‘गोल्डन ऑवर’ में उपचार से बच सकती हैं हजारों जानें, कानूनी झंझट का डर छोड़ आगे बढ़ने का आग्रह

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोगों से सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की तुरंत मदद करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि समय पर अस्पताल पहुंचाने से अनेक जीवन बचाए जा सकते हैं, लेकिन अक्सर लोग मदद करने के बजाय मोबाइल से वीडियो बनाते हुए तमाशबीन बने रहते हैं।

एक हालिया घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि भोपाल से ग्वालियर जाते समय रास्ते में सड़क किनारे एक युवक अचेत अवस्था में पड़ा मिला। आसपास भीड़ जमा थी, लेकिन कोई सहायता के लिए आगे नहीं आ रहा था। उन्होंने तुरंत वाहन रुकवाया, घायल को अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया और चिकित्सकों से समुचित उपचार सुनिश्चित कराया। मंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में कुछ मिनटों की देरी भी जीवन और मृत्यु के बीच अंतर पैदा कर सकती है।

‘गोल्डन ऑवर’ की अहमियत

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार यदि सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ यानी पहले एक घंटे के भीतर चिकित्सा सुविधा मिल जाए, तो लगभग 50 प्रतिशत मामलों में जान बचाई जा सकती है। हर वर्ष देश में लगभग डेढ़ लाख से अधिक लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं। इनमें से अनेक मौतें समय पर उपचार न मिलने के कारण होती हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी छोटी सी मदद कई परिवारों को उजड़ने से बचा सकती है। समय पर बढ़ाया गया एक हाथ किसी मां की गोद सूनी होने से रोक सकता है, किसी बच्चे के सिर से पिता का साया हटने से बचा सकता है।

कानूनी डर से न घबराएं

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि लोग अक्सर कानूनी परेशानियों के डर से घायलों की मदद करने से बचते हैं, जबकि अब सरकार ने ऐसे ‘सज्जन नागरिकों’ की सुरक्षा के लिए प्रावधान किए हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुंचाता है, उसे अनावश्यक कानूनी प्रक्रिया में नहीं उलझाया जाता। सरकार लोगों को प्रोत्साहित कर रही है कि वे आगे बढ़कर मानवता का परिचय दें।

सेवा ही सच्चा धर्म

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सेवा ही सच्चा धर्म है और परोपकार हमारा कर्तव्य है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जब भी ऐसी स्थिति सामने आए, तो बिना संकोच मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि किसी का जीवन बचाना सबसे बड़ा पुण्य है और समाज तभी संवेदनशील बन सकता है, जब हर व्यक्ति जिम्मेदारी महसूस करे।

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता, त्वरित सहायता और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार से दुर्घटना में होने वाली मौतों की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। मंत्री की यह अपील इसी सामाजिक चेतना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश मानी जा रही है।