एयरस्ट्राइक, ड्रोन हमले और संसद में निंदा प्रस्ताव के बीच बढ़ा तनाव

काबुल/इस्लामाबाद। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष ने गंभीर रूप ले लिया है। दोनों पक्षों के दावों के अनुसार अब तक 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 500 से ज्यादा घायल हुए हैं। सीमावर्ती इलाकों में लगातार सैन्य कार्रवाई, एयरस्ट्राइक और ड्रोन हमलों के आरोप-प्रत्यारोप से क्षेत्र में तनाव चरम पर है। दोनों देशों ने एक-दूसरे को आगे भी कड़ी सैन्य प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी है।

संघर्ष की शुरुआत गुरुवार देर रात उस समय हुई जब अफगानिस्तान ने 22 फरवरी को हुए पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के जवाब में कार्रवाई की। इसके बाद पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ शुरू करने की घोषणा की। पाकिस्तानी वायुसेना ने काबुल, कंधार, पक्तिया, नंगरहार और अन्य प्रांतों में हवाई हमले किए। इन हमलों के बाद दोनों पक्षों की ओर से भारी नुकसान के दावे किए जा रहे हैं।

पाकिस्तान का दावा: 274 अफगान लड़ाके ढेर

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी के अनुसार, अब तक 274 तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और 400 से अधिक घायल हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि 115 टैंक और बख्तरबंद वाहन नष्ट किए गए, 74 चौकियां तबाह की गईं और 18 चौकियों पर पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण स्थापित कर लिया है। पाकिस्तान ने यह भी स्वीकार किया कि उसके 12 सैनिक मारे गए और 27 घायल हुए हैं।

हालांकि अफगान तालिबान प्रशासन ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उसके केवल 8 से 13 लड़ाके मारे गए हैं और कुछ घायल हुए हैं। तालिबान ने दावा किया कि उसने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और दो सैन्य मुख्यालयों सहित कई चौकियों पर कब्जा कर लिया। तालिबान ने चेतावनी दी है कि यदि पाकिस्तान ने आगे हमला किया तो और कड़ा जवाब दिया जाएगा।

ड्रोन हमलों के आरोप और प्रतिबंध

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने पाकिस्तान के अंदर ड्रोन के जरिए सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। दूसरी ओर पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि एबटाबाद, स्वाबी और नौशेरा में छोटे ड्रोन गिरा दिए गए और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इन घटनाओं के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने पूरे देश में निजी ड्रोन उड़ाने पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है।

पूर्व पाकिस्तानी सेना अधिकारी आदिल रजा ने दावा किया कि अफगानिस्तान से उड़ाए गए ड्रोन ने इस्लामाबाद के पास एक परमाणु ऊर्जा केंद्र समेत कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और सरकार की ओर से इसे लेकर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। 

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में लड़ाई के दौरान एक मस्जिद क्षतिग्रस्त हो गई।

ट्रम्प की टिप्पणी से बढ़ी चर्चा

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से जब पूछा गया कि क्या अमेरिका पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव में हस्तक्षेप करेगा, तो उन्होंने कहा कि वह दखल दे सकते हैं, लेकिन उनके पाकिस्तान से बहुत अच्छे संबंध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान इस समय काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। ट्रम्प की इस टिप्पणी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है कि क्या अमेरिका इस संघर्ष में मध्यस्थता करेगा या नहीं।

पाकिस्तान की संसद में निंदा प्रस्ताव

पाकिस्तान की सीनेट ने अफगानिस्तान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि किसी भी उकसावे पर कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सेना मुख्यालय का दौरा कर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई। पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने अफगान तालिबान सरकार को गैर-कानूनी बताते हुए महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के हनन का आरोप लगाया। 

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के एक अस्पताल में शुक्रवार को एक घायल लड़की का इलाज करते डॉक्टर।

क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरा

विश्लेषकों का मानना है कि यह संघर्ष यदि लंबे समय तक चला तो पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता प्रभावित हो सकती है। सीमावर्ती क्षेत्रों में पहले से मौजूद अस्थिरता और आतंकी गतिविधियों के आरोपों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। पाकिस्तान ने देश में होने वाले आतंकी हमलों के पीछे भारत की भूमिका होने का आरोप लगाया है और कहा है कि इन गतिविधियों के लिए अफगान तालिबान के क्षेत्र का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि भारत की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

दोनों देशों के बीच बढ़ता यह संघर्ष क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कोई कूटनीतिक पहल इस तनाव को कम कर पाएगी या सैन्य टकराव और गहराएगा। 

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