ऑपरेशन सिंदूर में निर्णायक भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ अधिकारी को मिली अहम जिम्मेदारी
नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी एयर मार्शल नागेश कपूर को वायु सेना का नया उप प्रमुख नियुक्त किया गया है। उन्होंने गुरुवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और इसके बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। एयर मार्शल कपूर ने यह जिम्मेदारी एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी से संभाली है, जो अब अपना कार्यकाल पूर्ण कर चुके हैं।
ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ा नाम
एयर मार्शल नागेश कपूर का नाम हाल के वर्षों में भारतीय वायु सेना के सबसे महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में गिना जाता है। वे उस समय दक्षिण पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख थे, जब भारतीय वायु सेना ने पिछले वर्ष 6 से 10 मई के बीच ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था। इस अभियान के दौरान पाकिस्तानी एयर बेस पर सटीक और प्रभावी हमले किए गए, जिससे दुश्मन को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इस ऑपरेशन ने न केवल भारतीय वायु सेना की रणनीतिक क्षमता को प्रदर्शित किया, बल्कि वायु शक्ति के प्रभावी उपयोग का भी स्पष्ट संदेश दिया।
दक्षिण पश्चिमी वायु कमान में नेतृत्व
दक्षिण पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व संभालते हुए एयर मार्शल कपूर ने सीमावर्ती क्षेत्रों में वायु सुरक्षा, त्वरित प्रतिक्रिया और ऑपरेशनल तैयारियों को नई मजबूती दी। उनके कार्यकाल के दौरान कमान ने आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और रणनीतिक समन्वय के स्तर पर उल्लेखनीय प्रगति की। ऑपरेशन सिंदूर के समय उनकी नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की दक्षता को सैन्य हलकों में व्यापक सराहना मिली।
तीन दशक से अधिक का गौरवशाली सैन्य कॅरियर
एयर मार्शल नागेश कपूर को 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त हुआ था। तीन दशकों से अधिक के अपने सेवाकाल में उन्होंने भारतीय वायु सेना के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वे नेशनल डिफेंस एकेडमी, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के छात्र रह चुके हैं, जो उनकी पेशेवर शिक्षा और रणनीतिक समझ को दर्शाता है।
अनुभवी फाइटर पायलट और प्रशिक्षक
एयर मार्शल कपूर एक क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और फाइटर कॉम्बैट लीडर हैं। उनके पास 3400 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है, जिसमें उन्होंने कई प्रकार के कॉम्बैट और ट्रेनर एयरक्राफ्ट उड़ाए हैं। मिग-21 और मिग-29 के सभी वेरिएंट्स पर उनकी दक्षता उन्हें भारतीय वायु सेना के सबसे अनुभवी फाइटर पायलटों में शामिल करती है। उन्होंने न केवल फील्ड पोस्टिंग्स में बल्कि प्रशिक्षण और निर्देशात्मक नियुक्तियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वायु सेना के लिए अहम नियुक्ति
वायु सेना के उप प्रमुख के रूप में एयर मार्शल नागेश कपूर की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियां और तकनीकी परिवर्तन तेजी से बढ़ रहे हैं। उनकी ऑपरेशनल समझ, रणनीतिक सोच और नेतृत्व अनुभव से भारतीय वायु सेना की तैयारियों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उनके नेतृत्व में वायु सेना आधुनिकीकरण, संयुक्त अभियानों और भविष्य की चुनौतियों के लिए और अधिक सक्षम बनेगी।
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