२९ नगर निगमों में भाजपा गठबंधन का दबदबा, बीएमसी में भी टूटा तीन दशक पुराना किला

महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए राज्य की शहरी राजनीति की दिशा और दशा दोनों बदल दी हैं। २९ नगर निगमों के नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शहरी मतदाता इस बार निर्णायक रूप से भाजपा के पक्ष में खड़ा दिखाई दिया। अकेले भाजपा ने १७ नगर निगमों में पूर्ण बहुमत हासिल कर महापौर बनाने का रास्ता साफ कर लिया है, जबकि उसके नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने कुल २५ नगर निगमों में जीत दर्ज कर विपक्ष को हाशिये पर धकेल दिया है।

मतगणना के आंकड़े और सत्ता का नया गणित

राज्य चुनाव आयोग द्वारा घोषित अंतिम नतीजों के अनुसार, २९ नगर निगमों की कुल २,८६९ सीटों में से भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने १,४२५ सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत स्थापित किया। अकेले भाजपा ने १,४४१ पार्षदों के साथ खुद को राज्य की सबसे बड़ी शहरी राजनीतिक ताकत के रूप में स्थापित किया। इसके मुकाबले शिंदे समूह की शिवसेना को ४०८ सीटें मिलीं और वह दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि कांग्रेस ३१७ सीटों के साथ तीसरे स्थान पर रही। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अजित पवार गुट को १६४ सीटें और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना यूबीटी को १५४ सीटों पर संतोष करना पड़ा। इसके अलावा एमआईएम, मनसे, बसपा, राकांपा एसपी, अन्य पंजीकृत दलों और निर्दलीयों ने भी कुछ सीटें हासिल कीं, लेकिन सत्ता के समीकरण में उनकी भूमिका सीमित रही।

बीएमसी में सत्ता परिवर्तन: उद्धव ठाकरे का गढ़ ढहा

इन चुनावों का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश मुंबई की बृहन्मुंबई महानगरपालिका से सामने आया, जहां भाजपा–शिवसेना (शिंदे) गठबंधन ने दशकों से चले आ रहे ठाकरे परिवार के प्रभुत्व को समाप्त कर दिया। बीएमसी में भाजपा ८९ सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी और महापौर पद की दावेदारी मजबूत कर ली। यह परिणाम केवल एक नगर निगम की जीत नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में प्रतीकात्मक सत्ता परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। बीएमसी को हमेशा से राज्य की राजनीति की धुरी माना जाता रहा है और यहां की हार ने शिवसेना यूबीटी को गहरा झटका दिया है।

भाजपा नेतृत्व की प्रतिक्रिया: विकास और प्रशासन पर जोर

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने विजयी पार्षदों को बधाई देते हुए इस जीत को विकास, स्वच्छ प्रशासन और पारदर्शिता के प्रति जनता के विश्वास का परिणाम बताया। उनका कहना है कि शहरी मतदाताओं ने बुनियादी सुविधाओं, सड़क, पानी, सफाई और डिजिटल सेवाओं में सुधार को प्राथमिकता दी और इसी एजेंडे के आधार पर भाजपा को समर्थन दिया। पार्टी नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि नए नगर निगमों में विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ प्रशासनिक जवाबदेही को और मजबूत किया जाएगा।

विपक्ष में तीखी प्रतिक्रिया और आरोप-प्रत्यारोप

चुनावी नतीजों के बाद विपक्षी खेमे में असंतोष और आक्रोश साफ नजर आया। शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राऊत ने शिंदे गुट पर तीखा हमला बोलते हुए एकनाथ शिंदे को शिवसेना का ‘जयचंद’ करार दिया। सोशल मीडिया पर की गई उनकी टिप्पणी ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया। राऊत का कहना है कि यदि शिंदे अलग न होते, तो भाजपा को मुंबई में कभी महापौर पद न मिलता। वहीं शिंदे गुट और भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को जनता के फैसले का अपमान बताते हुए खारिज किया।

शहरी मतदाता का संदेश और भविष्य की राजनीति

विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव परिणाम केवल नगर निगमों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की रणनीति पर भी असर डालेंगे। शहरी क्षेत्रों में भाजपा की मजबूत पकड़ यह संकेत देती है कि पार्टी का संगठनात्मक ढांचा और जमीनी नेटवर्क विपक्ष से कहीं अधिक सशक्त है। वहीं कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी के लिए यह आत्ममंथन का समय है कि शहरी मतदाताओं से उनका जुड़ाव क्यों कमजोर पड़ा।

सत्ता में भागीदारी और प्रशासनिक चुनौतियां

हालांकि भाजपा १३ नगर निगमों में अपने बलबूते महापौर बनाने जा रही है, लेकिन करीब १२ नगर निगमों में उसे सहयोगी दलों के साथ मिलकर सत्ता संभालनी होगी। ऐसे में गठबंधन धर्म निभाना और विकास कार्यों में समन्वय बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। शहरी समस्याओं जैसे ट्रैफिक, कचरा प्रबंधन, आवास और जल आपूर्ति पर जनता की अपेक्षाएं अब और बढ़ गई हैं, जिन पर खरा उतरना नई नगर परिषदों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।

कुल मिलाकर महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की शहरी राजनीति में भाजपा का वर्चस्व स्थापित हो चुका है। यह जीत न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रशासनिक और विकासात्मक नीतियों के लिए भी निर्णायक साबित हो सकती है।

स्वदेश ज्योति के द्वारा | और भी दिलचस्प खबरें आपके लिए… सिर्फ़ स्वदेश ज्योति पर!

कोहली और कुलदीप ने किए महाकाल के दर्शन, भस्म आरती में हुए शामिल

ईरान से लौटे भारतीय दिल्ली एयरपोर्ट पर फूट-फूटकर रोए: बोले– इंटरनेट बंद था, हालात बेहद डरावने

अरुणाचल में जमी झील में फिसलकर दो युवक डूबे: बर्फ की परत टूटने से हादसा, दोनों शव बरामद

कश्मीर-हिमाचल में बर्फबारी, यूपी के 53 शहरों में घना कोहरा: सड़क हादसों में 5 मौत, 40 गाड़ियां टकराईं