तवांग की सेला झील में दर्दनाक घटना, केरल से घूमने आए थे दोनों युवक
ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में स्थित प्रसिद्ध सेला लेक में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। जमी हुई झील के ऊपर घूम रहे पर्यटकों के एक समूह के दौरान बर्फ की परत टूटने से केरल के दो युवक बर्फीले पानी में डूब गए। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों युवकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इस घटना ने एक बार फिर ऊंचाई वाले इलाकों में जमी झीलों की खतरनाक हकीकत को सामने ला दिया है।
केरल के थे दोनों मृतक, पर्यटक दल के साथ आए थे तवांग
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान दिनु (26) और महादेव (24) के रूप में हुई है। दोनों केरल के रहने वाले थे और सात लोगों के एक पर्यटक समूह के साथ असम के गुवाहाटी होते हुए अरुणाचल प्रदेश के तवांग घूमने पहुंचे थे। शुक्रवार दोपहर यह समूह सेला झील के पास पहुंचा, जहां झील के ऊपर जमी बर्फ की सतह देखकर कुछ पर्यटक वहां मौज-मस्ती करने लगे। इसी दौरान यह हादसा हो गया।
एक युवक गिरा, बचाने के प्रयास में दो जानें गईं
जानकारी के अनुसार जमी हुई झील के ऊपर चलते समय अचानक बर्फ की परत टूट गई, जिससे एक युवक सीधे झील के पानी में गिर गया। उसे डूबता देख दिनु और महादेव उसे बचाने के लिए तुरंत झील में उतर गए। हालांकि जो युवक पहले गिरा था, वह किसी तरह बाहर निकल आया, लेकिन दिनु और महादेव बर्फीले पानी में संतुलन नहीं बना सके और तेज ठंड व गहराई के कारण झील में बह गए।
सूचना मिलते ही शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
तवांग के पुलिस अधीक्षक डी.डब्ल्यू. थोंगोन ने बताया कि प्रशासन को करीब दोपहर तीन बजे घटना की सूचना मिली। इसके तुरंत बाद जिला पुलिस, सेना, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और आईटीबीपी की संयुक्त टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। खराब मौसम, बर्फीले हालात और पानी के भीतर बेहद कम दृश्यता के कारण बचाव कार्य में भारी दिक्कतें आईं।
पहला शव शुक्रवार, दूसरा शनिवार को मिला
लगातार प्रयासों के बावजूद पहले दिन केवल एक युवक का शव बरामद किया जा सका। अंधेरा होने और मौसम बिगड़ने के कारण दूसरे लापता युवक की तलाश रोकनी पड़ी। शनिवार सुबह करीब आठ बजे दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इसके बाद एसडीआरएफ और सेना के चार प्रशिक्षित गोताखोरों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद दूसरा शव भी झील से बाहर निकाला। दोनों शवों को जंग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखा गया है, जहां पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया की जाएगी।
जमी झीलों पर चलना बेहद खतरनाक
पुलिस अधीक्षक डी.डब्ल्यू. थोंगोन ने बताया कि जमी हुई झीलें देखने में भले ही सुरक्षित लगती हों, लेकिन उनकी बर्फ की परत मानव भार सहन करने योग्य नहीं होती। उन्होंने कहा कि सेला झील सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और पर्यटकों को स्पष्ट रूप से जमी झीलों पर न चलने की सलाह दी जाती है। इसके बावजूद लापरवाही के कारण इस तरह के हादसे सामने आ रहे हैं।
दिसंबर में भी जारी किया गया था अलर्ट
प्रशासन ने बताया कि सर्दियों के मौसम को देखते हुए दिसंबर में भी पर्यटकों के लिए अलर्ट जारी किया गया था। इसमें साफ कहा गया था कि अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित जमी झीलों और बर्फीले इलाकों में सावधानी बरतें और निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि इस घटना के बाद एक बार फिर सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा।
13 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित है सेला झील
सेला झील करीब 13 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित है और यह तवांग का एक प्रमुख पर्यटन स्थल माना जाता है। सर्दियों में झील के ऊपर मोटी बर्फ जम जाती है, जो पर्यटकों को आकर्षित करती है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बर्फ अस्थायी होती है और कभी भी टूट सकती है, जिससे जानलेवा हादसे हो सकते हैं।
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