भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी किसानों की बेहतरी के लिए हम कई प्रकार के नवाचार कर रहे हैं। हमारी सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। राज्य सरकार के 17 अलग-अलग विभागों पशुपालन, उद्यानिकी, सहकारिता, कृषि, उद्योग को साथ लेकर किसानों की समृद्धि के लिए बाग से लेकर बाजार तक विस्तृत योजना तैयार की गई है। 

राज्य में पहली बार कृषि कैबिनेट जनजातीय अंचल बड़वानी में 2 मार्च को आयोजित की जा रही है। इसमें हम किसानों को होली की सौगात देने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित इस वर्ष में हम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने वाले सभी कार्यों और नवाचारों को प्रोत्साहन देंगे। 

मध्यप्रदेश देश का फूड बास्केट

cm dr. yadav ने कहा कि राज्य सरकार हर मुश्किल वक्त में किसानों के साथ खड़ी है। प्राकृतिक आपदा से किसानों को हुई फसल क्षति के मुआवजे के लिए सर्वे के बाद सरकार मदद कर रही है। मध्यप्रदेश देश का फूड बास्केट है। प्रदेश में रबी, खरीफ, ग्रीष्मकालीन फसलों की अच्छी उत्पादकता है। मध्यप्रदेश दलहन उत्पादन में अग्रणी राज्य है। गेहूं उत्पादन में भी हम देश में दूसरे स्थान पर हैं। प्रदेश में उड़द, मसूर, तुअर पर्याप्त मात्रा में पैदा होती है। मध्यप्रदेश तिलहन में भी प्रथम स्थान रखता है।

सोयाबीन और मूंगफली सबसे अधिक मध्यप्रदेश में ही होती है। प्राकृतिक खेती और बागवानी में भी मध्यप्रदेश सबसे आगे है। किसानों की समृद्धि के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में राज्य सरकार आगे बढ़ रही है। प्रदेश में जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं।

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