नई दिल्ली, 05 फरवरी (हि.स.)। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने वायु सेना को समय पर एलसीए मार्क-1ए की आपूर्ति करने का गुरुवार को भरोसा दिया है। आपूर्ति के लिए पांच तेजस मार्क-1 ए लड़ाकू विमान तैयार कर लिए हैं, जिनके फायरिंग और मिसाइल ट्रायल्स पूरे हो चुके हैं। वायु सेना इन फाइटर जेट की आपूर्ति स्वीकार करने से पहले इस साल मई में 'कॉम्बैट एयरक्राफ्ट प्रोजेक्ट' की समीक्षा करेगी।
दो किश्तों में मिलेंगे विमान
भारतीय वायु सेना ने एचएएल को दो किश्तों में 180 तेजस मार्क-1 ए लड़ाकू विमान के ऑर्डर दिए हैं। पहला ऑर्डर फरवरी 2021 में 83 लड़ाकू विमानों के लिए और दूसरा ऑर्डर पिछले साल सितंबर में 97 विमानों के लिए दिया गया था। एचएएल से दोनों सौदों के तहत वायु सेना को 141 लड़ाकू और 39 ट्रेनर विमान मिलने हैं। अभी तक एक भी विमान की आपूर्ति न होने पर वायु सेना प्रमुख कई मौकों पर अपनी नाराजगी जता चुके हैं। इस बीच मई में पाकिस्तान के साथ ऑपरेशन 'सिंदूर' के दौरान भी स्वदेशी लड़ाकू विमान की जरूरत महसूस की गई थी।
टाइमलाईन में हुआ बदलाव
दरअसल, एचएएल से वायु सेना को पहले बैच की आपूर्ति मार्च 2025 तक होनी थी, लेकिन बाद में इस टाइमलाइन को बदलकर मार्च 2026 कर दिया गया। अब तक कोई अपडेट न मिलने से 31 मार्च की अंतिम समय सीमा तक आपूर्ति पर सवालिया निशान मंडरा रहा है, क्योंकि इसे अभी अपनी पहली उड़ान भरनी बाकी है। इस बीच एचएएल ने आज वायु सेना को भरोसा दिया है कि पांच एयरक्राफ्ट आपूर्ति के लिए पूरी तरह तैयार हैं, जिसमें तय मानकों के अनुसार प्रमुख अनुबंधित क्षमताएं होंगी।
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एचएएल ने कहा कि नौ और एयरक्राफ्ट पहले ही बनाए और उड़ाए जा चुके हैं। अमेरिकी कंपनी जीई से इंजन मिलने पर इन एयरक्राफ्ट को भी आपूर्ति के लिए तैयार कर दिया जाएगा। एचएएल की ओर से बताया गया है कि विमानों की सभी डिजाइन और विकास के मुद्दे का तेजी से निराकरण किया जा रहा है। जल्द से जल्द विमान आपूर्ति के लिए वायु सेना के साथ बातचीत किये जाने की तैयारी है। एचएएल को आज तक अमेरिकी कंपनी से पांच इंजन मिल चुके हैं और आगे भी इंजन की आपूर्ति जल्द से होने की उम्मीद है, इसलिए एचएएल ने भरोसा दिलाया है कि वह चालू वित्त वर्ष में विमानों की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
देरी पर एयर चीफ मार्शल ने उठाए थे सवाल
वायु सेना ने एचएएल से तेजस मार्क-1ए की आपूर्ति स्वीकार करने से पहले इस प्रोजेक्ट की समीक्षा करने की बात कही है। इस प्रोजेक्ट पर पिछले साल दिसंबर में विस्तृत चर्चा हुई थी। वायु सेना को ज़्यादातर एयरक्राफ्ट प्रोजेक्ट अप्रैल 2026 में पूरे होने की उम्मीद है, इसलिए मई में फिर से समीक्षा की जानी है। वर्तमान में वायु सेना के पास स्वीकृत 42 फाइटर स्क्वाड्रन के बजाय सिर्फ 31 स्क्वाड्रन ही हैं। पुराने मिग-21 जैसे विमान सेवा निवृत्त हो रहे हैं, जिससे लड़ाकू ताकत पर असर पड़ रहा है। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कई बार कहा है कि वे तेजस मार्क-1ए का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पिछले साल एयरो इंडिया में भी उन्होंने इस प्रोजेक्ट की धीमी गति पर खुलकर नाराजगी व्यक्त कि थी।
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