विपक्ष के हंगामे से बार-बार स्थगित हुई कार्यवाही, नारेबाजी और पोस्टर प्रदर्शन से गरमाया संसद परिसर

बजट सत्र के छठे दिन की शुरुआत से ही गरमाया माहौल

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के बुधवार को छठे दिन की शुरुआत होते ही लोकसभा में तीखा राजनीतिक टकराव देखने को मिला। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी दलों ने अमेरिका-भारत व्यापार और टैरिफ समझौते को लेकर जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। कार्यवाही के दौरान वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में सरकार की ओर से बयान देते हुए इस समझौते को भारत के लिए ऐतिहासिक और दूरगामी लाभ वाला बताया, लेकिन विपक्ष के शोर-शराबे के कारण सदन सामान्य रूप से नहीं चल सका।

पीयूष गोयल का बयान: राष्ट्रीय हित सर्वोपरि

लोकसभा में अपने विस्तृत बयान में पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका के साथ किया गया यह टैरिफ समझौता भारत के राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि, खाद्य सुरक्षा और उर्वरक जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भारत के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया गया है। मंत्री के अनुसार यह डील देश के विकास को नई गति देगी और भारतीय उद्योगों के लिए वैश्विक बाजारों के द्वार और अधिक खोलने में सहायक होगी। गोयल ने कहा कि छोटे और मध्यम कारोबारियों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, औद्योगिक इकाइयों और कुशल श्रमिकों को इस समझौते से प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगी नई रफ्तार

गोयल ने अपने भाषण में यह भी रेखांकित किया कि यह व्यापार समझौता ‘भारत में निर्माण, दुनिया के लिए निर्माण’, ‘भारत में डिजाइन, दुनिया के लिए डिजाइन’ और ‘भारत में नवाचार, दुनिया के लिए नवाचार’ जैसे लक्ष्यों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि उन्नत तकनीकों तक भारतीय कंपनियों की पहुंच आसान होगी, जिससे निर्यात बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। मंत्री के अनुसार सरकार ने बातचीत के हर चरण में राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखा और किसी भी दबाव में आकर फैसला नहीं किया गया।

विपक्ष का हंगामा और नारेबाजी

पीयूष गोयल के बयान के दौरान लोकसभा में विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे। विपक्ष की ओर से “विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने दो”, “नरेंद्र मोदी आत्मसमर्पण मोदी” और “नरेंद्र मोदी डरते हैं” जैसे नारे लगाए गए। शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। विपक्ष का आरोप था कि सरकार ने अमेरिका के सामने झुककर समझौता किया है और संसद में इस पर पूरी बहस से बचा जा रहा है।

कार्यवाही स्थगित, सदन केवल कुछ मिनट चला

लगातार हंगामे को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पहले सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। हालांकि जब दोबारा सदन बैठा, तब भी स्थिति नहीं सुधरी और केवल कुछ ही मिनटों में फिर से हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद लोकसभा को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। कुल मिलाकर सदन की कार्यवाही दिन के पहले हिस्से में महज कुछ मिनट ही चल सकी।

निलंबित सांसदों का पोस्टर प्रदर्शन

इससे पहले लोकसभा से निलंबित विपक्ष के आठ सांसदों ने संसद परिसर में पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इन पोस्टरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व सेना प्रमुख और एक विदेशी नागरिक की तस्वीरें लगाई गई थीं और आरोप लगाया गया था कि प्रधानमंत्री ने समझौता कर लिया है। यह नारे और पोस्टर संसद परिसर में चर्चा का विषय बने रहे। इन सांसदों को अध्यक्ष की ओर कागज उछालने की शिकायत के बाद पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किया गया है।

सुबह से ही अमेरिका-भारत डील पर टकराव

बुधवार सुबह जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के मुद्दे पर हंगामा शुरू कर दिया था। विपक्ष का कहना था कि सरकार इस महत्वपूर्ण समझौते पर संसद में खुली चर्चा से बच रही है और विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। इसी हंगामे के चलते सुबह की कार्यवाही भी बार-बार बाधित हुई।

प्रधानमंत्री के संभावित संबोधन पर नजर

राजनीतिक हलकों में इस बात को लेकर भी चर्चा रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान सदन को संबोधित कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो अमेरिका-भारत व्यापार समझौते पर सरकार का पक्ष और अधिक स्पष्ट रूप से सामने आ सकता है। वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से सीधे जवाब की मांग कर रहा है।

ट्रंप से बातचीत और टैरिफ में कटौती का दावा

पीयूष गोयल ने अपने बयान में यह भी जानकारी दी कि 2 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच टेलीफोन पर द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर बातचीत हुई थी। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत पर लागू टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की। गोयल ने जोर देकर कहा कि यह दर कई अन्य प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम है, जिससे भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।

सियासी टकराव के बीच सरकार का भरोसा

लगातार हंगामे और विपक्ष के आरोपों के बावजूद सरकार ने दोहराया कि यह समझौता भारत के दीर्घकालिक आर्थिक हितों के लिए जरूरी है। पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार किसी भी सूरत में देश के हितों से समझौता नहीं करेगी और आने वाले समय में इस डील के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर अपनी आक्रामक रणनीति जारी रखने के संकेत दे रहा है, जिससे बजट सत्र के आगे भी हंगामेदार रहने के आसार हैं।

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