नई पीढ़ी का इमेज जनरेशन टूल, जो कल्पना को पलभर में बना दे हकीकत
तकनीक की दुनिया में एक और बड़ा कदम उठाते हुए गूगल ने अपना नया और अब तक का सबसे उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित इमेज जनरेशन मॉडल ‘नैनो बनाना 2’ लॉन्च कर दिया है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई ने इसे गूगल का “सर्वश्रेष्ठ इमेज मॉडल” बताया है। उनका कहना है कि यह मॉडल न केवल पहले से अधिक तेज है, बल्कि बारीकियों को समझने और उन्हें तस्वीरों में सटीक रूप से उतारने की क्षमता भी रखता है।
नैनो बनाना 2 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह उपयोगकर्ता की कल्पना को उच्च गुणवत्ता वाली, वास्तविक जैसी दिखने वाली तस्वीर में बदल सकता है। यह मॉडल गूगल सर्च की सहायता से ताज़ा और वास्तविक समय की जानकारी का उपयोग करता है, जिससे तैयार की गई इमेज अधिक सटीक और प्रामाणिक लगती है। सामान्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की तुलना में यह अधिक तेज परिणाम देता है और सूक्ष्म विवरणों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करता है।
पुरानी तस्वीरों को नया रूप: चेहरा वही, अंदाज नया
अक्सर लोग अपनी पुरानी तस्वीरों का पृष्ठभूमि बदलना चाहते हैं, लेकिन उन्हें यह डर रहता है कि कहीं चेहरे की बनावट या पहचान बदल न जाए। नैनो बनाना 2 में ‘फेस कंसिस्टेंसी’ यानी चेहरे की स्थिरता बनाए रखने की विशेष क्षमता दी गई है। इसकी मदद से उपयोगकर्ता अपनी तस्वीर में चेहरा यथावत रखते हुए कपड़े, हेयरस्टाइल या पृष्ठभूमि बदल सकते हैं।
उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति अपनी तस्वीर अपलोड कर यह निर्देश दे कि “मेरा चेहरा जैसा है वैसा ही रहे, लेकिन मुझे पहाड़ों की पृष्ठभूमि में औपचारिक सूट पहने दिखाएं”, तो यह मॉडल उसी चेहरे के साथ नई पृष्ठभूमि और परिधान जोड़कर नई इमेज तैयार कर देगा। इससे फोटो संपादन का काम आसान और अधिक विश्वसनीय हो जाता है।
बच्चों की पढ़ाई और प्रोजेक्ट्स के लिए मददगार
नैनो बनाना 2 केवल मनोरंजन या सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी उपयोगी साबित हो सकता है। स्कूल प्रोजेक्ट्स के लिए अक्सर सटीक और स्पष्ट डायग्राम या इन्फोग्राफिक ढूंढना कठिन होता है, खासकर हिंदी जैसी भाषाओं में। यह मॉडल उपयोगकर्ता के निर्देशानुसार उच्च गुणवत्ता वाला चार्ट या इन्फोग्राफिक तैयार कर सकता है।
यदि कोई छात्र निर्देश दे कि “सौर मंडल का एक उच्च गुणवत्ता वाला चार्ट बनाएं जिसमें सभी ग्रहों के नाम हिंदी में लिखे हों”, तो यह मॉडल साफ-सुथरे और पढ़ने योग्य अक्षरों के साथ एक नया, मौलिक चित्र तैयार कर सकता है। इसी तरह “जल चक्र का इन्फोग्राफिक बनाएं जिसमें हिंदी में स्पष्ट लेबल हों” जैसे निर्देशों पर भी यह मॉडल यथार्थवादी प्रकाश प्रभाव और स्पष्ट लेखन के साथ इमेज तैयार कर देता है।
Introducing Nano Banana 2, our best image model yet 🍌🍌
— Sundar Pichai (@sundarpichai) February 26, 2026
It uses Gemini’s understanding of the world and is powered by real-time information and images from web search. That means it can better reflect real-world conditions in high-fidelity.
Check out "Window Seat," a demo… pic.twitter.com/zhe8tC4jCL
छोटे व्यापारियों के लिए डिजिटल डिजाइनर
छोटे दुकानदारों और कारोबारियों के लिए यह मॉडल किसी मुफ्त ग्राफिक डिजाइनर से कम नहीं है। सोशल मीडिया पर उत्पाद की आकर्षक तस्वीर डालना अब आसान हो सकता है। यदि कोई दुकानदार अपने जूते की फोटो अपलोड कर यह कहे कि “इस जूते को एक आकर्षक शोरूम की पृष्ठभूमि में दिखाएं और ऊपर ‘50% छूट’ लिख दें”, तो मॉडल कुछ ही क्षणों में नई प्रोफेशनल जैसी इमेज तैयार कर सकता है।
इससे छोटे व्यवसायों को प्रचार-प्रसार में मदद मिल सकती है और उन्हें महंगे डिजाइनरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
सोशल मीडिया के लिए यूनिक स्टिकर और डीपी
नैनो बनाना 2 की मदद से उपयोगकर्ता ऐसे मीम्स, स्टिकर या प्रोफाइल तस्वीरें बना सकते हैं, जो इंटरनेट पर कहीं और उपलब्ध न हों। उदाहरण के लिए, यदि कोई कहे कि “चश्मा पहने हुए कुत्ते की मजेदार तस्वीर बनाएं जो समोसा खा रहा हो”, तो मॉडल कुछ ही सेकंड में ऐसी अनोखी इमेज तैयार कर सकता है। इससे रचनात्मकता को नई उड़ान मिलती है।
गूगल के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर उपलब्धता
गूगल इस मॉडल को अपने पूरे तंत्र में शामिल कर रहा है। उपयोगकर्ता इसे Gemini ऐप, गूगल सर्च के कृत्रिम बुद्धिमत्ता मोड, Google Lens और गूगल के वीडियो निर्माण उपकरण ‘फ्लो’ में उपयोग कर सकेंगे। इससे फोटो संपादन और ग्राफिक निर्माण का काम आम लोगों के लिए भी सुलभ हो जाएगा।
अगस्त 2025 से शुरू हुआ सफर
गूगल ने अगस्त 2025 में पहली बार ‘नैनो बनाना’ मॉडल पेश किया था, जो उच्च रेजोल्यूशन तस्वीरों के लिए लोकप्रिय हुआ। इसके बाद नवंबर में ‘नैनो बनाना प्रो’ मॉडल लाया गया, जिसे पेशेवर स्टूडियो गुणवत्ता की इमेज के लिए डिजाइन किया गया था। अब ‘नैनो बनाना 2’ के साथ कंपनी ने गति और बुद्धिमत्ता का ऐसा संयोजन प्रस्तुत किया है, जो आम उपयोगकर्ताओं और पेशेवरों दोनों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के उन्नत इमेज जनरेशन मॉडल आने वाले समय में डिजाइन, शिक्षा, विज्ञापन और सोशल मीडिया के क्षेत्र में बड़े बदलाव ला सकते हैं। गूगल का यह कदम कृत्रिम बुद्धिमत्ता की दौड़ में उसे और मजबूत स्थिति में खड़ा करता है।
✨ स्वदेश ज्योति के द्वारा | और भी दिलचस्प खबरें आपके लिए… सिर्फ़ स्वदेश ज्योति पर!
बरसाना की ऐतिहासिक लठमार होली 2026, कब मनाई जाएगी होली और क्या है इसका सांस्कृतिक अर्थ?
शिवराज सिंह चौहान की अपील: सड़क हादसों में घायलों की मदद करें, तमाशबीन न बनें
कांग्रेस के कुकर्मों को देश माफ नहीं करेगा: अजमेर में मोदी का विपक्ष पर तीखा हमला
हिरासत से हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती: विशेष न्यायालय ने पीएमएलए के उपयोग पर उठाए सवाल
/swadeshjyoti/media/agency_attachments/2025/11/09/2025-11-09t071157234z-logo-640-swadesh-jyoti-1-2025-11-09-12-41-56.png)
/swadeshjyoti/media/agency_attachments/2025/11/09/2025-11-09t071151025z-logo-640-swadesh-jyoti-1-2025-11-09-12-41-50.png)
/swadeshjyoti/media/media_files/2026/02/28/google-nano-banana-2-ai-image-model-launch-2026-02-28-14-42-03.png)