आजकल एक चौंकाने वाली बात यह देखने को मिल रही है कि जो समस्याएं पहले बढ़ती उम्र में होती थीं, वे अब कम उम्र में ही शुरू हो रही हैं। इनमें सबसे आम समस्याएं हैं जोड़ों का दर्द और पाचन से जुड़ी परेशानियां। पहले ये दिक्कतें चालीस या पचास की उम्र के बाद मानी जाती थीं, लेकिन अब बीस से तीस वर्ष के युवाओं में भी यह परेशानी दिखाई देने लगी है।
इसका मुख्य कारण हमारी बदलती जीवनशैली, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधि की कमी है। समय रहते अगर इन संकेतों को समझ लिया जाए, तो बड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है।
कम उम्र में जोड़ों का दर्द क्यों होने लगा है
जोड़ों का दर्द केवल हड्डियों की कमजोरी से नहीं होता, बल्कि इसका सीधा संबंध शरीर के अंदरूनी संतुलन से भी होता है। जब शरीर को सही पोषण और नियमित गतिविधि नहीं मिलती, तो जोड़ों में अकड़न और दर्द शुरू हो जाता है।
कम उम्र में जोड़ों के दर्द के मुख्य कारण:
लंबे समय तक एक ही जगह बैठना
गलत तरीके से बैठना या उठना
शरीर का बढ़ता वजन
पोषण की कमी
शारीरिक मेहनत का अभाव
ये सभी कारण धीरे-धीरे जोड़ों को कमजोर बना देते हैं।
पाचन कमजोर होने का जोड़ों से क्या संबंध है
बहुत कम लोग जानते हैं कि पाचन और जोड़ों का दर्द आपस में जुड़े हुए हैं। जब पाचन ठीक नहीं रहता, तो शरीर भोजन से पोषक तत्वों को सही तरीके से नहीं ले पाता। इससे हड्डियों और जोड़ों को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता।
कमजोर पाचन के कारण शरीर में गंदगी जमा होने लगती है, जिससे सूजन, दर्द और थकान जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। यही कारण है कि जिन लोगों को बार-बार गैस, कब्ज या अपच रहता है, उनमें जोड़ों का दर्द जल्दी शुरू हो जाता है।
कम उम्र में दिखने वाले लक्षण जिन्हें नज़रअंदाज़ न करें
अगर ये लक्षण बार-बार दिखाई दें, तो सतर्क हो जाना चाहिए:
सुबह उठते समय जोड़ों में जकड़न
घुटनों या कमर में दर्द
जल्दी थकान महसूस होना
पेट भारी रहना
बार-बार गैस या कब्ज
खाने के बाद सुस्ती
ये संकेत बताते हैं कि शरीर के अंदर संतुलन बिगड़ रहा है।
गलत खानपान कैसे बढ़ाता है समस्या
आजकल बाहर का तला-भुना, बहुत मसालेदार और पैकेट वाला भोजन ज्यादा खाया जा रहा है। ऐसा भोजन पाचन को कमजोर करता है और शरीर में सूजन बढ़ाता है।
खास तौर पर:
देर रात खाना
ठंडा और बासी भोजन
बहुत अधिक मीठा
पानी कम पीना
ये आदतें पाचन और जोड़ों दोनों को नुकसान पहुंचाती हैं।
कम उम्र में जोड़ों का दर्द और पाचन सुधारने के आसान उपाय
कुछ आसान बदलाव अपनाकर इन दोनों समस्याओं से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।
🟢 दिनचर्या में सुधार
सुबह जल्दी उठना, समय पर भोजन करना और पर्याप्त नींद लेना शरीर के लिए बहुत जरूरी है। अनियमित दिनचर्या सबसे बड़ा कारण बनती है।
🟢 हल्की शारीरिक गतिविधि
रोज थोड़ा चलना-फिरना, हल्का व्यायाम या योग जैसे अभ्यास शरीर को सक्रिय रखते हैं और जोड़ों को मजबूत बनाते हैं।
🟢 गर्म पानी का सेवन
सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने से पाचन सुधरता है और शरीर की गंदगी बाहर निकलने में मदद मिलती है।
घरेलू उपाय जो कारगर हैं
कुछ घरेलू उपाय लंबे समय तक लाभ देते हैं:
सुबह खाली पेट हल्दी मिला गुनगुना पानी
भोजन के बाद थोड़ी सौंफ
रात को हल्का और जल्दी भोजन
दिन में पर्याप्त पानी
इन उपायों से पाचन मजबूत होता है और जोड़ों का दर्द धीरे-धीरे कम होने लगता है।
क्या खाएं जिससे दोनों समस्याओं में राहत मिले
संतुलित और सादा भोजन शरीर के लिए सबसे अच्छा होता है।
फायदेमंद भोजन:
हरी सब्जियां
मौसमी फल
दाल और चावल
हल्का सूप
घर का ताजा खाना
किन आदतों से बचना जरूरी है
अगर राहत चाहिए तो इन आदतों से दूरी बनानी होगी:
देर रात तक जागना
बहुत देर तक बैठे रहना
लगातार मोबाइल या कंप्यूटर देखना
तनाव लेना
मानसिक तनाव का असर भी समझें
मानसिक तनाव भी पाचन और जोड़ों के दर्द को बढ़ाता है। जब मन शांत नहीं रहता, तो शरीर की कार्यप्रणाली भी प्रभावित होती है। इसलिए मन को शांत रखने की कोशिश करें।
निष्कर्ष
कम उम्र में जोड़ों का दर्द और पाचन समस्या कोई छोटी बात नहीं है। यह शरीर की चेतावनी है कि अब जीवनशैली में सुधार की जरूरत है। सही खानपान, नियमित दिनचर्या और थोड़ी सी जागरूकता से इन समस्याओं से बचा जा सकता है। समय रहते ध्यान देने से स्वास्थ्य लंबे समय तक अच्छा बना रहता है।
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