सुबह नौ बजे से दोपहर बारह बजे तक हुई परीक्षा

भोपाल। मध्य प्रदेश में दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत आज से हो गई। प्रदेश भर में करीब नौ लाख से अधिक विद्यार्थी पहले प्रश्नपत्र में शामिल हुए। परीक्षा का समय सुबह नौ बजे से दोपहर बारह बजे तक निर्धारित किया गया था। निर्धारित समय से पहले ही परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों की भीड़ देखी गई और प्रवेश प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से पूरा कराया गया।

नकल रोकने के लिए कड़ी निगरानी

परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए इस बार प्रशासन ने सख्त इंतजाम किए हैं। उड़न दस्तों की तैनाती, निगरानी कैमरों की व्यवस्था और प्रश्नपत्र वितरण की पूरी प्रक्रिया पर रिकॉर्डिंग का प्रबंध किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बीते दिनों बारहवीं की परीक्षा में सामने आए नकल प्रकरणों को देखते हुए इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

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भोपाल और ग्वालियर में विशेष सख्ती

अंग्रेजी विषय की परीक्षा के दौरान पहले बने प्रकरणों में सबसे अधिक मामले भोपाल और ग्वालियर से सामने आए थे। इसी अनुभव के आधार पर स्कूल शिक्षा विभाग ने इन जिलों में निगरानी और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रों पर तैनात अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया है कि परीक्षा की पवित्रता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं होगा।

राजधानी में बड़ी संख्या में परीक्षार्थी

भोपाल जिले की बात करें तो यहां दसवीं के 30 हजार 746 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। बारहवीं के लिए भी बड़ी संख्या में छात्र पंजीकृत हैं। इन विद्यार्थियों के लिए राजधानी में कुल 104 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासनिक अमला लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि प्रवेश से लेकर परीक्षा समाप्ति तक कोई अव्यवस्था न हो।

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उड़न दस्ते लगातार कर रहे निरीक्षण

पूरे प्रदेश में प्रत्येक जिले में चार उड़न दस्ते बनाए गए हैं। इनमें दो विकासखंड स्तर पर और दो जिला स्तर पर सक्रिय रहेंगे। हर दल में तीन सदस्य शामिल हैं, जो पुलिस या प्रशासनिक पृष्ठभूमि से हैं। इनका काम परीक्षा केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण करना और शिकायत मिलने पर तुरंत पहुंचकर स्थिति संभालना है। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से नकल की संभावनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगेगा।

संवेदनशील केंद्रों पर तीसरी आंख

जिन परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील माना गया है, वहां विशेष रूप से निगरानी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों से मिलने वाले दृश्य सीधे नियंत्रण कक्ष तक पहुंचेंगे, जहां से गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। प्रश्नपत्र थानों से निकालने के दौरान भी रिकॉर्डिंग को अनिवार्य किया गया है और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। उद्देश्य यह है कि परीक्षा की हर कड़ी पारदर्शी बनी रहे और विद्यार्थियों का भरोसा मजबूत हो।

परीक्षा के पहले दिन अधिकांश केंद्रों पर व्यवस्था सामान्य रही। विद्यार्थी समय पर पहुंचे और शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न हुई। प्रशासन को उम्मीद है कि आगे भी इसी तरह अनुशासन बना रहेगा और सभी परीक्षाएं सफलतापूर्वक पूरी होंगी।

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