बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं से जनजीवन ठप, प्रशासन ने जारी किया उच्च सतर्कता संदेश
स्पेन और पुर्तगाल इन दिनों लगातार आ रहे तूफानों और मूसलाधार बारिश की चपेट में हैं। खराब मौसम ने दोनों देशों में जनजीवन को गहराई से प्रभावित किया है। कई क्षेत्रों में नदियां उफान पर हैं, खेत पानी में डूब गए हैं, सड़क संपर्क टूट गया है और हजारों परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता ने चिंता बढ़ा दी है।
अंदालूसिया में बड़े पैमाने पर विस्थापन
स्पेन के दक्षिणी हिस्से अंदालूसिया में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बताई जा रही है। यहां 11 हजार से ज्यादा लोगों को एहतियातन घर खाली कराए गए हैं। कई कस्बों में पानी बस्तियों के बेहद करीब पहुंच गया, जिसके बाद प्रशासन ने राहत शिविरों की व्यवस्था की। बचाव दल लगातार संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालने में जुटे हैं।
देशभर में लगभग 170 सड़कों को बंद करना पड़ा है। कई राजमार्गों पर पानी भरने और मलबा आने से यातायात बाधित हुआ है। परिवहन व्यवस्था चरमराने से आपूर्ति श्रृंखला पर भी असर पड़ रहा है।
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नया खतरा: मार्टा
स्पेन की मौसम एजेंसी एईएमईटी ने नए तूफान ‘मार्टा’ को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और समुद्री तटों पर खतरनाक लहरें उठ सकती हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बदल रहे मौसम पैटर्न के कारण पहले से प्रभावित इलाकों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
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खेती पर गहरा असर
किसान संगठनों ने बताया कि ब्रोकली, गाजर और फूलगोभी जैसी सब्जियों की फसलें पूरी तरह पानी में डूबी हुई हैं। हजारों हेक्टेयर भूमि पर खड़ी फसल बर्बादी के कगार पर है। कई किसानों ने इसे वर्षों में आई सबसे कठिन परिस्थिति बताया है।
उनका कहना है कि यदि पानी जल्दी नहीं उतरा तो मिट्टी की उर्वरता और अगली बुवाई भी प्रभावित होगी। नुकसान का अनुमान करोड़ों यूरो में लगाया जा रहा है और सरकार से तत्काल राहत पैकेज की मांग तेज हो गई है।
भूस्खलन का डर
मलागा प्रांत के पहाड़ी इलाकों में लगातार जलभराव के कारण जमीन खिसकने की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने जमीन में हल्के कंपन महसूस होने की बात कही है। हालांकि प्रशासन ने तत्काल बड़े खतरे से इनकार किया है, फिर भी एहतियात के तौर पर वैज्ञानिक दलों को निगरानी में लगाया गया है।
विशेषज्ञ भूगर्भीय गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं ताकि समय रहते चेतावनी दी जा सके।
ग्वाडलकिविर नदी का बढ़ता जलस्तर
कोर्डोबा प्रांत में ग्वाडलकिविर नदी तेजी से उफान पर है। रिहायशी इलाकों को खाली कराया जा रहा है और तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है। सरकार ने आशंका जताई है कि अगले दो दिनों में जलस्तर और ऊपर जा सकता है, जिससे निचले क्षेत्रों में खतरा बढ़ेगा।
राहत एजेंसियां संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटा रही हैं।
पुर्तगाल में भी आपात हालात
पड़ोसी पुर्तगाल में भी तूफानी मौसम ने जनजीवन को प्रभावित किया है। कई शहरों में रेल सेवाएं बाधित हुई हैं। कुछ स्थानों पर निर्धारित मतदान प्रक्रिया को भी टालना पड़ा। सरकार ने हजारों राहतकर्मियों को तैनात किया है, जो जलभराव वाले क्षेत्रों में मदद पहुंचा रहे हैं।
लगातार आ रही चेतावनियों और बदलते हालात ने पूरे आइबेरियन क्षेत्र में अनिश्चितता पैदा कर दी है। प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील कर रहा है।
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