शांत आवाज, सादगी और विश्वसनीयता का युग हुआ विदा
सरला माहेश्वरी के निधन से प्रसारण जगत में गहरा शोक छा गया है। नई दिल्ली में उन्होंने 71 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। लंबे समय तक दूरदर्शन पर अपनी शांत, संतुलित और प्रभावशाली प्रस्तुति से घर-घर में पहचान बनाने वाली यह आवाज अब स्मृतियों में दर्ज हो गई है।
शम्मी नारंग ने दी निधन की पुष्टि
उनके करीबी मित्र और वरिष्ठ समाचार वाचक शम्मी नारंग ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए कहा कि 1980 और 1990 के दशक में जिसे पूरा देश पहचानता था, वह चेहरा अब यादों में सिमट गया है। उनके शब्दों में उस पीढ़ी की भावना साफ झलक रही थी, जिसने समाचार को विश्वास का पर्याय माना।
डीडी न्यूज़ ने व्यक्त किया गहरा शोक
डीडी न्यूज़ ने सामाजिक माध्यम पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सरला माहेश्वरी की उपस्थिति भर से समाचारों की गरिमा बढ़ जाती थी। हर शाम उनकी शांत आवाज और सटीक उच्चारण देशभर के परिवारों को टीवी के सामने जोड़ देता था। चैनल ने उन्हें उस युग की प्रतीक बताया जब समाचार मर्यादा और शालीनता का माध्यम हुआ करते थे।
सादगी भरी छवि ने बनाया अमिट स्थान
1980 के दशक से 2005 तक उन्होंने अनगिनत दर्शकों को प्रतिदिन समाचार सुनाए। उनकी साड़ी का सादा अंदाज, सीधे पल्लू की विनम्रता, चेहरे की सहजता और आंखों की गंभीरता ने उन्हें हर घर का परिचित चेहरा बना दिया। दर्शक उन्हें केवल समाचार वाचिका नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा मानते थे।
कठिन समय में भी रखा संयम
देश के संवेदनशील क्षणों में भी उनकी भूमिका याद की जा रही है। राजीव गांधी की असामयिक मृत्यु का समाचार पूरे राष्ट्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी उन्होंने निभाई थी। उस समय भी उनकी आवाज में धैर्य और संतुलन था, जिसने लोगों को भरोसा दिया।
समाचारों से बढ़कर दिए जीवन मूल्य
डीडी न्यूज़ ने कहा कि सरला माहेश्वरी ने केवल खबरें नहीं पढ़ीं, बल्कि सादगी, शिष्टाचार, धैर्य और सत्यनिष्ठा की सीख दी। वे वह स्वर थीं जिसे सुनते ही घर का वातावरण शांत हो जाता था, माता-पिता ध्यान से सुनते थे और बच्चे भाषा की शुद्धता सीखते थे।
एक युग का अंत
उनके निधन को प्रसारण जगत में एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है। वह समय, जब समाचार वाचक की आवाज पर पूरा देश भरोसा करता था, अब इतिहास बनता जा रहा है। सरला माहेश्वरी उसी भरोसे की पहचान थीं।
स्वर्णिम जोड़ी की यादें
लंबे समय तक शम्मी नारंग के साथ उनकी जोड़ी को दूरदर्शन के स्वर्णिम काल की पहचान माना जाता रहा। दोनों की संतुलित शैली और गरिमा ने समाचारों को विशेष ऊंचाई दी। आज उनके जाने की खबर ने पुरानी स्मृतियों को फिर से जीवित कर दिया।
✨ स्वदेश ज्योति के द्वारा | और भी दिलचस्प खबरें आपके लिए… सिर्फ़ स्वदेश ज्योति पर!
टी20 विश्वकप INDvsNAM: नामीबिया ने टॉस जीता, भारत की पहले बल्लेबाजी, सैमसन आउट हुए
रोहित शर्मा वर्ल्ड कप 2027 खेलने को तैयार : बोले-मेरा लक्ष्य देश के लिए ट्रॉफी जीतना है।
भारत ने पहली बार मल्टीनेशनल कंबाइंड टास्क फोर्स-154 की कमान संभाली
/swadeshjyoti/media/agency_attachments/2025/11/09/2025-11-09t071157234z-logo-640-swadesh-jyoti-1-2025-11-09-12-41-56.png)
/swadeshjyoti/media/agency_attachments/2025/11/09/2025-11-09t071151025z-logo-640-swadesh-jyoti-1-2025-11-09-12-41-50.png)
/swadeshjyoti/media/media_files/2026/02/12/salra-2026-02-12-20-00-19.jpg)