प्रधानमंत्री मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति स्टब के बीच द्विपक्षीय वार्ता

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के बीच गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस बैठक में दोनों देशों ने अपने संबंधों को एक नई ऊंचाई देते हुए रणनीतिक साझेदारी में बदलने का फैसला किया।

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भारत और फिनलैंड ने अपनी दूरसंचार सेवाओं, डाटा विश्लेषण, क्वांटम कम्प्यूटिंग और एआई के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने तथा चक्रीय अर्थव्यवस्था एवं सतत शहरी समाधान तलाशने के लिए अपनी साझेदारी को मजबूत करने का फैसला किया है। दोनों देश ‘डिजिटलीकरण और स्थिरता में रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाने पर सहमति हुए हैं। 

दोनों देश 2030 तक अपने व्यापार को दोगुना करेंगे

दोनों देश 2030 तक अपने व्यापार को दोगुना करेंगे। फिनलैंड भारतीय कौशल को अपने यहां अवसर मुहैया कराएगा। इसके साथ ही भारतीय स्टार्टअप को भी अवसर प्रदान करेगा। इस साल दोनों देश मिलकर भारत में विश्व सर्कुलर अर्थव्यस्था फोरम का आयोजन करेंगे। 

वार्ता के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इसे यह साझा प्रगति और समृद्धि के लिए साझेदारी का निर्माण की संज्ञा दी। उन्होंने बताया कि एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दोनों नेताओं ने भारत-फिनलैंड संबंधों को ‘डिजिटलीकरण और स्थिरता में रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। 

दोनों देशों के बीच गुरुवार को हुई द्विपक्षीय वार्ता में 11 बिन्दुओं पर सहमति बनी है। इसमें स्टार्टअप सहयोग, 6जी व डिजिटलाइजेशन पर अलग-अलग संयुक्त कार्यबल, डिजिटल व पर्यावरण से जुड़े विषयों पर संयुक्त शोध, सांख्यिकी तथा पर्यावरण के क्षेत्र में सहयोग और आवाजाही संबंधी मामलों पर काउंसलर डॉयलॉग की स्थापना का निर्णय लिया गया है। दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, डिजिटलीकरण और स्थिरता, स्वच्छ ऊर्जा और चक्रीय अर्थव्यवस्था, सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिज, शिक्षा और नवाचार, एआई, 6जी, क्वांटम कंप्यूटिंग सहित प्रौद्योगिकी और गतिशीलता तथा जन-संबंधों के क्षेत्रों में सहयोग को व्यापक और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

क्षेत्रीय और वैश्विक चिंताओं पर विचार साझा

प्रवक्ता ने कहा कि दोनों नेताओं ने आतंकवाद के सभी रूपों को समाप्त करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया। नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक चिंताओं से संबंधित मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने बहुपक्षीय मंचों पर भी सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। नेताओं ने हाल ही में संपन्न भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) द्वारा व्यापार, निवेश, निर्यात, रोजगार और विनिर्माण साझेदारी के लिए खोले गए नए अवसरों का लाभ उठाने पर सहमति व्यक्त की। मोदी ने डिजिटल परिवर्तन, कौशल विकास और व्यापार में सुगमता के क्षेत्र में भारत की पहलों पर प्रकाश डाला और भारत के प्रमुख कार्यक्रमों में फिनलैंड की भागीदारी बढ़ाने का निमंत्रण दिया।

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स्टब ने मोदी के कूटनीतिक कौशल को माना

राष्ट्रपति स्टब ने भारतीय विदेश नीति को एक व्यावहारिक और यथार्थवादी आधार पर लाने तथा बहुपक्षवाद और वैश्विक सहयोग के विस्तार के साथ रणनीतिक स्वायत्तता की रक्षा सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री मोदी के कूटनीतिक कौशल की आज मुक्त कंठ से प्रशंसा की। स्टब ने कहा कि इस उथल-पुथल भरे दौर में दुनिया को भारत के कूटनीतिक मार्ग को समझने एवं अनुसरण करने की जरूरत है। स्टब ने अपने वक्तव्य में यह टिप्पणी की और यह भी कहा कि भारत के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक सीट अत्यंत महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रपति स्टब ने प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि मैं आपके कूटनीतिक कौशल को सलाम करता हूं, जब आप कहते हैं कि हम यहां दो बड़े लोकतंत्रों के रूप में खड़े हैं। एक बड़ा और एक थोड़ा छोटा है, लेकिन मुझे लगता है कि मुख्य संदेश यह है कि हम मूल्यों को साझा करते हैं। मैंने अभी नई दिल्ली की सड़कों पर देखा है और मैं शायद कुछ दिनों में मुंबई में बहुत कुछ देखूंगा, जो स्पष्ट है। यह एक आर्थिक चमत्कार है जिसे हम देख रहे हैं।

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