बसंत पंचमी पर सूर्योदय से मां वाग्देवी की पूजा, दोपहर में जुमे की नमाज; सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अक्षरशः पालन
धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित विवादित धार्मिक स्थल भोजशाला में करीब दस साल बाद ऐसा अवसर आया है, जब एक ही दिन हिंदू समाज द्वारा पूजा और मुस्लिम समुदाय द्वारा नमाज अदा की जा रही है। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर शुक्रवार सुबह सूर्योदय के साथ ही मां वाग्देवी की पूजा विधिवत शुरू हुई, जो सूर्यास्त तक हवन, पाठ और आराधना के साथ जारी रहेगी। वहीं, उसी परिसर के भीतर निर्धारित अलग क्षेत्र में दोपहर 1 से 3 बजे के बीच जुमे की नमाज अदा की गई। लंबे समय बाद एक ही दिन दोनों धार्मिक अनुष्ठानों की अनुमति मिलने के कारण प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
#WATCH | Dhar, Madhya Pradesh | A procession being taken out by Hindu organisations reaches Bhojshala, where prayers are being offered on Basant Panchami, following the Supreme Court order allowing Hindus and Muslims to offer prayers at Bhojshala-Kamal Maula complex pic.twitter.com/CD0pDQoFyR
— ANI (@ANI) January 23, 2026
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बनी विशेष व्यवस्था
भोजशाला में पूजा और नमाज को लेकर वर्षों से चला आ रहा विवाद इस बार सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बाद शांतिपूर्ण तरीके से संचालित किया जा रहा है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए हिंदू पक्ष को सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां वाग्देवी की पूजा की अनुमति दी, जबकि मुस्लिम पक्ष को दोपहर 1 से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की इजाजत दी गई। अदालत के आदेशों के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने मिनट-टू-मिनट की रणनीति तैयार कर सुरक्षा और कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
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सुबह से अखंड पूजा, दोपहर में महाआरती
शुक्रवार सुबह तड़के ही श्रद्धालु भोजशाला परिसर में पहुंचने लगे। सूर्योदय के साथ मां वाग्देवी की पूजा प्रारंभ हुई और हवन-पाठ के साथ अखंड आराधना चलती रही। दोपहर करीब 1.15 बजे मां वाग्देवी की महाआरती संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। दर्शन के लिए लंबी कतारें देखी गईं, लेकिन पुलिस और प्रशासन की सख्त व्यवस्था के चलते कहीं भी अव्यवस्था नहीं हुई। श्रद्धालुओं में उत्साह के साथ-साथ शांति बनाए रखने की अपील भी साफ नजर आई।
जुमे की नमाज के लिए सीमित समय और नियंत्रित प्रवेश
दोपहर 1 से 3 बजे तक जुमे की नमाज के लिए परिसर के भीतर पहले से चिन्हित अलग क्षेत्र को उपयोग में लाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नमाज पढ़ने वालों की संख्या पास व्यवस्था के जरिए नियंत्रित की गई है। जैसे-जैसे नामों की संख्या बढ़ेगी, उसी के अनुसार व्यवस्थाएं की जाएंगी। इस दौरान पुलिस और अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी बेहद सख्त रही, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
8000 से अधिक जवान तैनात, तकनीक से चौकस निगरानी
भोजशाला परिसर और पूरे धार शहर में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के 8000 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है, वहीं ड्रोन और एआई आधारित निगरानी प्रणाली के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। असामाजिक तत्वों और अफवाह फैलाने वालों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
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लालबाग से निकली शोभायात्रा, केसरिया ध्वजों से गूंजा शहर
पूजा के साथ ही शुक्रवार दोपहर 12 बजे धार के लालबाग क्षेत्र से शोभायात्रा की शुरुआत हुई। मां वाग्देवी के तेल चित्र को भोजशाला ले जाने के बाद यात्रा का समापन मोती बाग चौक पर किया गया। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में हिंदू धर्मावलंबी शामिल हुए। हाथों में केसरिया ध्वज थामे महिलाएं और पुरुष ढोल-नगाड़ों की धुन पर चलते नजर आए। यात्रा के दौरान ‘भोजशाला के वास्ते रास्ते खाली करो’ जैसे नारे भी लगे, लेकिन पुलिस की निगरानी में सब कुछ नियंत्रित और शांतिपूर्ण रहा।
सोशल मीडिया पर कड़ी नजर, अनर्गल पोस्ट पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
धार शहर में जगह-जगह माइक के जरिए पुलिस प्रशासन की ओर से अनाउंसमेंट किया गया कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भड़काऊ या अनर्गल टिप्पणी न की जाए। अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर निगरानी की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
पीजी कॉलेज में अस्थायी जेल, हर स्थिति से निपटने की तैयारी
किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने इस बार अतिरिक्त सख्ती बरती है। धार के पीजी कॉलेज परिसर में अस्थायी जेल तैयार की गई है, जहां विधिक कक्षा संचालित होने वाले परिसर के तीन बड़े हॉल आरक्षित किए गए हैं। 21 से 27 जनवरी तक कॉलेज को अस्थायी जेल के रूप में उपयोग करने के लिखित आदेश भी जारी किए गए हैं। यह कदम प्रशासन की उस तैयारी को दर्शाता है, जिसके तहत किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में: कलेक्टर
धार के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए किए गए सभी प्रबंध प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं। भोजशाला में पूजा निर्विघ्न चल रही है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। नमाज को लेकर भी अदालत के आदेशों के अनुरूप व्यवस्था की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
कुल मिलाकर, वर्षों बाद एक ही दिन पूजा और नमाज के आयोजन के बावजूद भोजशाला और धार शहर में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है। कड़े सुरक्षा इंतजाम, प्रशासन की सतर्कता और न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के चलते यह संवेदनशील दिन बिना किसी बड़ी घटना के संपन्न होने की ओर बढ़ रहा है।
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