करियप्पा परेड ग्राउंड में वार्षिक एनसीसी पीएम रैली, युवा शक्ति और राष्ट्रभाव का भव्य प्रदर्शन

एनसीसी केवल संगठन नहीं, युवा-शक्ति का आंदोलन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के करियप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित वार्षिक एनसीसी पीएम रैली को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय कैडेट कोर केवल एक संगठन नहीं है, बल्कि यह भारत की युवा-शक्ति को आत्मविश्वासी, अनुशासित, संवेदनशील और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनाने वाला आंदोलन है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत के युवाओं को बड़े भरोसे से देख रही है और इसके पीछे उनके कौशल, संस्कार और मूल्य हैं।

युवाओं की प्रस्तुतियों में दिखी ऊर्जा और अनुशासन

प्रधानमंत्री ने एनसीसी दिवस के अवसर पर कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवकों, झांकी कलाकारों और देशभर से आए युवाओं की प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तुतियों में युवाओं की ऊर्जा, समर्पण और अनुशासन स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जो भारत के उज्ज्वल भविष्य की झलक देता है।

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14 लाख से 20 लाख तक बढ़ी एनसीसी कैडेट्स की संख्या

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय कैडेट कोर की भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि बीते वर्षों में एनसीसी कैडेट्स की संख्या 14 लाख से बढ़कर 20 लाख हो गई है। सीमावर्ती और तटीय क्षेत्रों में एनसीसी की उपस्थिति बढ़ी है, जिससे युवाओं में राष्ट्र सुरक्षा और जिम्मेदारी की भावना मजबूत हुई है। इस वर्ष बड़ी संख्या में गर्ल्स कैडेट्स की भागीदारी को उन्होंने महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण बताया।

विरासत और इतिहास को जीवंत कर रहा एनसीसी

प्रधानमंत्री ने कहा कि एनसीसी युवाओं को ऐसा मंच देता है जहां भारत की विरासत को गर्व के साथ जिया जाता है। उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उत्सव का उल्लेख किया। साथ ही परमवीर सागर यात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि अंडमान-निकोबार के 21 द्वीपों का नाम परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखा गया और एनसीसी कैडेट्स ने इस भावना को देशभर में पहुंचाया। लक्षद्वीप के आइलैंड फेस्टिवल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां समुद्र, संस्कृति और प्रकृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।

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शौर्य और नेतृत्व की कहानियां जन-जन तक

प्रधानमंत्री ने कहा कि एनसीसी ने इतिहास को स्मारकों से निकालकर सड़कों तक जीवंत किया है। बाजीराव पेशवा के शौर्य, लाचित बोरफुकन की रणनीतिक क्षमता और भगवान बिरसा मुंडा के नेतृत्व को साइकिल रैलियों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने के प्रयासों की उन्होंने सराहना की। सम्मान प्राप्त करने वाले कैडेट्स को उन्होंने बधाई दी।

युवाओं के लिए अवसरों का स्वर्णकाल

लाल किले से दिए गए अपने संबोधन को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यही सही समय है और यही सबसे अच्छा समय है। उन्होंने कहा कि आज का दौर भारतीय युवाओं के लिए अवसरों का स्वर्णकाल है और सरकार का प्रयास है कि इसका अधिकतम लाभ युवाओं को मिले।

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भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता और नए अवसर

प्रधानमंत्री ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे दुनिया गेम-चेंजर मान रही है। उन्होंने बताया कि भारत पहले भी ओमान, न्यूज़ीलैंड, ब्रिटेन, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और मॉरीशस के साथ ऐसे समझौते कर चुका है। इन समझौतों से करोड़ों युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा हुए हैं।

भारतीय युवाओं पर दुनिया का भरोसा क्यों

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय युवाओं पर दुनिया का भरोसा उनके लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना के कारण है। उन्होंने कहा कि भारतीय डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षक दुनिया के कई देशों में स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और सामाजिक विकास में अहम योगदान दे रहे हैं।

स्टार्टअप, तकनीक और वैश्विक नेतृत्व

प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं की मेहनत और प्रतिभा के कारण भारत आज वैश्विक आईटी व्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। स्टार्टअप, अंतरिक्ष और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में भारत नेतृत्व कर रहा है। भारत-ईयू एफटीए युवाओं के लिए ‘फ्रीडम टू एस्पायर’ है, जिससे स्टार्टअप्स को फंडिंग, नवाचार और वैश्विक बाजार तक पहुंच मिलेगी।

यूरोप के जॉब मार्केट से सीधा जुड़ाव

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मुक्त व्यापार समझौता आत्मनिर्भर भारत और ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ को गति देगा। इससे निवेश बढ़ेगा, नए उद्योग लगेंगे और कृषि, मत्स्य तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में किसानों और ग्रामीण युवाओं को नए बाजार मिलेंगे। यह समझौता भारतीय युवाओं को यूरोप के जॉब मार्केट से सीधे जोड़ता है।

रक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य पर युवाओं से अपील

प्रधानमंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित झांकी की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक युद्ध में तकनीक और कौशल की भूमिका बढ़ रही है। उन्होंने युवाओं से रक्षा स्टार्टअप्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वदेशी तकनीक के अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। साथ ही स्वच्छता अभियानों, पर्यावरण संरक्षण, ‘एक पेड़ मां के नाम’ और भोजन में तेल की मात्रा 10 प्रतिशत कम करने की अपील दोहराई।

विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि एनसीसी से जुड़े युवा जीवन की हर परीक्षा में सफल होंगे और विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, डॉ. मनसुख मांडविया, संजय सेठ सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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