नई दिल्ली, 05 फ़रवरी स्वादेश ज्योति । लोकसभा में विपक्षी दलों के आठ सदस्यों के निलंबन और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने देने की मांग पर हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही पहले 12 बजे तक और फिर 02 बजे तक के लिए स्थगित किया गया। इस दौरान हंगामे के बीच सदन ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को बिना जवाब के ही ध्वनिमत से पारित कर दिया।
प्रतिपक्ष का व्यवहार संसदीय परंपराओं के लिए एक काला धब्बा - ओम बिरला
"इतिहास रहा है कि आज तक राजनीतिक मतभेदों को कभी भी सदन के कार्यालय तक नहीं लाया गया. प्रतिपक्ष के सदस्यों ने जो व्यवहार कल अध्यक्ष के कार्यालय में किया, वो हमारी संसदीय परंपराओं के लिए उचित नहीं था, बल्कि वो एक काला धब्बा था. जब सदन के नेता को महामहिम राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देना था तो मेरे पास पुख्ता जानकारी आई कि "कांग्रेस पार्टी के कई सदस्य माननीय प्रधानमंत्री जी के आसन पर पहुंच कर कोई अप्रत्याशित घटना कर सकते हैं." किसी अप्रिय घटना को टालने के लिए मैंने माननीय प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि उन्हें सदन में नहीं आना चाहिए. मैं सदन के नेता के प्रति आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने मेरे आग्रह को स्वीकर किया. सदन के नेता सदन में न बोलें, ये किसी भी प्रकार के लिए उचित नहीं है. प्रधानमंत्री ने मेरे आग्रह को मान कर सदन को किसी अप्रिय दृश्य से बचाया है. आप पोस्टर, पम्पलेट लेकर आएंगे तो सदन नहीं चलेगा. सदन की गरिमा को बचाए रखें. कल की घटना देश ने देखी है. जिस तरीके से महिला सदस्य वहां पहुंचीं, ये उचित नहीं था."
"इतिहास रहा है कि आज तक राजनीतिक मतभेदों को कभी भी सदन के कार्यालय तक नहीं लाया गया. प्रतिपक्ष के सदस्यों ने जो व्यवहार कल अध्यक्ष के कार्यालय में किया, वो हमारी संसदीय परंपराओं के लिए उचित नहीं था, बल्कि वो एक काला धब्बा था.
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जब सदन के नेता को महामहिम राष्ट्रपति के अभिभाषण पर… pic.twitter.com/grFO6S38Hc
लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार को पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होते ही अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि उन्हें कई स्थगन प्रस्तावों की सूचना मिली है, लेकिन किसी को अनुमति नहीं दी गई। इस दौरान नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीपद यशो नाईक, सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री सुरेश गोपी ने अपने-अपने मंत्रालयों से जुड़े दस्तावेज सदन के पटल पर रखे।
सदन शुरु होती ही विपक्ष का हंगामा
संसद बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य हाथों में बैनर, पोस्टर और तख्तियां लेकर सदन के बीचोंबीच पहुंच गए और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों को चेतावनी दी कि हाथों में तख्तियां लेकर आने पर उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया जाएगा। इसके बावजूद विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा। इसके बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अनेक संशोधन प्रस्तुत किए गए, जिन्हें मतदान के बाद अस्वीकृत कर दिया गया। इस दौरान हंगामे के बीच ही धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों से अपील की कि वे सदन को चलने दें और सभी को बजट पर बोलने का अवसर दें। उन्होंने कहा कि लगातार हंगामा करना सदन का अपमान है लेकिन विपक्षी सदस्यों के विरोध के चलते कार्यवाही को 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
विपक्ष की महिला सदस्य बैनर लेकर प्रधानमंत्री की सीट के पास पहुंची थीं
गौरतलब है कि बुधवार को विपक्ष की महिला सदस्य बैनर लेकर प्रधानमंत्री की सीट के पास पहुंच गई थीं, जिसके चलते कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी। हालांकि उस समय प्रधानमंत्री सदन में मौजूद नहीं थे। अध्यक्ष बिरला ने बीते दिन हुई घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि विपक्षी सदस्य सत्ता पक्ष की वेल तक पहुंच गए थे, जो सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है और यदि इसे खत्म किया जाएगा तो सदन चलाना संभव नहीं हो सकेगा।
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