अनिल अग्रवाल के इकलौते बेटे का 49 साल की उम्र में निधन

वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश का निधन, स्कीइंग हादसे के बाद  अचानक कार्डियक अरेस्ट से गई जान - vedanta chairman anil agarwal son agnivesh  passes away

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल का निधन हो गया है। उनकी उम्र लगभग 49 साल थी। अग्निवेश वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के बोर्ड में शामिल थे।

अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि अमेरिका में उनके बेटे को स्कीइंग के दौरान गंभीर चोट लगी थी। इलाज के लिए उन्हें माउंट सिनाई अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां बुधवार को उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया और उनका निधन हो गया।

अनिल अग्रवाल ने बुधवार की रात करीब 10 बजे X (ट्विटर) पर भावुक पोस्ट लिखते हुए कहा कि हुए यह उनके जीवन का सबसे अंधकारमय दिन है। उन्होंने कहा कि वे अपने बेटे से किया हुआ वादा निभाते हुए अपनी कमाई का 75% समाज सेवा में लगाएंगे।

बेटे अग्निवेश के निधन से टूटे अनिल अग्रवाल : वेदांता ग्रुप के चेयरमैन ने  शेयर किया भावुक पोस्ट, बोले- सपने अधूरे नहीं रहने दूंगा - People's Update

प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनिल अग्रवाल की पोस्ट पर जवाब देते हुए लिखा,
“अग्निवेश अग्रवाल का असामयिक निधन बेहद दुखद और चौंकाने वाला है। आपकी श्रद्धांजलि से आपके दुख की गहराई साफ झलकती है। ईश्वर आपको और आपके परिवार को शक्ति दे। ओम शांति।”

अग्निवेश अग्रवाल के बारे में जानिए 

अनिल अग्रवाल ने कहा कि उनके बेटे अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। उन्होंने अजमेर के मेयो कॉलेज से पढ़ाई की थी और एक सफल करियर बनाया था।

अग्निवेश ने फुजैराह गोल्ड कंपनी की स्थापना में अहम भूमिका निभाई थी और वे हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन भी रह चुके थे। अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे को एक संगीत प्रेमी और लीडर बताया, और अच्छा खिलाड़ी, जो अपनी विनम्रता और दयालु स्वभाव के लिए जाने जाते थे।

2019 तक हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन

कॉमर्स से ग्रेजुएट अग्निवेश 2019 तक हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के चेयरमैन रहे। उन्होंने कंपनी की माइनिंग तकनीक को आधुनिक बनाया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। उनके नेतृत्व में हिंदुस्तान जिंक दुनिया की टॉप कंपनियों में शामिल हुई।

वे फुजैराह गोल्ड के प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर भी रहे हैं। इसके अलावा वे अलुवर्क्स लिमिटेड और वेदांता से जुड़ी पावर कंपनी के बोर्ड में भी शामिल थे।

वे 1995 से 2013 तक मद्रास एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड के डायरेक्टर रहे और साल 2009 से स्टरलाइट एनर्जी लिमिटेड के गैर-कार्यकारी निदेशक भी थे।

इन कंपनियों में डायरेक्टर रहे

तेंगपानी टी कंपनी लिमिटेड

ट्विन स्टार इंटरनेशनल लिमिटेड

स्टरलाइट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड

स्टरलाइट इन्फ्रास्ट्रक्चर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड

स्टरलाइट आयरन एंड स्टील कंपनी लिमिटेड

प्राइमेक्स हेल्थकेयर एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड

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