नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं। बिहार के मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके खुद यह जानकारी दी है। नीतीश के राज्यसभा जाने का मतलब है राज्य की सत्ता में बहुत कुछ बदलने जा रहा है। राज्य में नई सरकार बनेगी। महज 105 दिन पहले दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नीतीश नौवीं बार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- "आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी राज्यसभा में अपना नामांकन दाखिल किया है। इसके साथ ही बहुत ही लंबे अरसे के बाद नीतीश कुमार फिर से एक बार राष्ट्रीय राजनीति में राज्यसभा सांसद के नाते प्रवेश करेंगे। 2005 से लेकर आज तक नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। उनका ये कार्यकाल बिहार के इतिहास में स्वर्णिम पृष्ठ के रूप में लिखा जाएगा। 

शाह ने नीतीश को बताया- वे दाग राजनेता  

उन्होंने अपने शासन काल में बिहार को जंगलराज से मुक्त करने का काम किया। उन्होंने न केवल बिहार की सड़कों को गांव तक जोड़ा, उसकी स्थिति में भी सुधार किया। इतने लंबे कार्यकाल में विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री रहते हुए उनके कुर्ते पर कभी दाग नहीं लगा। भ्रष्टाचार का आरोप लगे बिना इतना लंबा राजनीतिक सफर शायद ही किसी ने तय किया हो जो नीतीश कुमार ने तय किया है।

बिहार के हर गांव, हर घर में बिजली पहुंचाने में भी उनका बहुत बड़ा योगदान रहा उनके नेतृत्व में ही पीएम मोदी द्वारा भेजी गई सभी योजनाएं बिहार के जन-जन तक पहुंची। 1974 के जयप्रकाश आंदोलन के वे प्रमुख नेता रहे हैं और तब से लेकर आज तक पूरा जीवन जे.पी. के सिद्धांतों पर बिताने का प्रयास किया।

नीतीश कुमार फिर हमारे बीच राज्यसभा सांसद होने के नाते वे दिल्ली आ रहे हैं। मैं और NDA के सभी साथी उनका हृदय से स्वागत करते हैं। उनका जो कार्यकाल मुख्यमंत्री होने के नाते हैं, उसे बिहार के लोग याद भी करेंगे और उसका सम्मान भी करेंगे। मैं फिर से नितिन नवीन और नीतीश कुमार का राज्यसभा में आने पर स्वागत करता हूं।"

सत्ता संभालने के 105 दिन बाद लिए फैसला

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के नामांकन की बात कहने के साथ ही यह तय हो गया है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन होने जा रहा है। बीते नवंबर राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए को प्रचंड बहुमत के साथ जीत मिली थी। 89 सीटें जीतकर भाजपा विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। इसके बाद भी चुनाव पूर्व किए वादे के मुताबिक, राज्य की बागडोर 85 सीटें जीतने वाले जदयू के नीतीश कुमार के हाथ में आई। नीतीश के सत्ता संभालने के महज 105 दिन बाद यह तय हो गया है कि बिहार में नीतीश राज का अंत होने जा रहा है। इसके साथ ही इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि राज्य में पहली बार भाजपा अपना मुख्यमंत्री बना सकती है। 

पहली बार भाजपा बिहार की सत्ता की बागडोर लेगी अपने हाथों में

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के नामांकन की बात कहने के साथ ही यह तय हो गया है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन होने जा रहा है। बीते नवंबर राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए को प्रचंड बहुमत के साथ जीत मिली थी। 89 सीटें जीतकर भाजपा विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। इसके बाद भी चुनाव पूर्व किए वादे के मुताबिक, राज्य की बागडोर 85 सीटें जीतने वाले जदयू के नीतीश कुमार के हाथ में आई। नीतीश के सत्ता संभालने के महज 105 दिन बाद यह तय हो गया है कि बिहार में नीतीश राज का अंत होने जा रहा है। इसके साथ ही इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि राज्य में पहली बार भाजपा अपना मुख्यमंत्री बना सकती है।  

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