ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर का वीडियो संदेश : संकट की घड़ी में संतुलन और शांति की अपील
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों और उसके बाद फैलते तनाव को लेकर एक विस्तृत वीडियो बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया है कि वे युद्ध के बढ़ने को रोकने और कूटनीतिक समाधान खोजने पर जोर दे रहे हैं।
स्टारमर ने अपने संदेश की शुरुआत ईरान पर अमेरिकी और इजराइली हमलों का उल्लेख करते हुए की और कहा कि इसके बाद ईरान ने क्षेत्र में कई जगह “अनियंत्रित” प्रकार के हमले किए हैं। उन्होंने बताया कि इस परिस्थिति ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर चिंता पैदा कर दी है, खासकर उन लोगों के लिए जिनके रिश्तेदार और समुदाय पश्चिम एशिया में रहते हैं।
ब्रिटेन ने इन हमलों में प्रत्यक्ष भाग नहीं लिया, लेकिन स्टारमर ने कहा कि वे ईरानी शासन को “पूरी तरह घृणित” मानते हैं — उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने अपने ही नागरिकों का दमन किया और क्षेत्र को अस्थिर करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गत वर्ष ईरान समर्थित समूहों के कथित तौर पर ब्रिटिश धरती पर 20 से अधिक संभावित घातक हमलों का समर्थन किया गया, जिससे ब्रिटिश सरकार की चिंताएं और बढ़ी हैं।
My statement on Iran. pic.twitter.com/Ki4VVTYO4N
— Keir Starmer (@Keir_Starmer) February 28, 2026
रक्षा तैयारियाँ और क्षेत्रीय सुरक्षा
स्टारमर ने कहा कि ब्रिटेन ने अपनी सुरक्षा तैयारियों को बढ़ा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रिटिश वायु सेना के विमानों को मध्य पूर्व में रक्षा अभियानों के हिस्से के रूप में सक्रिय किया गया है ताकि संभावित जवाबी हमलों के दौरान अपने और अपने सहयोगियों के हितों की रक्षा की जा सके। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि ब्रिटेन ने सीधे अमेरिका-इजराइल के हमलों में भाग नहीं लिया।
वे कहते हैं कि “हम अपनी साझेदारों और मित्र देशों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।” उन्होंने ब्रिटिश नागरिकों को भी इस तनावपूर्ण समय में सतर्क रहने और आवश्यक सुरक्षा निर्देशों का पालन करने का आह्वान किया।
कूटनीति और समाधान की अपील
अपने संदेश में स्टारमर ने युद्ध को बढ़ाने की बजाय कूटनीतिक दृष्टिकोण अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष का कोई भी निराकरण नहीं होना चाहिए जो अनियंत्रित रूप से फैलता हो। इसीलिए उन्होंने ईरान से “हताशा में और हमलों को रोकने” का आग्रह किया और संघर्ष को हल करने के लिए बातचीत की आवश्यकता पर बल दिया।
इसके अलावा फ्रांस और जर्मनी के साथ संयुक्त बयान में भी तीनों नेताओं ने ईरान से क्षेत्र में हिंसा रोकने, अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को समाप्त करने और बातचीत की मेज पर लौटने का आग्रह किया है। इस बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि ब्रिटेन और इसके यूरोपीय साझेदारों ने उन हमलों में भाग नहीं लिया लेकिन वे क्षेत्र में स्थिरता और नागरिकों के जीवन की सुरक्षा पर प्रतिबद्ध हैं।
निष्कर्ष
कीर स्टारमर का यह बयान उस वैश्विक परिदृश्य में आया है जिसमें ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने बड़ी अनिश्चितता पैदा कर दी है। उन्होंने एक ओर ईरान के “विक्षिप्त” और “क्षेत्रीय अस्थिरता” बढ़ाने वाले कदमों की निंदा की, वहीं दूसरी ओर युद्ध के विस्तार की बजाय कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया। उनके शब्दों में स्पष्ट था कि युद्ध और हिंसा का कोई स्थायी समाधान नहीं है और शांति की दिशा में कदम उठाना ही वर्तमान संकट का एकमात्र व्यवहार्य रास्ता है।
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