मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में दोनों टीमों का पहला सुपर-8 मुकाबला

टी-20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 चरण का चौथा मुकाबला West Indies cricket team और Zimbabwe national cricket team के बीच मुंबई के ऐतिहासिक Wankhede Stadium में खेला जा रहा है। दोनों ही टीमें इस दौर में अपना पहला मुकाबला खेलने उतरी हैं, ऐसे में यह मैच उनके लिए काफी अहम माना जा रहा है। सुपर-8 में हर जीत सेमीफाइनल की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी, इसलिए मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों पक्षों में जबरदस्त ऊर्जा और रणनीतिक तैयारी देखने को मिली।

टॉस की बात करें तो जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने सिक्का अपने पक्ष में गिरने के बाद पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। उनका मानना है कि वानखेड़े की पिच पर शुरुआती ओवरों में गेंदबाजों को हल्की मदद मिल सकती है और लक्ष्य का पीछा करना अपेक्षाकृत आसान रहेगा। शाम के समय ओस भी अहम भूमिका निभा सकती है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया।

वेस्टइंडीज की सतर्क शुरुआत, किंग और होप क्रीज पर

पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने संयमित शुरुआत की। टीम ने पहले ओवर में बिना कोई विकेट गंवाए 4 रन बना लिए। ओपनर ब्रैंडन किंग और कप्तान शाई होप क्रीज पर मौजूद हैं। जिम्बाब्वे की ओर से पहला ओवर रिचर्ड नगारवा ने डाला। उन्होंने लाइन और लेंथ पर सटीक गेंदबाजी करते हुए बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

वेस्टइंडीज की रणनीति साफ दिखी कि वे शुरुआती ओवरों में जोखिम से बचते हुए पारी को मजबूत आधार देना चाहते हैं। ब्रैंडन किंग अपने आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाते हैं, जबकि शाई होप स्थिरता और तकनीकी मजबूती के प्रतीक हैं। दोनों के बीच संतुलन टीम को तेज शुरुआत दिला सकता है।

प्लेइंग-11 में एक बदलाव, रोमारियो शेफर्ड की वापसी

वेस्टइंडीज की टीम में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला। चोट के कारण पिछले मैचों से बाहर रहे ऑलराउंडर रोमारियो शेफर्ड की टीम में वापसी हुई है। शेफर्ड की मौजूदगी टीम को निचले क्रम में तेज रन बनाने और डेथ ओवरों में उपयोगी गेंदबाजी का विकल्प देती है। उनकी वापसी से वेस्टइंडीज का संतुलन और मजबूत नजर आ रहा है।

वेस्टइंडीज की प्लेइंग-11 में ब्रैंडन किंग, शाई होप (कप्तान और विकेटकीपर), शिमरॉन हेटमायर, रोवमन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, जेसन होल्डर, रोमारियो शेफर्ड, मैथ्यू फोर्ड, अकिल हुसैन, गुडाकेश मोती और शमार जोसेफ शामिल हैं। यह संयोजन बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में गहराई प्रदान करता है।

दूसरी ओर जिम्बाब्वे की टीम में ब्रायन बेनेट, तदिवानाशे मारुमनी, सिकंदर रजा (कप्तान), रायन बर्ल, डायोन मायर्स, ताशिंगा मुसेकिवा, रिचर्ड नगारवा, ब्रैड इवांस, टोनी मुनयोंगा, ग्रीम क्रेमर और ब्लेसिंग मुजरबानी को मौका दिया गया है। जिम्बाब्वे की टीम ने इस टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से सभी को चौंकाया है।

जिम्बाब्वे का आत्मविश्वास: दो विश्व विजेताओं को हराया

जिम्बाब्वे ने इस टी-20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो पूर्व विश्व विजेता टीमों ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका को हराकर अपनी क्षमता का परिचय दिया है। इन जीतों ने टीम का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा दिया है। सिकंदर रजा की अगुवाई में जिम्बाब्वे संतुलित और अनुशासित क्रिकेट खेल रहा है।

उनकी गेंदबाजी आक्रमण में ब्लेसिंग मुजरबानी और रिचर्ड नगारवा जैसे तेज गेंदबाज हैं, जो नई गेंद से दबाव बना सकते हैं। वहीं ग्रीम क्रेमर स्पिन विभाग की जिम्मेदारी संभालते हैं। बल्लेबाजी में सिकंदर रजा और रायन बर्ल जैसे खिलाड़ी मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं।

वानखेड़े की पिच और मुकाबले की दिशा

वानखेड़े स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है, लेकिन नई गेंद से तेज गेंदबाजों को हल्की स्विंग मिल सकती है। छोटी बाउंड्री के कारण बड़े शॉट खेलना अपेक्षाकृत आसान होता है। ऐसे में मिडिल ओवरों में स्पिनरों की भूमिका अहम हो जाती है।

दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि सुपर-8 में हर अंक की कीमत है। वेस्टइंडीज अपनी मजबूत बल्लेबाजी के दम पर बड़ा स्कोर खड़ा करना चाहेगा, जबकि जिम्बाब्वे की नजर शुरुआती विकेट लेकर दबाव बनाने पर रहेगी।

मैच की शुरुआत भले ही संतुलित रही हो, लेकिन जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ेगा, रणनीति और धैर्य ही जीत-हार का फैसला करेंगे। दर्शकों को वानखेड़े में एक रोमांचक और उच्च स्तरीय मुकाबले की उम्मीद है।

मुंबई के Wankhede Stadium में सुपर-8 मुकाबले में West Indies cricket team ने धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया है। कैरेबियाई टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 254 रन बनाकर Zimbabwe national cricket team के सामने 255 रन का विशाल लक्ष्य रखा है।

हेटमायर का तूफान, 19 गेंद में फिफ्टी

शिमरॉन हेटमायर ने विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 19 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मैदान के चारों ओर बड़े शॉट लगाए और कई गगनचुंबी छक्के जड़कर मैच का रुख बदल दिया। उनकी आक्रामक पारी ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर ला दिया।

पॉवेल की दमदार अर्धशतकीय पारी

रोवमन पॉवेल ने भी शानदार साथ निभाया और 59 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। हेटमायर के साथ उनकी साझेदारी ने पारी को स्थिरता और रफ्तार दोनों दी। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए मजबूत साझेदारी हुई, जिसने स्कोर को 200 के पार पहुंचाने की नींव रखी।

अंतिम ओवरों में रन बरसात

पारी के आखिरी दो ओवरों में वेस्टइंडीज ने 38 रन बटोरकर स्कोर को 254 तक पहुंचाया। 19वें ओवर में 20 रन और अंतिम ओवर में 18 रन जोड़कर टीम ने जिम्बाब्वे के सामने पहाड़ जैसा लक्ष्य रख दिया।

अब जिम्बाब्वे के लिए यह लक्ष्य आसान नहीं होगा। रन गति शुरू से ही ऊंची रखनी होगी और बड़े शॉट लगाने होंगे। दूसरी पारी में रोमांच अपने चरम पर होगा।

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