समरलाकोटा मंडल के वेटलापालेम गांव में हादसा, पांच किलोमीटर तक गूंजी धमाके की आवाज
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले के समरलाकोटा मंडल स्थित वेटलापालेम गांव में शनिवार दोपहर एक पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। गोदावरी नहर के पास स्थित सूर्यश्री पटाखा फैक्टरी में अचानक तेज धमाका हुआ, जिसके तुरंत बाद आग की ऊंची लपटें उठने लगीं और आसपास का क्षेत्र घने धुएं से भर गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि आठ लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उनका इलाज अस्पताल में जारी है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज करीब पांच किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके के झटकों से पास के गांव में स्थित एक निजी विद्यालय की छत के स्लैब में दरारें आ गईं। आसपास के पांच गांवों में दहशत फैल गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। कई स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन वहां का मंजर भयावह था। आग में फंसे कई मजदूर बुरी तरह झुलस चुके थे। कुछ शव इतने अधिक जल गए थे कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया।
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महिलाओं की अधिक मौत, पहचान का कार्य जारी
पुलिस के अनुसार, मृतकों में ज्यादातर महिलाएं हैं, जो फैक्टरी में पटाखा निर्माण कार्य में लगी हुई थीं। अब तक 11 मृतकों की पहचान की जा चुकी है, जबकि बाकी की शिनाख्त के प्रयास जारी हैं। गंभीर रूप से घायल आठ लोगों को एम्बुलेंस के जरिए काकीनाडा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति चिंताजनक बताई है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह पटाखा फैक्टरी अडापा नानी के परिवार के सदस्यों द्वारा संचालित की जा रही थी। मृतकों में उनके परिवार के कुछ सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटना के कारणों की जांच में जुटे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि फैक्टरी में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
राहत और बचाव कार्य में जुटा प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी और दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी। राहत और बचाव दल ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। जिले के पुलिस अधीक्षक और जिलाधीश मौके पर मौजूद रहकर राहत कार्यों की निगरानी करते रहे।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू इस समय विजयनगरम जिले के दौरे पर हैं। उन्होंने घटना की जानकारी मिलते ही गहरा दुख व्यक्त किया और अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने राज्य की गृहमंत्री अनीता को घटनास्थल पर पहुंचने के लिए कहा। इसके बाद गृहमंत्री घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लेने की तैयारी की।
सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर पटाखा उद्योग में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि फैक्टरी में अक्सर बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री का भंडारण किया जाता था, जिससे खतरा हमेशा बना रहता था। हालांकि आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि विस्फोट किस कारण से हुआ, लेकिन प्रारंभिक संकेत लापरवाही या सुरक्षा नियमों की अनदेखी की ओर इशारा कर रहे हैं।
घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। साथ ही, विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं ताकि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
काकीनाडा के इस दर्दनाक हादसे ने राज्य में औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविकता को उजागर कर दिया है। अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि यह महज एक दुर्घटना थी या किसी गंभीर लापरवाही का परिणाम। फिलहाल राहत और उपचार कार्य जारी है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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