राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बढ़ा राजनीतिक टकराव

नई दिल्ली, 04 फ़रवरी। लोकसभा में विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण बुधवार को तीसरे दिन भी सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी। बार-बार के व्यवधान, नारेबाज़ी और विरोध प्रदर्शन के चलते लोकसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः सदन को गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

सुबह से ही हंगामे की शुरुआत, तीन बार स्थगन

बुधवार को जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सदस्यों ने अपने मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि सदन को पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। इसके बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन विपक्ष का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा था। नतीजतन, पीठासीन अधिकारी को सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा भी नहीं चल सकी

दोपहर बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू की गई, लेकिन यह चर्चा भी कुछ ही देर में हंगामे की भेंट चढ़ गई। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के कारण कार्यवाही को शाम 5 बजे तक स्थगित करना पड़ा। लगातार हो रहे व्यवधानों से सदन में किसी भी मुद्दे पर सार्थक चर्चा संभव नहीं हो सकी।

निशिकांत दुबे के बयान पर बढ़ा विवाद

इससे पहले चर्चा के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कुछ प्रकाशित पुस्तकों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि वे उन पुस्तकों का उल्लेख कर रहे हैं जो प्रकाशित हो चुकी हैं और जिनमें नेहरू परिवार और कांग्रेस परिवार से जुड़े तथ्य दर्ज हैं। उनके वक्तव्य के दौरान विपक्षी सदस्यों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिससे सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही। पीठासीन अधिकारी ने उन्हें अध्यक्ष की व्यवस्था का हवाला देते हुए विषय से संबंधित बात रखने को कहा, लेकिन विपक्ष का हंगामा जारी रहा।

शाम की कार्यवाही में भी नहीं थमा विरोध

शाम को जब लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई और भाजपा सांसद पी.पी. चौधरी बोलने के लिए खड़े हुए, तब विपक्षी सदस्यों ने फिर से जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। कुछ सदस्य अध्यक्ष के आसन के पास तक पहुंच गए, जिससे सदन की व्यवस्था और गरिमा पर सवाल खड़े हो गए। हालात को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

राहुल गांधी के वक्तव्य को लेकर जारी है गतिरोध

गौरतलब है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वक्तव्य को लेकर पिछले दो दिनों से विवाद बना हुआ है। राहुल गांधी पूर्व थल सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की एक अप्रकाशित पुस्तक से जुड़े संदर्भ सदन में रखना चाहते थे, जिस पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई। सत्ता पक्ष का कहना है कि अप्रकाशित पुस्तक का हवाला संसदीय परंपराओं के खिलाफ है, जबकि विपक्ष का आरोप है कि राहुल गांधी को अपनी बात रखने नहीं दी जा रही है।

आठ विपक्षी सांसद निलंबित, तनाव और गहराया

इसी मुद्दे से जुड़े हंगामे के दौरान मंगलवार को विपक्ष के आठ सांसदों को सदन से निलंबित भी किया गया था। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है। लगातार हो रहे हंगामों के कारण संसद की कार्यवाही प्रभावित हो रही है और राष्ट्रपति के अभिभाषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा बाधित हो रही है।

स्वदेश ज्योति के द्वारा | और भी दिलचस्प खबरें आपके लिए… सिर्फ़ स्वदेश ज्योति पर!

अंडर-19 विश्वकप सेमीफाइनल INDvsAfg: भारत को मिला 311 रनों का लक्ष्य, वैभवसूर्यवंशी का 68 रन बना कर आउट, भारत का स्कोर 17 ओवर में 137-1

तीन सगी नाबालिग बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर दी जान, ऑनलाइन गेमींग की लत बताई जा रही है वजह

ये खाने की आदतें बढ़ा देती हैं भयंकर कब्ज़

रोजाना भीगी किशमिश खाने से शरीर में क्या बदलाव आते हैं? सेहत पर पड़ने वाले असर विस्तार से जानिए