आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में समय बचाने के लिए लोग फ्रोजन खाद्य पदार्थों का ज्यादा उपयोग करने लगे हैं। फ्रोजन मटर भी इन्हीं में से एक है, जो लगभग हर घर के फ्रीज़र में आसानी से मिल जाती है। सब्ज़ी बनानी हो, पुलाव हो या स्नैक्स, फ्रोजन मटर तुरंत काम आ जाती है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सुविधा हमारे स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित भी है?
कई लोग मानते हैं कि फ्रोजन मटर ताज़ी मटर जितनी पौष्टिक नहीं होती, जबकि कुछ लोग इसे पूरी तरह सुरक्षित मानते हैं। सच्चाई इन दोनों के बीच कहीं छिपी है। फ्रोजन मटर का सही तरीके से उपयोग किया जाए तो यह पोषण दे सकती है, लेकिन लापरवाही बरतने पर यही मटर नुकसान भी पहुंचा सकती है। इसलिए जरूरी है कि इसके फायदे, नुकसान और सही उपयोग के बारे में पूरी जानकारी हो।
फ्रोजन मटर कैसे बनाई जाती है?
फ्रोजन मटर आमतौर पर ताज़ी मटर से ही तैयार की जाती है। मटर को तोड़ने के कुछ ही समय बाद साफ किया जाता है, हल्का उबाला जाता है और फिर बेहद कम तापमान पर जमाया जाता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मटर के रंग, स्वाद और पोषण को लंबे समय तक सुरक्षित रखना होता है।
हालांकि, इस प्रक्रिया में थोड़ी बहुत पोषण हानि हो सकती है, लेकिन अगर मटर सही तरीके से संग्रहित की जाए तो यह काफी हद तक लाभकारी बनी रहती है। समस्या तब शुरू होती है जब इसमें मिलावट हो या इसे बार-बार पिघलाया और जमाया जाए।
फ्रोजन मटर खाने के फायदे
फ्रोजन मटर में कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के लिए लाभकारी होते हैं। इसमें मौजूद रेशा पाचन को बेहतर बनाता है और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है। यह वजन संतुलन बनाए रखने में भी सहायक हो सकता है।
मटर में पाए जाने वाले तत्व शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं और कमजोरी को दूर करने में सहायक होते हैं। इसके अलावा यह आंखों की सेहत, हड्डियों की मजबूती और प्रतिरक्षा प्रणाली को सहयोग प्रदान कर सकती है, बशर्ते इसका सेवन सीमित मात्रा में और सही तरीके से किया जाए।
गलत तरीके से उपयोग करने पर क्या नुकसान हो सकता है?
फ्रोजन मटर को सीधे फ्रीज़र से निकालकर लंबे समय तक बाहर रखने से उसमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं। कई लोग मटर को बार-बार पिघलाकर फिर से फ्रीज़र में रख देते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।
इसके अलावा बाजार में मिलने वाली कुछ फ्रोजन मटर में रंग या रसायन मिलाए जाने की आशंका भी रहती है। ऐसी मटर का लंबे समय तक सेवन पेट से जुड़ी समस्याएं, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य परेशानियां पैदा कर सकता है।
पोषण विशेषज्ञ क्या सलाह देते हैं?
पोषण विशेषज्ञों का मानना है कि फ्रोजन मटर पूरी तरह खराब नहीं होती, लेकिन इसे ताज़ी मटर का विकल्प भी नहीं माना जाना चाहिए। सप्ताह में सीमित मात्रा में और सही तरीके से पकाकर इसका सेवन किया जाए तो यह नुकसान नहीं करती।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि मटर को पकाने से पहले हल्के गुनगुने पानी से धो लिया जाए और बहुत अधिक देर तक न पकाया जाए, ताकि इसके पोषक तत्व सुरक्षित रहें।
फ्रोजन मटर को सही तरीके से कैसे पकाएं?
फ्रोजन मटर को सीधे उबलते पानी में डालने की बजाय पहले थोड़ी देर सामान्य तापमान पर रखें। इसके बाद हल्के पानी से धोकर सब्ज़ी में डालें। बहुत ज्यादा मसाले और तेल का उपयोग करने से इसके फायदे कम हो जाते हैं।
मटर को ज्यादा देर तक पकाने से उसका स्वाद और पोषण दोनों प्रभावित होते हैं। हल्की आंच पर कम समय में पकाना सबसे बेहतर तरीका माना जाता है।
खरीदते समय बरतें ये 6 जरूरी सावधानियां
- पैकेट पर लिखी तारीख जरूर जांचें
- पैकेट फूला हुआ या पिघला हुआ न हो
- मटर का रंग बहुत ज्यादा चमकीला न हो
- बार-बार पिघली हुई मटर न खरीदें
- भरोसेमंद ब्रांड या दुकान से ही लें
- घर लाकर तुरंत फ्रीज़र में रखें
किन लोगों को फ्रोजन मटर से बचना चाहिए?
जिन लोगों को पेट से जुड़ी गंभीर समस्या रहती है, उन्हें फ्रोजन मटर कम मात्रा में ही लेनी चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी इसका सेवन सीमित रखना बेहतर होता है।
अगर किसी व्यक्ति को पहले से खाद्य एलर्जी या पाचन संबंधी परेशानी है, तो फ्रोजन मटर खाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
क्या फ्रोजन मटर रोज खाना सही है?
फ्रोजन मटर को रोजाना खाना सही नहीं माना जाता। यह ताज़ी सब्ज़ियों का विकल्प नहीं है। इसे केवल समय की कमी में या कभी-कभी इस्तेमाल करना बेहतर होता है। रोजाना ताज़ी और मौसमी सब्ज़ियों को ही प्राथमिकता देनी चाहिए।
निष्कर्ष
फ्रोजन मटर पूरी तरह खराब नहीं है, लेकिन इसे पूरी तरह सुरक्षित भी नहीं कहा जा सकता। सही जानकारी, सही तरीका और सावधानी के साथ इसका उपयोग किया जाए तो यह नुकसान नहीं करती। लेकिन लापरवाही बरतने पर यही सुविधा स्वास्थ्य के लिए समस्या बन सकती है। इसलिए बेहतर यही है कि फ्रोजन मटर को सीमित मात्रा में, सही तरीके से और समझदारी के साथ इस्तेमाल किया जाए।
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