भुवनेश्वर से राउरकेला जा रही उड़ान में तकनीकी स्थिति के चलते खेत में उतारा गया विमान, सभी यात्री सुरक्षित

भुवनेश्वर। ओडिशा में शनिवार को एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब भुवनेश्वर से राउरकेला जा रहा इंडिया वन एयर का एक छोटा विमान राउरकेला से लगभग आठ नॉटिकल मील पहले जल्दा क्षेत्र के पास आपात स्थिति में उतारना पड़ा। विमान में सवार सभी छह लोग, जिनमें दो पायलट और चार यात्री शामिल थे, सुरक्षित बताए गए हैं और किसी के भी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। इस घटना के बाद प्रशासन और विमानन एजेंसियों में कुछ समय के लिए हलचल मच गई।

उड़ान के दौरान उत्पन्न हुई आपात स्थिति

वाणिज्य एवं परिवहन विभाग की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इंडिया वन एयर का यह विमान कारवैन 208 श्रेणी का था, जिसका पंजीकरण क्रमांक वीडी-केएसएस बताया गया है। विमान ने भुवनेश्वर से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट पर राउरकेला के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान के दौरान तकनीकी कारणों से स्थिति असामान्य हो गई, जिसके बाद पायलटों ने सूझबूझ और अनुभव का परिचय देते हुए विमान को नियंत्रित ढंग से जमीन पर उतारने का निर्णय लिया।

पायलटों की सूझबूझ से टली जनहानि

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पायलटों द्वारा समय रहते लिया गया निर्णय और नियंत्रित तरीके से की गई आपात लैंडिंग ही इस घटना में किसी बड़े नुकसान के न होने का मुख्य कारण रहा। विमान को जल्दा क्षेत्र के पास एक खुले स्थान पर सुरक्षित उतारा गया। स्थानीय लोगों ने भी बताया कि विमान अपेक्षाकृत संतुलित स्थिति में जमीन पर उतरा, जिससे आग या विस्फोट जैसी कोई स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।

घटना की सूचना मिलते ही सक्रिय हुआ प्रशासन

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। सभी यात्रियों और पायलटों को एहतियातन चिकित्सकीय जांच के लिए राउरकेला के विभिन्न अस्पतालों में ले जाया गया। प्रारंभिक तौर पर तीन यात्रियों को जे.पी. अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि दो पायलटों और एक अन्य यात्री को राउरकेला सरकारी अस्पताल ले जाया गया। बाद में सभी छह लोगों को जे.पी. अस्पताल, राउरकेला में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां वे चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

सभी की हालत स्थिर, घबराने की जरूरत नहीं

स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सभी यात्रियों और पायलटों की हालत स्थिर है। किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है और सभी खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। चिकित्सकों की टीम एहतियात के तौर पर सभी की नियमित जांच कर रही है, ताकि किसी भी प्रकार की आंतरिक चोट या तनाव संबंधी समस्या को समय रहते पहचाना जा सके।

विमानन एजेंसियों को दी गई सूचना

इस आपात लैंडिंग की जानकारी तत्काल नागरिक उड्डयन महानिदेशालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और अन्य संबंधित विमानन एजेंसियों को दे दी गई है। नियमों के तहत एयरलाइन द्वारा इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो को सौंपी जाएगी। इन एजेंसियों द्वारा यह जांच की जाएगी कि उड़ान के दौरान तकनीकी समस्या किस कारण से उत्पन्न हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

यात्रियों की सुरक्षा पर फिर उठा सवाल

इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्रीय उड़ानों में विमानों की तकनीकी स्थिति और नियमित जांच की अहमियत को रेखांकित किया है। हालांकि इस मामले में पायलटों की तत्परता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया, लेकिन विमानन सुरक्षा को लेकर सतर्कता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर भी बढ़ गया है।

इंडिया वन एयर के इस विमान की आपात लैंडिंग की घटना फिलहाल जांच के दायरे में है और संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

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