ऑपरेशन ‘हीरो’ के दूसरे चरण की घोषणा के साथ जारी हुआ वीडियो, सुरक्षा स्थिति को लेकर बढ़ी चिंता

क्वेटा (बलोचिस्तान): बलोचिस्तान में सक्रिय सशस्त्र अलगाववादी संगठन बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने अपने आधिकारिक चैनल पर मजीद ब्रिगेड से जुड़े वरिष्ठ फिदाई फजल बलोच का एक वीडियो संदेश जारी किया है। यह वीडियो संगठन द्वारा घोषित ‘ऑपरेशन हीरो’ के दूसरे चरण की शुरुआत के साथ सामने आया है। वीडियो में फजल बलोच कथित रूप से आम लोगों से संघर्ष में शामिल होने का आह्वान करता दिखाई देता है, जिसे क्षेत्र में सुरक्षा हालात के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है।

वीडियो संदेश में क्या कहा गया

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जारी किए गए वीडियो में फजल बलोच को एक वाहन में बैठे हुए देखा जा सकता है। संगठन का दावा है कि इसी वाहन के माध्यम से उसने पहले ग्वादर जिले की पसनी तहसील में एक लक्ष्य को निशाना बनाकर ‘ऑपरेशन हीरो’ को अंजाम दिया था। वीडियो संदेश में वह बलोच समुदाय को संबोधित करते हुए संगठन के समर्थकों को बधाई देता है और मजीद ब्रिगेड का उल्लेख करता है। इसके साथ ही वह वरिष्ठ नागरिकों को संबोधित करते हुए युवाओं के साथ संघर्ष में शामिल होने की अपील करता है।

ऑपरेशन ‘हीरो’ के दूसरे चरण का दावा

बीएलए का कहना है कि यह वीडियो ‘ऑपरेशन हीरो’ के दूसरे चरण की शुरुआत का संकेत है। संगठन के अनुसार, इस अभियान के तहत पाकिस्तान के सुरक्षा बलों के खिलाफ हमलों का सिलसिला जारी है। हालिया बयानों में संगठन ने दावा किया है कि क्वेटा सहित कई इलाकों में उसके कमांडर सक्रिय हैं और अलग-अलग झड़पों में सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पाकिस्तान सरकार या सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इन पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

क्वेटा और ग्वादर क्षेत्र की संवेदनशीलता

बलोचिस्तान की राजधानी क्वेटा और तटीय क्षेत्र ग्वादर लंबे समय से सुरक्षा चुनौतियों का सामना करते रहे हैं। ग्वादर, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे से जुड़ा एक अहम बंदरगाह क्षेत्र है, जिसके कारण यहां की सुरक्षा स्थिति पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रहती है। ऐसे में किसी भी प्रकार का उग्रवादी संदेश या गतिविधि सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय मानी जाती है।

सुरक्षा बलों और सरकार की चुनौती

विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के वीडियो संदेशों का उद्देश्य समर्थन जुटाना और भय का माहौल बनाना हो सकता है। पाकिस्तान में पहले भी सुरक्षा एजेंसियां ऐसे प्रचारात्मक संदेशों को लेकर सतर्कता बरतती रही हैं। सरकार और सुरक्षा बलों के सामने एक ओर जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता बनी हुई है।

क्षेत्रीय स्थिरता पर असर

बलोचिस्तान में जारी हिंसा और उग्रवादी गतिविधियां न केवल स्थानीय शांति को प्रभावित करती हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर भी असर डालती हैं। मानवाधिकार संगठनों और सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तरह की हिंसा आम नागरिकों के लिए सबसे अधिक नुकसानदेह होती है। ऐसे में हालात को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के प्रयासों की आवश्यकता लगातार रेखांकित की जाती रही है।

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