश्यक है। साथ ही यह भी समझना जरूरी है कि भारत में सूतक काल मान्य होगा या नहीं।

यदि ग्रहण भारत में दिखाई देता है तो सूतक काल प्रभावी रहेगा, अन्यथा नहीं। इसलिए भ्रम से बचें और प्रमाणित जानकारी पर विश्वास करें।

इस लेख को पढ़कर आपको सूर्य ग्रहण, उसकी सही तिथि, समय और सूतक काल की पूरी जानकारी सरल भाषा में मिल गई होगी।