पाकिस्तान ने टी-20 विश्व कप में भारत के खिलाफ मैच खेलने से इंकार कर दिया। इस फैसले के बाद ये साफ हो गया है कि 15 फरवरी को होने वाला भारत-पाकिस्तान का मैच नहीं होगा। पाकिस्तान सरकार ने रविवार को कहा कि उनकी टीम टूर्नामेंट खेलेगी, लेकिन भारत से नहीं भिड़ेगी। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने कहा कि पाकिस्तान किक्रेट बोर्ड (पीसीबी) अपने फैसले पर फिर से विचार करे।

पाकिस्तान सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि उनकी टीम भारत से वर्ल्ड कप मैच नहीं खेलेगी।

भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने से पाकिस्तान पर क्या असर होगा?

1. ग्रुप स्टेज से बाहर होने का खतरा

आईसीसी की नियमों के अनुसार मैच बॉयकॉट करने से पाकिस्तान का ही रन रेट खराब होगा। 16.10.7 क्लॉज में बताया है कि पाकिस्तान के 20 ओवर में 0 रन होंगे। जबकि भारत का एक भी ओवर काउंट नहीं होगा। इससे पाकिस्तान का रन रेट बाकी मैच जीतकर भी निगेटिव में जा सकता है।

ग्रुप-ए में भारत और पाकिस्तान के अलावा नामीबिया, नीदरलैंड और अमेरिका की टीमें हैं। पाकिस्तान अगर 3 में से एक भी मैच हार गई तो टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो जाएगी। अमेरिका तो पिछले विश्वकप में पाकिस्तान को हराकर ग्रुप स्टेज में ही बाहर भी कर चुका है। नीदरलैंड भी आईसीसी टूर्नामेंट में बड़े उलटफेर करते आई है।

2. बैन का खतरा भी पाकिस्तान की टीम के ऊपर 

पाकिस्तान के फैसले के बाद आसीसी पाकिस्तानी टीम पर बैन लगा सकता है जिससे वे विश्व कप से ही बाहर हो जाएगी।आईसीसी अब पीसीबी से पूछेगा कि उसने बॉयकॉट क्यों किया? अगर पाकिस्तान ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो आईसीसी उसे इसी विश्वकप से बैन भी कर सकता है। इससे पहले भी 5 टीमें वर्ल्ड कप में मैच का बॉयकॉट कर चुकी हैं।

आईसीसी ने पाकिस्तान से एक बार फिर विचार करने को कहा  

आईसीसी ने देर रात 11 बजे मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, हम पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के ऑफिशियल कन्फर्मेशन का इंतजार कर रहे हैं। आईसीसी सरकार के फैसलों का समर्थन करता है, लेकिन पाकिस्तान का फैसला दुनियाभर में क्रिकेट के इकोसिस्टम को प्रभावित करने वाला है।

आईसीसी उम्मीद कर रहा है कि पीसीबी अपने फैसले पर फिर से विचार करेगा ताकि दुनियाभर में क्रिकेट का सिस्टम प्रभावित न हो। पाकिस्तान खुद आईसीसी का सदस्य है। हम चाह रहे हैं कि पाकिस्तान किसी तरह सभी स्टेकहोल्डर्स को ध्यान में रखते हुए आखिरी फैसला ले।

आईसीसी द्वारा दिया गया बयान-

आईसीसी ने पाकिस्तान सरकार द्वारा अपने राष्ट्रीय टीम को आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 में चुनिंदा रूप से भाग लेने का निर्देश देने के संबंध में दिए गए बयान पर ध्यान दिया है।

हालांकि आईसीसी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से आधिकारिक सूचना की प्रतीक्षा कर रहा है, लेकिन चुनिंदा भागीदारी का यह रुख वैश्विक खेल आयोजन के मूल सिद्धांत के साथ मेल नहीं खाता, जहां सभी योग्य टीमों से आयोजन कार्यक्रम के अनुसार समान शर्तों पर प्रतिस्पर्धा करने की अपेक्षा की जाती है।

आईसीसी टूर्नामेंट खेल भावना, प्रतिस्पर्धा, निरंतरता और निष्पक्षता पर आधारित हैं, और चुनिंदा भागीदारी प्रतियोगिताओं की भावना और पवित्रता को कमजोर करती है।

हालांकि आईसीसी राष्ट्रीय नीति के मामलों में सरकारों की भूमिका का सम्मान करता है, लेकिन यह निर्णय वैश्विक खेल या दुनिया भर के प्रशंसकों, जिनमें पाकिस्तान के लाखों प्रशंसक शामिल हैं, के कल्याण के हित में नहीं है।

आईसीसी आशा करता है कि पीसीबी अपने देश में क्रिकेट के लिए इसके महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक प्रभावों पर विचार करेगा, क्योंकि इससे वैश्विक क्रिकेट पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित होने की संभावना है, जिसका वह स्वयं एक सदस्य और लाभार्थी है।

आईसीसी की प्राथमिकता आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप का सफल आयोजन करना है, जो पीसीबी सहित इसके सभी सदस्यों की जिम्मेदारी भी होनी चाहिए। आईसीसी पीसीबी से सभी हितधारकों के हितों की रक्षा करने वाले पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान तलाशने की अपेक्षा करती है।

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