ड्रग्स और हथियार तस्करी के आरोप, अमेरिका-वेनेजुएला टकराव पर UNSC की आपात बैठक
नई दिल्ली, 05 जनवरी (हि.स.)। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को आज अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर की एक अदालत में पेश किया जाना है। उन पर अमेरिका में हथियारों और ड्रग्स तस्करी से जुड़े गंभीर आरोपों में मुकदमा चलाया जाएगा। यह मामला केवल कानूनी नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति और संप्रभुता से जुड़ा बड़ा विवाद बन गया है, जिस पर आज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी चर्चा होनी है।
कड़ी सुरक्षा में अदालत तक लाया गया मादुरो
आज की पेशी से पहले निकोलस मादुरो को अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत लाया गया। न्यूयॉर्क सिटी की सड़कों पर कई बख्तरबंद वाहनों और सुरक्षा दस्तों के साथ उनका काफिला देखा गया, जो सीधे अदालत परिसर के भीतर दाखिल हुआ। इस दौरान अमेरिकी ड्रग प्रवर्तन एजेंसी डीईए के अधिकारी भी सुरक्षा में तैनात रहे।
इससे पहले मादुरो को लेकर एक हेलिकॉप्टर अदालत के पास बने हेलिपैड पर उतरा। हेलिकॉप्टर के उतरते ही उन्हें तुरंत एक वैन में बैठाकर सीधे अदालत ले जाया गया, ताकि किसी भी तरह की सार्वजनिक हलचल या विरोध की स्थिति से बचा जा सके।
2 जनवरी की रात गिरफ्तारी और न्यूयॉर्क ट्रांसफर
अमेरिकी सेना ने 2 जनवरी की रात वेनेजुएला में कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लिया था। इसके बाद दोनों को अमेरिका लाकर न्यूयॉर्क के एक डिटेंशन सेंटर में रखा गया। अमेरिकी अभियोजन एजेंसियों का दावा है कि मादुरो अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क और हथियार तस्करी से जुड़े रहे हैं, हालांकि मादुरो ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनके वकीलों का कहना है कि यह मामला राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है और सुनवाई शुरू होने में अभी कई महीने लग सकते हैं।
ट्रम्प की धमकी और वेनेजुएला की अंतरिम सरकार पर दबाव
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान ने विवाद को और गहरा कर दिया है। ट्रम्प ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को खुली धमकी देते हुए कहा कि यदि वह अमेरिका की शर्तों के अनुसार काम नहीं करतीं, तो उनका हाल मादुरो से भी बदतर हो सकता है।
ट्रम्प ने यह बात ‘द अटलांटिक’ मैगजीन को दिए एक इंटरव्यू में कही। इससे पहले न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत में उन्होंने कहा था कि यदि रोड्रिग्ज अमेरिका की बात मान लेती हैं, तो वेनेजुएला में अमेरिकी सेना तैनात करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
रोड्रिग्ज की प्रतिक्रिया: टकराव नहीं, संवाद चाहते हैं
डेल्सी रोड्रिग्ज ने मादुरो को सत्ता से हटाने और उनकी गिरफ्तारी की आलोचना की है। उन्होंने अमेरिका से मादुरो और उनकी पत्नी को वापस भेजने की मांग की है। रविवार देर रात जारी एक बयान में रोड्रिग्ज ने कहा कि वेनेजुएला युद्ध या टकराव नहीं चाहता, बल्कि शांति, संवाद और सहयोग का रास्ता अपनाना चाहता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मादुरो का हमेशा से यही संदेश रहा है कि समस्याओं का समाधान बातचीत से होना चाहिए। रोड्रिग्ज ने अमेरिका से अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहते हुए सहयोग करने की अपील की।
UNSC की आपात बैठक, हिरासत की वैधता पर चर्चा
वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के बाद आज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में मादुरो को हिरासत में लेने की वैधता, अमेरिकी कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के आरोपों पर चर्चा होगी। कई देशों ने इस मुद्दे को संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताया है।
चीन का कड़ा विरोध, संप्रभुता पर जोर
चीन ने मादुरो की गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि कोई भी देश खुद को ‘दुनिया का जज’ या ‘दुनिया की पुलिस’ नहीं मान सकता। उन्होंने यह बयान बीजिंग में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार से मुलाकात के दौरान दिया।
वांग यी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत हर देश की संप्रभुता और सुरक्षा का सम्मान किया जाना चाहिए। मादुरो की गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले ही उनकी चीन के विशेष प्रतिनिधि से मुलाकात हुई थी। चीन 2017 से अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद वेनेजुएला को आर्थिक सहयोग देता आ रहा है और 2024 में उसने वेनेजुएला से करीब 1.6 अरब डॉलर का सामान खरीदा था, जिसमें बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का था।
शी जिनपिंग का परोक्ष संदेश
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी बड़ी ताकतों से दूसरे देशों की संप्रभुता और विकास के रास्ते का सम्मान करने की अपील की है। आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन से मुलाकात के दौरान शी जिनपिंग ने कहा कि आज की दुनिया पिछले सौ वर्षों में सबसे अधिक अस्थिर दौर से गुजर रही है और कुछ देश अपनी ताकत का दुरुपयोग कर एकतरफा फैसले ले रहे हैं। उनका यह बयान अमेरिका पर परोक्ष टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है।
अमेरिकी हमले में क्यूबा के अधिकारियों की मौत
वेनेजुएला में हुए अमेरिकी हमले में क्यूबा के 32 सैन्य और पुलिस अधिकारियों के मारे जाने की पुष्टि क्यूबा सरकार ने की है। क्यूबा सरकार के अनुसार, ये अधिकारी वेनेजुएला सरकार के अनुरोध पर वहां मिशन पर तैनात थे। इस घटना के बाद क्यूबा ने दो दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। क्यूबा लंबे समय से वेनेजुएला का करीबी सहयोगी रहा है।
ट्रम्प का दावा: वेनेजुएला की कमान अमेरिका के हाथ में
रविवार रात एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में ट्रम्प ने दावा किया कि इस समय वेनेजुएला की कमान अमेरिका के हाथ में है। उन्होंने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला की नई नेतृत्व व्यवस्था से सीधे बातचीत कर रहा है और सहयोग के बदले अभी तक कोई रियायत नहीं दी गई है।
ट्रम्प ने यह भी साफ किया कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल संसाधनों तक पूरी पहुंच चाहता है। उन्होंने वेनेजुएला को ‘मरा हुआ देश’ बताते हुए कहा कि उसे दोबारा खड़ा करने के लिए अमेरिका को वहां के तेल और अन्य संसाधनों तक पहुंच जरूरी है।
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