औद्योगिक क्षेत्र में सुबह साढ़े नौ बजे धमाका, डेढ़ घंटे बाद आग पर काबू, जांच शुरू
भिवाड़ी । राजस्थान के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा करौली औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह एक केमिकल-पटाखा निर्माण इकाई में लगी भीषण आग ने आठ मजदूरों की जान ले ली। प्रशासन के अनुसार शवों को बाहर निकाल लिया गया है, जबकि एक श्रमिक अब भी अंदर फंसा होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के वक्त कारखाने में करीब पच्चीस मजदूर काम कर रहे थे। घटना ने औद्योगिक सुरक्षा प्रबंधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गश्त के दौरान मिली सूचना, तुरंत शुरू हुआ बचाव
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि पुलिस को नियमित गश्त के दौरान आग लगने की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही बचाव दलों को रवाना किया गया और आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सुमिता मिश्रा के मुताबिक शुरुआती प्राथमिकता आग पर काबू पाने और अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की थी। धुएं और तेज लपटों के कारण बचावकर्मियों को भीतर जाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
दमकल की कई गाड़ियां मौके पर
आग की भयावहता को देखते हुए रीको के अग्निशमन केंद्रों और स्थानीय इकाइयों से दमकल वाहन बुलाए गए। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया जा सका। इस दौरान आसपास की फैक्ट्रियों को सतर्क रहने और सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने के निर्देश दिए गए। क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा और बड़ी संख्या में लोग बाहर सड़कों पर जमा हो गए।
बुरी तरह जले शव, पहचान में दिक्कत
बचाव कार्य के दौरान जो शव निकाले गए, वे अत्यधिक जले हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कई मृतकों की पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। चिकित्सकीय परीक्षण और अन्य प्रक्रियाओं के जरिए पहचान सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी। परिजनों को सूचना देने की तैयारी की जा रही है।
जांच एजेंसियां सक्रिय
घटनास्थल पर शिवराज सिंह मौजूद हैं और उन्होंने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच रहे हैं। यह पता लगाया जाएगा कि आग किस कारण से लगी, क्या सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था, और रासायनिक पदार्थों के भंडारण में कहीं लापरवाही तो नहीं बरती गई। कारखाने के मालिक राजेंद्र के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
अंदर फंसे मजदूर की तलाश
आठ लोगों के शव मिलने के बाद भी आशंका है कि एक मजदूर अभी अंदर रह गया है। बचाव दल मलबे और जले हिस्सों की छानबीन कर रहे हैं। तापमान अधिक होने और संरचना के कमजोर पड़ जाने से अभियान सावधानी के साथ चलाया जा रहा है।
क्षेत्र में दहशत
औद्योगिक इलाके में काम करने वाले अन्य मजदूरों और आसपास के लोगों में दहशत का माहौल है। कई इकाइयों ने एहतियात के तौर पर काम अस्थायी रूप से रोक दिया। लोग यह जानना चाहते हैं कि यदि यहां रसायन और पटाखे बन रहे थे तो सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और नियमित निरीक्षण होता था या नहीं। प्रशासन का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद जिम्मेदारियों को तय किया जाएगा और नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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