हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के बीच फंसे थे छात्र, परिवार से मिलते ही छलके आंसू

नई दिल्ली। ईरान में जारी भीषण हिंसा और अस्थिर हालात के बीच वहां फंसे भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है। शुक्रवार देर रात ईरान से लौटे कई भारतीय नागरिक दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे, जहां अपने परिजनों को देखते ही भावनात्मक दृश्य देखने को मिले। महीनों की अनिश्चितता, डर और तनाव के बाद अपनों से मिलते ही कई लोग फूट-फूटकर रो पड़े। लौटने वालों में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हैं, जो पढ़ाई के सिलसिले में ईरान गए थे।

“वहां हालात बहुत खराब हैं” – लौटे नागरिकों की आपबीती

ईरान से लौटे जम्मू-कश्मीर के एक युवक ने बताया कि वहां हालात बेहद खराब और डरावने हो चुके हैं। आए दिन खतरनाक विरोध-प्रदर्शन हो रहे थे और इंटरनेट लंबे समय तक बंद रहा, जिससे परिवार से संपर्क टूट गया था। उन्होंने कहा कि घर से बाहर निकलना भी जोखिम भरा हो गया था, क्योंकि प्रदर्शनकारी अचानक सड़कों पर आ जाते थे और कई बार वाहनों को रोक लेते थे। एक अन्य युवक ने बताया कि वे करीब एक महीने तक ईरान में फंसे रहे। शुरू के कुछ दिन किसी तरह कट गए, लेकिन जैसे-जैसे हालात बिगड़ते गए, डर बढ़ता चला गया। उन्होंने कहा कि एक-दो हफ्तों के बाद रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया था।

मेडिकल स्टूडेंट ने बताया दूतावास का अनुभव

ईरान से लौटी मेडिकल छात्रा अर्श दहरा ने बताया कि भारतीय दूतावास ने उनसे संपर्क किया था और लगातार स्थिति की जानकारी ली जा रही थी। हालांकि उन्होंने अपने स्तर पर निजी फ्लाइट से टिकट लेकर भारत लौटने का फैसला किया। उनका कहना था कि हिंसा, गोलीबारी और विरोध प्रदर्शनों की खबरों के बीच वहां रहना सुरक्षित नहीं लग रहा था।

28 दिसंबर से भड़की हिंसा, 3 हजार से ज्यादा मौतें

ईरान में 28 दिसंबर 2025 से हिंसा भड़कनी शुरू हुई थी। इसकी मुख्य वजह वहां की मुद्रा रियाल का ऐतिहासिक रूप से गिरना और बढ़ती महंगाई के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन रहे। धीरे-धीरे ये विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए और देश के सभी 31 प्रांतों में फैल गए। सरकारी और गैर-सरकारी रिपोर्टों के अनुसार अब तक 3 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर की मौत गोली लगने से हुई है। हालात इतने बिगड़ गए कि आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।

एयरस्पेस बंद होने से बढ़ी मुश्किलें

हिंसा के बीच ईरान ने 14 जनवरी को अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया था, जिससे वहां मौजूद विदेशी नागरिकों की परेशानी और बढ़ गई। इसके बाद तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी थी। 15 जनवरी को एयरस्पेस दोबारा खोले जाने के बाद कई भारतीय नागरिक विशेष प्रयासों और निजी फ्लाइट्स के जरिए स्वदेश लौट सके।

भारत सरकार और विदेश मंत्रालय की सक्रियता

भारत सरकार और विदेश मंत्रालय ने हालात पर लगातार नजर बनाए रखी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को बताया कि इस समय ईरान में करीब 9 हजार भारतीय नागरिक रह रहे हैं, जिनमें अधिकांश छात्र हैं। हालिया घटनाक्रमों को देखते हुए भारतीय नागरिकों को उपलब्ध साधनों से ईरान छोड़ने की सलाह दी गई है।

हेल्पलाइन और एडवाइजरी जारी

इससे पहले गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की थी। इसमें लोगों से अपने पासपोर्ट, वीजा और जरूरी दस्तावेज हमेशा तैयार रखने को कहा गया था। भारतीय दूतावास ने सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर +989128109115, +989128109109, +989128109102 और +989932179359 जारी किए हैं। 

अंतरराष्ट्रीय तनाव ने बढ़ाई चिंता

भारत सरकार की यह एडवाइजरी उस समय आई, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर ईरान सरकार प्रदर्शनों का जवाब हिंसा से देती रही, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। इस बयान के बाद क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय तनाव और गहरा गया, जिससे वहां मौजूद विदेशी नागरिकों की चिंता बढ़ गई।

स्वदेश लौटकर मिली राहत

दिल्ली एयरपोर्ट पर लौटे भारतीय नागरिकों के चेहरों पर डर और राहत दोनों साफ नजर आ रहे थे। कई लोगों ने कहा कि भारत लौटकर उन्हें सुकून मिला है और अब वे अपने परिवार के बीच सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हालांकि ईरान में फंसे बाकी भारतीयों को लेकर चिंता अब भी बनी हुई है।