हिंदू नववर्ष की शुरुआत करने वाला चैत्र मास, जानिए कब से शुरू हो रहा है महीना और कौन-कौन से प्रमुख पर्व पड़ेंगे
भारतीय पंचांग में चैत्र मास को वर्ष का पहला और अत्यंत पवित्र महीना माना जाता है। यह महीना केवल एक नए कैलेंडर की शुरुआत नहीं करता, बल्कि नई ऊर्जा, नई आशाओं और आध्यात्मिक जागृति का प्रतीक भी होता है। प्रकृति के स्तर पर भी यह समय परिवर्तन और नवजीवन का संकेत देता है। वसंत ऋतु के प्रभाव से वातावरण में ताजगी आती है, पेड़ों पर नई कोंपलें दिखाई देती हैं और चारों ओर उत्साह का वातावरण बन जाता है।
धार्मिक दृष्टि से चैत्र मास का महत्व इसलिए भी विशेष माना जाता है क्योंकि इसी महीने से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है। इस अवधि में अनेक महत्वपूर्ण व्रत, पर्व और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होते हैं, जिनका भारतीय संस्कृति और परंपरा में गहरा महत्व है। श्रद्धालु इस पूरे महीने में पूजा-पाठ, व्रत, दान और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से आध्यात्मिक साधना करते हैं।
चैत्र मास की शुरुआत और हिंदू नववर्ष
वर्ष 2026 में चैत्र मास की शुरुआत 19 मार्च 2026 से मानी जा रही है। इसी दिन से हिंदू नववर्ष का आरंभ भी माना जाता है, जिसे नव संवत्सर कहा जाता है। इस दिन लोग सुबह स्नान के बाद घरों में विशेष पूजा करते हैं, मंदिरों में दर्शन करने जाते हैं और आने वाले वर्ष के लिए सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हैं।
कई स्थानों पर इस दिन धार्मिक शोभायात्राएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विशेष अनुष्ठान भी आयोजित किए जाते हैं। यह दिन नई शुरुआत और सकारात्मक संकल्प लेने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
चैत्र नवरात्रि : शक्ति उपासना के नौ पवित्र दिन
चैत्र मास के आरंभ के साथ ही चैत्र नवरात्रि भी शुरू हो जाती है। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026 से शुरू होकर 27 मार्च 2026 तक मनाई जाएगी। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है।
श्रद्धालु घरों में घट स्थापना करते हैं और पूरे नौ दिनों तक व्रत रखकर मां दुर्गा की आराधना करते हैं। मंदिरों में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजन होते हैं। माना जाता है कि नवरात्रि के दौरान की गई साधना और पूजा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, शक्ति और समृद्धि का संचार होता है।
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राम नवमी : मर्यादा और धर्म का संदेश देने वाला पर्व
चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन राम नवमी का पर्व मनाया जाता है। वर्ष 2026 में राम नवमी 27 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान राम का जन्म हुआ था।
इस अवसर पर देशभर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और रामायण का पाठ होता है। कई स्थानों पर धार्मिक यात्राएं और भजन-कीर्तन के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। राम नवमी का पर्व भगवान राम के आदर्श जीवन, मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
हनुमान जयंती : भक्ति और शक्ति का प्रतीक
चैत्र मास के प्रमुख पर्वों में हनुमान जयंती का भी विशेष स्थान है। वर्ष 2026 में हनुमान जयंती 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में विशेष पूजा और अनुष्ठान किए जाते हैं।
मंदिरों में हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया जाता है। भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और भगवान हनुमान से शक्ति, साहस और संकटों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं। कई स्थानों पर भंडारे और धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों का महीना
चैत्र मास केवल व्रत और त्योहारों का ही महीना नहीं है, बल्कि यह दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों का भी महत्वपूर्ण समय माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु मंदिरों में पूजा करते हैं, पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और जरूरतमंद लोगों की सहायता करते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार इस महीने में किए गए दान और पुण्य कर्मों का विशेष फल प्राप्त होता है। इसी कारण देश के कई तीर्थ स्थलों पर धार्मिक मेलों और विशेष अनुष्ठानों का आयोजन भी होता है।
नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच का संदेश
चैत्र मास जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। यह महीना लोगों को सकारात्मक सोच अपनाने, आत्मिक शुद्धि करने और जीवन में संतुलन स्थापित करने की प्रेरणा देता है। व्रत, पूजा, ध्यान और संयम के माध्यम से लोग अपने भीतर की शक्ति को पहचानने और आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं।
भारतीय संस्कृति में चैत्र मास केवल धार्मिक पर्वों का समय नहीं है, बल्कि यह जीवन में नई आशा, नई ऊर्जा और आध्यात्मिक जागृति का संदेश भी देता है। यही कारण है कि यह महीना श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत पवित्र और प्रेरणादायक माना जाता है।
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