ईरानी गैंग का सरगना व कुख्यात बदमाश राजू ईरानी सूरत में गिरफ्तार, पूछताछ करने भोपाल पुलिस रवाना

भोपाल। राजधानी भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र स्थित अमन कॉलोनी ईरीनी डेरे के गदबाशों का सरगना और कुख्यात बदमाश राजू ईरानी को सूरत पुलिस ने गिरफ्तार किया है। राजू ईरानी के खिलाफ 20 से अधिक अपराध पंजीबद्ध हैं। वह ईरानी गैंग का सरगना है। भोपाल पुलिस द्वारा 27-28 दिसंबर की दरमियानी देर रात से अल सुबह तक भोपाल पुलिस ने अमन कॉलोनी ईरानी डेरे पर सैकड़ों पुलिसकर्मियों के साथ छापा मारा था। इस छापेमारी में भोपाल पुलिस ने ईरानी गैंग के 10 महिलाओं सहित 34 अपराधियों को गिरफ्तार किया था। यह बदमाश अलग-अलग अपराधों में वांछित थे। जिन बदमाशों पर कोई गंभीर अपराध दर्ज नहीं था, वह भी छापामारी करने पहुंची पुलिस टीम पर हमला करने में गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस ने हमला करने वाले बदमाशों पर मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था। इस मामले की जांच निशातपुरा पुलिस कर रही  है। 

भोपाल पुलिस रिमांड पर लेकर करेगी पूछताछ

भोपाल पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कुख्यात बदमाश राजू ईरानी के खिलाफ भोपाल सहित देश के कई बड़े शहरों में अलग-अलग तरह के वारदात करने संबंधी अपराध पंजीबद्ध हैं। वह नकली पुलिस अधिकारी, सीबीआई अधिकारी बनकर भोपाल के आसपास और दिल्ली सहित दक्षिण भारत के कई शहरों में लूट और ठगी भी कर चुका है। सूरत पुलिस ने शुक्रवार को उसे एक मामले में गिरफ्तार किया है। राजू ईरानी को सूरत पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की सूचना मिलने के बाद भोपाल पुलिस की एक विशेष टीम को सूरत के लिए रवाना किया गया है। भोपाल पुलिस की यह टीम सूरत पुलिस के साथ मिलकर पूछताछ करेगी। इतना ही नहीं सूरत पुलिस की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद भोपाल पुलिस उस प्रोडक्शन वारंट पर लेकर भोपाल आएगी और विभिन्न अपराधों में पूछताछ करेगी। राजू ईरानी की गिरफ्तारी से ईरानी गैंग द्वारा देशभर में की गईं बड़ी वारदातों की कड़ी जोड़ने में बहुत सफलता मिलेगी, क्योंकि लूट की वारदात के बाद अधिकांश बदमाश भोपाल के अमन कॉलोनी ईरानी डेरे में ही शरण लेते थे। लूट और चोरी की देशभर में होने वाली वारदातों के सामान का हिस्सा-बांट गिरोह के सदस्यों के बीच राजू ईरानी ही करता है। 

14 आरोपियों को मिल चुकी है जमानत

भोपाल के अमन कॉलोनी ईरानी डेरे के 34 बदमाशों, आरोपियों को भोपाल पुलिस ने 28 दिसंबर को बड़ी मशक्कत के बाद एक साथ गिरफ्तार किया था। शातिरों ने भोपाल जिला अदालत में फर्जी जमानतदारों को खड़ा करके गिरोह के 14 आरोपियों को जमानत दिलवा दी है। जांच में सामने आया कि जमानत के लिए उन व्यक्तियों के दस्तावेज लगाकर खड़ा किया गया था, जो दो साल पहले मर हो चुके हैं। पुलिस अब इस फर्जीवाड़े में फर्जी जमानत का गिरोह संचालित करने वालों की तलाश कर रही है। जल्दी ही उनके खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किए जाने की संभावना है।

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