डिजिटल माध्यम से पूरी होगी पूरी प्रक्रिया, मोबाइल ऐप और स्व-गणना पोर्टल का होगा उपयोग

नई दिल्ली, 04 फ़रवरी। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि आगामी जनगणना 2027 के दौरान जाति गणना कराई जाएगी। यह प्रक्रिया जनगणना के दूसरे चरण में पूरी की जाएगी। यह जानकारी गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को राज्यसभा में पूछे गए दो अलग-अलग प्रश्नों के लिखित उत्तर में दी।

दो चरणों में होती है जनगणना की प्रक्रिया

गृह राज्य मंत्री ने अपने उत्तर में बताया कि भारत में जनगणना का संचालन हमेशा दो चरणों में किया जाता है। पहले चरण को हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस कहा जाता है, जिसमें प्रत्येक मकान की स्थिति, उसकी संरचना, संपत्ति, उपलब्ध सुविधाओं और बुनियादी ढांचे से संबंधित जानकारी एकत्र की जाती है। इस चरण के लिए प्रश्नावली को 22 जनवरी को अधिसूचित किया जा चुका है और इसके आधार पर घरों से संबंधित विस्तृत आंकड़े जुटाए जाएंगे।

दूसरे चरण में जुटाए जाएंगे जाति सहित सामाजिक-आर्थिक विवरण

मंत्री ने स्पष्ट किया कि दूसरे चरण को जनसंख्या गणना कहा जाता है। इस चरण में देश के प्रत्येक व्यक्ति से जुड़े जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक विवरण एकत्र किए जाएंगे। इसी चरण में जाति से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि जाति गणना से जुड़े प्रश्नों को दूसरे चरण की शुरुआत से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिसूचित किया जाएगा, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप हो।

जाति गणना को लेकर राज्यों और संगठनों से मिले अभ्यावेदन

नित्यानंद राय ने यह भी बताया कि जाति गणना को लेकर तमिलनाडु सहित देश के विभिन्न राज्यों और सामाजिक संगठनों की ओर से केंद्र सरकार को कई अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं। सरकार इन सभी अभ्यावेदनों पर तय प्रक्रिया के अनुसार विचार कर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार इस विषय को गंभीरता से ले रही है और सभी पक्षों की राय को ध्यान में रखा जाएगा।

जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल होगी

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में गृह राज्य मंत्री ने बताया कि जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। इसके लिए विशेष मोबाइल ऐप्स, जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी पोर्टल और स्व-गणना पोर्टल विकसित किए गए हैं। इन मोबाइल ऐप्स में ऑफलाइन डेटा संग्रह की सुविधा भी होगी, ताकि नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों में भी गणना प्रभावित न हो।

कागजी माध्यम का उपयोग केवल आपात स्थिति में

उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी, लेकिन केवल अपरिहार्य हालात में ही कागजी माध्यम का सहारा लिया जाएगा। ऐसे मामलों में कागज पर एकत्र किए गए आंकड़ों को बाद में डिजिटाइज किया जाएगा, ताकि सभी आंकड़े एकीकृत डिजिटल प्रणाली में सुरक्षित रूप से उपलब्ध रहें।

घर-घर जाकर होगी गणना, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

मंत्री ने भरोसा दिलाया कि गणनाकर्मी घर-घर जाकर आंकड़े एकत्र करेंगे, जिससे किसी भी व्यक्ति या परिवार के छूटने की संभावना नहीं रहेगी। स्व-गणना की सुविधा को केवल एक अतिरिक्त विकल्प के रूप में रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि डेटा संग्रह, उसके प्रसारण और सर्वर स्तर पर सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय किए गए हैं, ताकि नागरिकों की जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहे।

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