हरिद्वार में विश्व के पहले इंटीग्रेटेड मेडिसिन सिस्टम आधारित हाइब्रिड अस्पताल की ऐतिहासिक शुरुआत

हरिद्वार में स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली नई दिशा

हरिद्वार, 22 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को हरिद्वार में पतंजलि योगपीठ द्वारा संचालित पतंजलि इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का लोकार्पण किया। इस अवसर को भारतीय चिकित्सा इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि यह अस्पताल विश्व का पहला इंटीग्रेटेड मेडिसिन सिस्टम आधारित हाइब्रिड अस्पताल है।

Amit Shah at Patanjali

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योग, आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा का समन्वय

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को हरिद्वार प्रवास पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने योग, आयुर्वेद और सनातन जीवन पद्धति को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित कर रोगमुक्त समाज की अवधारणा पर स्वामी रामदेव के साथ गहन विमर्श किया। उनका कहना था कि भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां आज भी मानव स्वास्थ्य के लिए उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी आधुनिक चिकित्सा, आवश्यकता है तो दोनों के संतुलित समन्वय की।

अस्पताल निरीक्षण और इंटीग्रेटेड सिस्टम की सराहना

लोकार्पण के बाद अमित शाह ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया और यहां विकसित इंटीग्रेटेड मेडिसिन सिस्टम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का एक सशक्त मॉडल है, जहां उपचार के साथ-साथ जीवनशैली सुधार और रोग-निवारण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। उनके अनुसार, एलोपैथी और आयुर्वेद का यह समन्वय देश को स्वास्थ्य क्षेत्र में नई पहचान देगा।

250 बेड की अत्याधुनिक सुविधा से लैस अस्पताल

Amit Shah at Patanjali
Photograph: (x)

इस अवसर पर स्वामी रामदेव ने बताया कि यह नया अस्पताल परिसर वर्तमान में 250 बिस्तरों की क्षमता के साथ शुरू किया गया है। अस्पताल में एलोपैथी की आधुनिक तकनीक से सभी प्रकार की जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही ब्रेन, हार्ट और स्पाइन जैसी जटिल सर्जरी की भी यहां पूरी व्यवस्था की गई है। अस्पताल को चरणबद्ध तरीके से और विस्तारित करने की योजना भी बनाई गई है।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और आधुनिक विभाग

स्वामी रामदेव ने जानकारी दी कि अस्पताल में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, जनरल सर्जरी, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, पैथोलॉजी, डेंटल, आईसीयू और इमरजेंसी मेडिसिन जैसे विभागों में अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात रहेंगे। उनका कहना था कि यह अस्पताल केवल रोगों का उपचार नहीं करेगा, बल्कि योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और जीवनशैली परामर्श के माध्यम से रोग की जड़ पर काम करेगा।

रोगीहित सर्वोपरि: आचार्य बालकृष्ण

पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि पतंजलि अब तक योग, आयुर्वेद, पंचकर्म, षट्कर्म और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से देश और दुनिया के एक करोड़ 38 लाख से अधिक लोगों का उपचार कर चुका है। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल में मुख्यधारा में आयुर्वेद के जरिए उपचार किया जाएगा, जबकि एलोपैथी को वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति के रूप में रखा गया है, ताकि रोगियों के पास सभी विकल्प उपलब्ध रहें।

चौबीस घंटे इमरजेंसी और ट्रॉमा सेवाएं

आचार्य बालकृष्ण ने यह भी बताया कि पतंजलि इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल में चौबीस घंटे इमरजेंसी और ट्रॉमा सेवाएं संचालित रहेंगी। कम खर्च में उच्च स्तरीय जांच सुविधाएं उपलब्ध कराना इस अस्पताल का प्रमुख उद्देश्य है, जिससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें महंगे इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

Amit Shah at Patanjali

स्वास्थ्य सेवा में आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम

यह अस्पताल भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के संगम का प्रतीक है। पतंजलि की यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाएगी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को भी मजबूती देगी। आने वाले समय में यह मॉडल देश और दुनिया के लिए एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

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