विश्व आर्थिक फोरम 2026 में मध्यप्रदेश के निवेश अवसरों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मंच

भोपाल। मध्यप्रदेश के लिए वैश्विक निवेश के नए द्वार खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत मुख्यमंत्री मोहन यादव जनवरी 2026 में स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित होने जा रही विश्व आर्थिक फोरम की वार्षिक बैठक में भाग लेंगे। यह प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मेलन 18 से 23 जनवरी 2026 तक आयोजित होगा, जिसमें दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष, नीति निर्माता, उद्योगपति और वैश्विक संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस मंच पर मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश को एक उभरते हुए निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए राज्य में उपलब्ध व्यापक औद्योगिक और आर्थिक संभावनाओं की जानकारी देंगे।

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वैश्विक संवाद के केंद्र में रहेगा मध्यप्रदेश

विश्व आर्थिक फोरम 2026 का विषय ‘ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग’ और ‘अनलॉकिंग न्यू सोर्सेस ऑफ ग्रोथ’ रखा गया है, जिसके अंतर्गत वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े समकालीन मुद्दों, विकास की नई संभावनाओं और सहयोग के अवसरों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश की निवेश अनुकूल नीतियों, स्थिर प्रशासनिक ढांचे और उद्योग हितैषी वातावरण को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना है। इसके साथ ही बहुराष्ट्रीय कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर राज्य में दीर्घकालिक निवेश को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर रहेगा।

निवेश गंतव्य के रूप में ब्रांड मध्यप्रदेश

दावोस प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री राज्य की ब्रांड छवि को एक फ्यूचर रेडी स्टेट के रूप में सुदृढ़ करने पर फोकस करेंगे। वैश्विक उद्योग जगत के शीर्ष नेतृत्व के साथ होने वाली बैठकों में मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे, कुशल मानव संसाधन, सरल नीतिगत प्रक्रियाओं और तेज़ी से बढ़ते औद्योगिक इकोसिस्टम को प्रमुखता से रखा जाएगा। इस दौरान निवेश के आशय प्रस्तावों पर चर्चा के साथ-साथ वैश्विक नीति निर्माताओं के साथ संस्थागत संबंधों को मजबूत करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

ऑटोमोटिव और न्यू मोबिलिटी में मजबूत इकोसिस्टम

विश्व आर्थिक फोरम में मध्यप्रदेश ऑटोमोटिव और न्यू मोबिलिटी सेक्टर में अपनी सशक्त उपस्थिति को वैश्विक निवेशकों के सामने रखेगा। ईवी मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी स्टोरेज और ऑटो कंपोनेंट्स के क्षेत्र में राज्य में उपलब्ध सुविधाओं और नीतिगत सहयोग को रेखांकित किया जाएगा। विशेष रूप से पीथमपुर जैसे ऑटो क्लस्टर्स की औद्योगिक उपलब्धियों और उत्पादन क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र में नए निवेश को गति मिलने की संभावना है।

अक्षय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन पर विशेष जोर

मध्यप्रदेश अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में भी अपनी अग्रणी भूमिका को दावोस में प्रस्तुत करेगा। ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर प्रोजेक्ट जैसे उदाहरणों के माध्यम से राज्य की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता को रेखांकित किया जाएगा। इसके साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन नीति के अंतर्गत उभरते निवेश अवसरों को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष रखा जाएगा, जिससे स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की भूमिका और मजबूत हो सके।

आईटी, ईएसडीएम और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स

आईटी और ईएसडीएम सेक्टर में इंदौर और भोपाल को उभरते हुए आईटी हब और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य की आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम नीति 2023 के तहत उपलब्ध प्रोत्साहनों, आधुनिक आईटी पार्कों और स्टार्टअप फ्रेंडली वातावरण को वैश्विक कंपनियों के सामने रखा जाएगा। इससे तकनीक आधारित उद्योगों में निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

फूड बॉस्केट ऑफ इंडिया के रूप में पहचान

खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में मध्यप्रदेश को फूड बॉस्केट ऑफ इंडिया के रूप में स्थापित करने की रणनीति को भी दावोस में प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य में स्थापित मेगा फूड पार्कों, कृषि आधारित मूल्य संवर्धन शृंखला और किसानों से उद्योगों तक मजबूत सप्लाई चेन को निवेश के आकर्षक अवसरों के रूप में रखा जाएगा। इससे कृषि और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होने की दिशा में नए रास्ते खुल सकते हैं।

वैश्विक उद्योगपतियों से सीधा संवाद

मुख्यमंत्री मोहन यादव दावोस प्रवास के दौरान फॉर्च्यून 500 कंपनियों के सीईओ और वैश्विक उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकों में भाग लेंगे। इसके अलावा ऑटोमोटिव और न्यू मोबिलिटी, ऊर्जा, आईटी, हेल्थकेयर और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित सेक्टोरल राउंडटेबल बैठकों में राज्य के मौजूदा निवेशक अपने अनुभव साझा करेंगे। मुख्यमंत्री की सहभागिता विश्व आर्थिक फोरम के विभिन्न सत्रों में भी रहेगी, जिनमें श्रम, ऊर्जा सुरक्षा, नवकरणीय ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।

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