सिविल सेवा और वन सेवा परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को आवेदन में मिलेगी बड़ी राहत

संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा और वन सेवा परीक्षा 2026 के अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कॉल सेंटर के परिचालन समय में महत्वपूर्ण विस्तार किया है। आयोग के अनुसार अब अभ्यर्थी सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक संपर्क कर सकेंगे। खास बात यह है कि यह सुविधा सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध रहेगी, जिसमें शनिवार, रविवार और घोषित अवकाश भी शामिल हैं।

आयोग की यह पहल आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल, सुलभ और तनावमुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। हर वर्ष बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन भरते समय तकनीकी कठिनाइयों, दस्तावेज अपलोड, शुल्क भुगतान या अन्य प्रक्रियात्मक सवालों को लेकर सहायता चाहते हैं। विस्तारित समय के कारण अब उन्हें नियमित कार्यालय समय समाप्त होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

संवाद मजबूत करने पर जोर

आयोग का कहना है कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य अभ्यर्थियों और संस्था के बीच संवाद को मजबूत करना है। परीक्षा से जुड़ी छोटी-छोटी उलझनें कई बार अंतिम समय में बड़ी परेशानी का कारण बन जाती हैं। ऐसे में यदि समय पर मार्गदर्शन मिल जाए तो आवेदन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित ढंग से पूरी हो सकती है।

अभ्यर्थियों को अब देर शाम तक भी अपनी जिज्ञासाओं का समाधान मिल सकेगा। इससे उन उम्मीदवारों को विशेष लाभ होगा जो पढ़ाई या नौकरी के कारण दिन में संपर्क नहीं कर पाते थे।

अंतिम दिनों की भीड़ होगी कम

आवेदन की अंतिम तिथियों के आसपास अक्सर कॉल और प्रश्नों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। कई बार तकनीकी दबाव और घबराहट के कारण अभ्यर्थियों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। विस्तारित समय से उम्मीद है कि सहायता पूरे दिन समान रूप से मिलती रहेगी और आखिरी समय में बढ़ने वाला दबाव कम होगा।

आयोग का मानना है कि इस कदम से न केवल व्यवस्था सुचारु होगी, बल्कि अभ्यर्थियों का भरोसा भी मजबूत होगा। समय पर मार्गदर्शन मिलने से त्रुटियों में कमी आएगी और आवेदन अधिक सटीक तरीके से जमा हो सकेंगे।

विद्यार्थी-केंद्रित व्यवस्था की दिशा में पहल

आयोग ने स्पष्ट किया है कि वह एक उत्तरदायी और अभ्यर्थी-केंद्रित परीक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी सोच के तहत संपर्क व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। तकनीकी और प्रक्रियात्मक सहायता को आसान बनाना उसी प्रयास का हिस्सा है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और त्वरित संवाद अत्यंत आवश्यक है। जब अभ्यर्थियों को भरोसा होता है कि उनकी समस्याओं का समाधान समय पर होगा, तो वे अधिक आत्मविश्वास के साथ आवेदन प्रक्रिया पूरी करते हैं।

इस नई व्यवस्था से हजारों अभ्यर्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है, जो आगामी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हुए हैं और आवेदन से जुड़ी औपचारिकताओं को लेकर मार्गदर्शन चाहते हैं।

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