ऑपरेशन सिंदूर रुका है, खत्म नहीं हुआ सीडीएस अनिल चौहान

अनिल चौहान भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल ने कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर बस कुछ समय के लिए रुका है, खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान को अपनी सैन्य व्यवस्था में बड़े बदलाव करने पड़े। बल्कि उसे अपने संविधान में भी संशोधन करना पड़ा। इससे यह साफ है कि पाकिस्तान को इस अभियान में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा।जनरल चौहान ने पुणे पब्लिक पॉलिसी फेस्टिवल में यह बातें कहीं हैं।

पाकिस्तान को बनाना पड़ा नया सैन्य पद

सीडीएस ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस नाम का नया पद भी बनाया है। इसका मकसद तीनों सेनाओं को एक साथ काम कराने का था। पाकिस्तान ने इसी के लिए अपने संविधान के अनुच्छेद 243 में बदलाव किए है। उन्होंने जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन का पद खत्म कर दिया और उसकी जगह नया पद बना दिया। हालांकि, यह पद सिर्फ सेना प्रमुख को देना संयुक्तता (Jointness) के सिद्धांत के विरोध में माना जा रहा है।

तैयार हो रहा इमरजेंसी नया सिस्टम 

जनरल चौहान ने यह भी बताया है कि भारत आपातकालीन हालात में तेजी से फैसले लेने के लिए एक स्टैंडर्ड सिस्टम तैयार कर रहा है। मुश्किलों के समय सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल बना रहेगा।

थिएटर कमांड की समय सीमा बढ़ी

भारत में प्रस्तावित संयुक्त थिएटर कमांड को लागू करने की समय सीमा अब 30 मई 2026 तक बढ़ा दी गई है। हालांकि, भारतीय सशस्त्र बल इसे तय समय से पहले लागू करने की कोशिश कर रहे हैं।

ऑपरेशन सिंदूर से मिले अहम सबक

सीडीएस ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद उच्च रक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल सबक सामने आए हैं। भारतीय सेना पहले भी उरी, डोकलाम, गलवान, बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों में अलग-अलग कमांड सिस्टम के तहत काम कर चुकी है। इन अनुभवों से सेना की रणनीति और कमांड व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।

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