रायसीना संवाद 2026 में भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्तों पर दिया बयान
नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत ने अपने प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में अमेरिका के साथ सबसे बेहतर व्यापारिक समझौता हासिल किया है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध बेहद मजबूत और भरोसेमंद हैं, और यह साझेदारी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
नई दिल्ली में आयोजित रायसीना संवाद 2026 को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि अमेरिका लगभग 30 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति है और उसे नजरअंदाज करना किसी भी देश के लिए संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापारिक समझौते का मूल उद्देश्य अपने प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर अवसर प्राप्त करना होता है, और भारत इस दिशा में सफल रहा है।
VIDEO | Union minister Piyush Goyal (@PiyushGoyal), at Raisina Dialogue, said, "India hasn't compromised on stakeholders in any trade deals; tried to protect national interest."
— Press Trust of India (@PTI_News) March 7, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/uqK2XJ9Twp
भारत-अमेरिका संबंधों को बताया मजबूत और भरोसेमंद
रायसीना संवाद के दौरान अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में गोयल ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते पिछले वर्षों में और अधिक मजबूत हुए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई मौकों पर भारत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की है।
गोयल के अनुसार भारत और अमेरिका के बीच विभिन्न स्तरों पर संवाद और सहयोग लगातार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बेहतर समझ और विश्वास का माहौल बना हुआ है। गोयल ने यह भी कहा कि किसी भी मजबूत रिश्ते में कभी-कभी छोटी गलतफहमियां हो सकती हैं, लेकिन इससे संबंधों की मजबूती कम नहीं होती।
उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका एक शक्तिशाली साझेदारी साझा करते हैं और इसी कारण भारत को अपने प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर व्यापारिक अवसर और समझौते प्राप्त हुए हैं।
मुक्त व्यापार समझौतों से बढ़ेगा निवेश और रोजगार
गोयल ने अपने वक्तव्य में यह भी कहा कि भारत द्वारा किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौते केवल व्यापार बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना भी है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विकास यात्रा पर दुनिया का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। भारत की आर्थिक प्रगति, बाजार क्षमता और नीतिगत स्थिरता के कारण कई देश भारत के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने में रुचि दिखा रहे हैं।
गोयल ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अधिक मजबूत स्थान दिलाने में मदद करेंगे। इसके साथ ही यह भारतीय उद्योगों और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने का बेहतर अवसर प्रदान करेंगे।
भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश सबसे बड़ी ताकत
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका जनसांख्यिकीय लाभांश है। दुनिया के कई विकसित देशों में प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन की कमी महसूस की जा रही है, जबकि भारत में बड़ी संख्या में युवा और प्रशिक्षित कार्यबल उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि यदि इस मानव संसाधन का सही तरीके से उपयोग किया जाए तो भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। गोयल ने उद्योग जगत, निवेशकों और अन्य हितधारकों से आह्वान किया कि वे वैश्विक बाजार में अवसरों का लाभ उठाएं और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाएं।
रणनीतिक साझेदार के रूप में भारत और अमेरिका
गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और इसलिए वैश्विक स्तर पर उनकी विशेष जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और यह सहयोग केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रौद्योगिकी, सुरक्षा, निवेश और नवाचार जैसे क्षेत्रों में भी बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण में अमेरिका ने भारत पर पारस्परिक शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की थी। हालांकि बाद में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसे रद्द कर दिया गया। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने का फैसला किया, जिसे बाद में 15 प्रतिशत कर दिया गया।
इस निर्णय के कारण व्यापार समझौते के कानूनी पाठ को अंतिम रूप देने के लिए होने वाली मुख्य वार्ताकारों की बैठक फिलहाल टल गई है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका
गोयल ने कहा कि भारत तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और आने वाले वर्षों में वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में उसकी भूमिका और अधिक मजबूत होने वाली है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता सहयोग दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित होगा और इससे वैश्विक व्यापार तथा आर्थिक स्थिरता को भी मजबूती मिलेगी।
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