ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आय बढ़ाने और सेवा सुधार की नई रणनीति बताई, मार्च तक 100 डाकघर बनेंगे आधुनिक सेवा केंद्र

नई दिल्ली में संचार भवन में आयोजित संवाद कार्यक्रम में Jyotiraditya Scindia ने डाक विभाग की आय बढ़ाने और घाटा कम करने के लिए किए जा रहे व्यापक सुधारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पार्सल सेवा को आधुनिक तकनीक से तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाकर डाक विभाग को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। स्पीड पोस्ट के लिए 24 और 48 घंटे की निश्चित वितरण व्यवस्था लागू की जा रही है और अंतरराष्ट्रीय निर्यात कारोबार को भी विस्तार दिया जा रहा है।

आय में वृद्धि, पार्सल सेवा बनी प्रमुख आधार

सिंधिया ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में डाक विभाग की आय 9,385 करोड़ रुपये से बढ़कर 10,211 करोड़ रुपये हो गई है, जो लगभग 8.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। अब तक 5.97 करोड़ पार्सल और 71.74 करोड़ स्पीड पोस्ट लेख बुक किए जा चुके हैं। यह संकेत है कि पार्सल सेवा अब विभाग के लिए आय का प्रमुख स्रोत बनकर उभर रही है।

उन्होंने कहा कि बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ साझेदारी के तहत दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई और हैदराबाद जैसे महानगरों में विशेष प्रयोग किए जा रहे हैं। इन प्रयोगों में 95 प्रतिशत से अधिक पार्सल समय पर पहुंचाए जा रहे हैं और बड़े शहरों में अगले दिन पार्सल पहुंचाने की सुविधा भी शुरू की जा रही है।

स्पीड पोस्ट में समयबद्ध डिलीवरी

स्पीड पोस्ट सेवा को और विश्वसनीय बनाने के लिए 24 और 48 घंटे की निश्चित वितरण व्यवस्था लागू की गई है। 31 जनवरी तक 71.74 करोड़ स्पीड पोस्ट बुक किए जा चुके हैं। इससे विभाग की साख में वृद्धि हुई है और ग्राहकों का भरोसा मजबूत हुआ है। सिंधिया ने कहा कि समयबद्ध सेवा से आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।

अंतरराष्ट्रीय निर्यात कारोबार में विस्तार

डाक विभाग अब वैश्विक स्तर पर भी अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहा है। इस वर्ष अब तक 303 करोड़ रुपये का निर्यात कारोबार डाक विभाग के माध्यम से हुआ है और भारत से 135 देशों में सामान भेजा जा रहा है। छोटे व्यापारियों और कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच दिलाने के लिए देशभर में एक हजार से अधिक डाक निर्यात केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

वित्तीय सेवाओं में नई साझेदारी

डाक विभाग ने म्यूचुअल फंड सेवाओं के लिए बीएसई और एसोसिएट ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया के साथ समझौता किया है। दूरसंचार सेवाओं के लिए बीएसएनएल के साथ भी सहयोग बढ़ाया जा रहा है। आधार पंजीकरण और संशोधन के लिए 13,352 डाक केंद्र सक्रिय हैं और अब तक 30.8 लाख सत्यापन पूरे किए जा चुके हैं। डाकघरों के माध्यम से 14.45 करोड़ लेनदेन और 0.45 करोड़ पासपोर्ट से जुड़े कार्य संपन्न हुए हैं।

डाक बचत बैंक की बड़ी उपलब्धि

सिंधिया ने बताया कि डाक बचत बैंक में जमा राशि 21.77 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। पहचान सत्यापन प्रक्रिया को मोबाइल और आधार आधारित प्रणाली से सरल बनाया गया है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ग्राहकों को सुविधा मिली है।

डिजिटल परिवर्तन और प्रक्रियाओं में सुधार

उन्होंने कहा कि वर्तमान में केवल 9 प्रतिशत कार्य ऑनलाइन हो रहा है, लेकिन लक्ष्य है कि वर्ष 2028-29 तक इसे बढ़ाकर 70 प्रतिशत किया जाए। बेकार की प्रक्रियाओं को समाप्त कर कागज के उपयोग को कम किया जा रहा है। आधुनिक मशीनों और बेहतर छंटाई व्यवस्था को अपनाया जा रहा है।

डाक विभाग ने फ्रांस की ‘ला पोस्टे’, ब्रिटेन की ‘रॉयल मेल’ और जापान की ‘जापान पोस्ट’ जैसी वैश्विक संस्थाओं के कार्यप्रणाली का अध्ययन किया है, ताकि उनकी तरह आधुनिक व्यवस्था विकसित की जा सके।

ग्रामीण डाक सेवकों की भूमिका और आधुनिक डाकघर

सिंधिया ने कहा कि ग्रामीण डाक सेवक विभाग की रीढ़ हैं और उन्हीं के माध्यम से गांव-गांव तक सेवाएं पहुंचती हैं। केवड़िया, बेंगलुरु, कोल्हापुर और गुंटूर में आयोजित कार्यक्रमों में 8,000 से अधिक कर्मचारियों ने भाग लिया। मार्च 2026 तक 100 डाकघरों को आधुनिक सेवा केंद्रों में बदला जाएगा, जहां बैठने की बेहतर व्यवस्था, इंटरनेट सुविधा और आधुनिक वातावरण उपलब्ध होगा। बड़े शिक्षण संस्थानों में भी नए डाकघर खोले जा रहे हैं।

सिंधिया ने विश्वास जताया कि तकनीक, साझेदारी और सेवा सुधार के माध्यम से डाक विभाग घाटे से बाहर निकलकर लाभ की स्थिति में पहुंचेगा और देश के विकास में अधिक प्रभावी भूमिका निभाएगा।

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