मुंबई में मोहन भागवत का बड़ा बयान
मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर संघचालक मोहन भागवत ने 100 वर्ष पूरे होने पर मुंबई में आयोजित व्याख्यानमाला में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि संघ में किसी भी जाति का व्यक्ति सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति या जनजाति होना कोई बाधा नहीं है और ब्राह्मण होना कोई योग्यता नहीं है। उन्होंने कहा कि जब संघ की शुरुआत हुई थी तो उस वक्त पर ब्राह्मणों की संख्या अधिक थी, लेकिन संगठन सभी जातियों के काम करता है। संघ प्रमुख ने जोर देकर कहा कि संघ का सरसंघचालक कोई ब्राह्मण नहीं बन सकता, कोई क्षत्रिय नहीं बन सकता, कोई अन्य जाति का नहीं बन सकता, हां जो कोई भी बनेगा वह हिन्दू ही होगा। गौरतलब हो कि अभी तक हुए सभी छह संघ प्रमुख में पांच ब्राह्मण हैं। संघ प्रमुख मोहन भागवत खुद करहाड़े ब्राह्मण हैं। चौथे संघ प्रमुख प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया राजपूत यानी ठाकुर थे।
संघ का सरसंघचालक कोई ब्राह्मण नहीं बन सकता, कोई क्षत्रिय नहीं बन सकता, कोई अन्य जाति का नहीं बन सकता, हां जो कोई भी बनेगा वह हिन्दू ही होगा। - डा. मोहन भागवत जी #NewHorizonspic.twitter.com/KA5kSuEY34
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अंग्रेजी का जहां प्रयोग होता है वहां करना बुराई नहीं: भागवत
सर संघचालक भागवत ने कहा कि संघ की फंडिंग को लेकर लोगों में जिज्ञासा रहती है, लेकिन संगठन मुख्य रूप से अपने स्वयंसेवकों के सहयोग से चलता है। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान कार्यकर्ता बाहर खाने के बजाय स्वयंसेवकों के घर ठहरते हैं और उनके द्वारा दिए गए भोजन से काम चलाते हैं। मोहन भागवत ने कहा कि अंग्रेजी से हमारा बैर नहीं है। जहां अंग्रेजी के बिना काम नहीं चलता वहां हम अंग्रेजी भाषा का उपयोग करते हैं. पर हमारा प्रयास रहता है कि अपनी मातृभाषा या फिर हिन्दी भाषा का ही प्रयोग करें।
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घर वापसी और भाषा विवाद पर भी रखे अपने विचार
सरसंघचालक ने विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखीं। मुस्लिम इलाकों में काम करने की चुनौतियों का जिक्र करते हुए आरएसएस प्रमुख भागवत ने कहा कि अगर अपशब्द कहे जाते हैं तो प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए, क्योंकि इससे टकराव बढ़ता है। भाषा विवाद को उन्होंने स्थानीय बीमारी बताते हुए कहा कि इसे फैलने नहीं देना चाहिए। घर वापसी पर उन्होंने कहा कि अलग-अलग धार्मिक विचारों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन जबरन धर्मांतरण के मामलों में लोगों को उनकी इच्छा से वापस लाने की बात कही। मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विशेष व्याख्यानमाला में तमाम बड़ी हस्तियां पहुंची थीं। अभिनेता सलमान खान की उपस्थिति ने सभी का ध्यान खींचा था। मुंबई में यह कार्यक्रम पहले होना था लेकिन राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत पर इस रद्द कर दिया गया था।
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